फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Operators united on the issue of shutting down tractor-trolley

Kaithal News: ट्रैक्टर-ट्राली बंद करने के मुद्दे पर एकजुट हुए संचालक

Sun, 08 Oct 2023 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 08 Oct 2023 12:31 AM IST
विज्ञापन
Operators united on the issue of shutting down tractor-trolley
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। इस बार धान के सीजन में अनाज मंडियों में ट्रैक्टर-ट्राली बंद करने को लेकर संचालक एकजुट हुए हैं। इन संचालकों ने मंडियों में ट्रैक्टर-ट्राली बंद करने के फैसले पर जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया है।

इस संदर्भ में संचालकों ने शनिवार को कैथल से भाजपा विधायक लीला राम के समक्ष अपना दुखड़ा रोया। इस दौरान संचालकों ने विधायक आवास का घेराव भी किया। संचालकों का कहना था कि ट्रैक्टर-ट्राली के मंडियों में संचालन को लेकर केवल कैथल में ही क्यों रोक लगाई गई है।
विज्ञापन


पहले संंचालक आईटीआई के समीप ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर पहुंचे। यहां पर संचालकों ने डीएफएससी से मिलना था, लेकिन छुट्टी के चलते वह नहीं मिले। इसके बाद सभी संचालक अपनी ट्रैक्टर और ट्रालियां लेकर विधायक के पास गए। इसके बाद विधायक लीला राम ने डीसी प्रशांत पंवार से फोन पर बातचीत की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मौके पर विधायक लीला राम ने कहा कि हरियाणा व पंजाब में कैथल की अनाज मंडी सबसे बड़ी मंडी है। हर वर्ष अच्छी आवक होती है। डीसी से बातचीत हुई है। उन्होंने इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। विधायक ने कहा कि जीपीएस व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता आएगी। इससे लोकेशन की जानकारी मिलेगी।

ये बोले ट्रैक्टर-ट्राली संचालक

ट्रैक्टर-ट्राली संचालक वीरभान कश्यप ने कहा कि प्रशासन उनके मांग करने के बावजूद ट्रैक्टर-ट्राली चलाने के लिए कोई अनुमति नहीं दे रहा है। वह भी अपने ट्रैक्टराें में जीपीएस लगवाने पर राजी है। सीएम सिटी करनाल में इस समय ट्रैक्टर-ट्राली मंडियों में संचालित की जा रही है, लेकिन कैथल में ऐसा नहीं हो रहा है।

संचालन न होने से उनकी रोजी रोटी बंद होगी। ट्रैक्टर-ट्राली न चलने से किसान से लेकर आढ़ती व राइस मिलर भी परेशान हो चुके हैं। उनके पूर्वज अंग्रेजों के समय से यह कार्य कर रहे हैं। पहले बुग्गी चलती थी, लेकिन यह अब ट्रैक्टर-ट्राली बन गई है। ट्रक के ऊंचा होने के कारण लेबर को भी परेशानी हो रही है। क्योंकि उन्हें 20 से 25 फीट ऊंचे में जाकर माल लोड करना पड़ता है।

ट्रैक्टर-ट्राली संचालक राजेश कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर गैर कानूनी बताया जा रहा है। उनका घर तो ट्रैक्टर-ट्राली के चलने से चलता है। सीजन के शुरू होते ही बिना सूचना दिए ही ट्रैक्टर-ट्राली को बंद कर दिया गया है।


उन्होंने बताया कि करीब 200 ट्रैक्टर-ट्राली शहर में है। यह 200 से अधिक परिवार में सीजन के समय भी रोटियों के लाले पड़े हैं। सरकार के खिलाफ कोई नहीं जा सकता है। ट्रैक्टर-ट्राली संचालकों के पास सभी कागजात हैं। फिर भी उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा है। साल में वह तीन महीने में केवल सीजन में ही कार्य करते हैं।

इस मौके पर जयभगवान, राजेंद्र, बलबीर, टोनी, पप्पू, राकेश, सोमी, नरेश, क्रांति, मुकेश व कृष्ण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed