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पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के बाद प्याज ने रुलाया
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Onion made us cry after the increased prices of petrol and diesel
- फोटो : Kaithal
पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से परेशान आम आदमी को अब प्याज भी रुलाने लगा है। शहर की मंडी में इस समय थोक में 40 रुपये किलो प्याज बिक रहा है। मानसून की बारिश के बाद प्याज पर महंगाई की मार पड़ी है। इस कारण लोगों की रसोई का फिर से बजट बिगड़ने लगा है।
प्याज के दाम एक सप्ताह में ही दोगुने महंगे हो गए हैं। इसका मुख्य कारण बारिश में प्याज की फसल को खराब होना बताया जा रहा है। बारिश के कारण नई प्याज की खड़ी फसल खेत में ही नष्ट हो गई, जबकि पुरानी फसल की पैदावार भी खासा प्रभावित हुई थी।
यही वजह है कि अक्तूबर से ही प्याज ने रुलाना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में प्याज के दाम और अधिक ऊंचाई पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। थोक बाजार में प्याज करीब 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, लेकिन व्यापारियों व आढ़तियों का कहना है कि आधी से ज्यादा प्याज सड़ी गली निकल जा रही है। छंटाई के बाद बचने वाली प्याज को 40 रुपये किलो बेचने पर भी फायदा नहीं मिल रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों ने रेस्टोरेंट और ढाबों का जायका भी बिगाड़ दिया है। होटलों से भी अब प्याज गायब होने लगा है। प्याज के विकल्प के तौर पर कुछ जगहों पर मूली दी जाने लगी, वहीं प्याज से तड़के की जगह पर अब जीरा-धनिया का तड़का लगाया जाने लगा है।
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थोक व्यापारी देव ने बताया कि बारिश के कारण प्याज की फसल नष्ट हो गई है। कैथल मंडी में इंदौर और एमपी से प्याज पहुंचता है। इंदौर से इस समय नया प्याज आ तो रहा है, लेकिन कम मात्रा में आ रहा है। जहां दो ट्रक की लागत होती है वहीं 50 कट्टे ही पहुंच रहे हैं। जो एमपी का प्याज है वह अंदर से गल्ला हुआ निकल रहा है, जो छंटाई करने के बाद ही बेचा जाता है। छंटाई के बाद प्याज बेचने पर आढ़ती को नुकसान हो रहा है।
प्याज विक्रेता सुखदेव ने बताया कि प्याज की कीमतें एक सप्ताह में ही दोगुनी हो गई है। बीते सप्ताह प्याज 20 रुपये प्रति किलो थे। अब प्याज थोक में 36 के पार हो गया है। इस समय इंदौर से नए प्याज की आवक भी मंडी में शुरू हो गई है। लेकिन इसके बाद भी प्याज की कीमतें आसमान छूती जा रही हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
गृहिणी कविता ने बताया कि सब्जियों में एकदम से महंगाई की मार पड़ने से रसोई में सब्जी बनाने के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। प्याज भी अब दोगुना महंगा हो गया है। जिसे सब्जी में डालना बहुत ही मुश्किल हो गया है। सरकार को चाहिए कि वह प्याज के दामों में कमी लाएं।
गृहिणी सीमा ने बताया कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। गैस सिलिंडर भी के दाम भी काफी बढ़ गए है। जहां पहले रसोई में महीने का खर्च 3 हजार में चलता था, वहीं अब 7-8 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकार का रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कम करने चाहिए।
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प्याज के दाम एक सप्ताह में ही दोगुने महंगे हो गए हैं। इसका मुख्य कारण बारिश में प्याज की फसल को खराब होना बताया जा रहा है। बारिश के कारण नई प्याज की खड़ी फसल खेत में ही नष्ट हो गई, जबकि पुरानी फसल की पैदावार भी खासा प्रभावित हुई थी।
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यही वजह है कि अक्तूबर से ही प्याज ने रुलाना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में प्याज के दाम और अधिक ऊंचाई पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। थोक बाजार में प्याज करीब 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, लेकिन व्यापारियों व आढ़तियों का कहना है कि आधी से ज्यादा प्याज सड़ी गली निकल जा रही है। छंटाई के बाद बचने वाली प्याज को 40 रुपये किलो बेचने पर भी फायदा नहीं मिल रहा है। प्याज की बढ़ती कीमतों ने रेस्टोरेंट और ढाबों का जायका भी बिगाड़ दिया है। होटलों से भी अब प्याज गायब होने लगा है। प्याज के विकल्प के तौर पर कुछ जगहों पर मूली दी जाने लगी, वहीं प्याज से तड़के की जगह पर अब जीरा-धनिया का तड़का लगाया जाने लगा है।
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थोक व्यापारी देव ने बताया कि बारिश के कारण प्याज की फसल नष्ट हो गई है। कैथल मंडी में इंदौर और एमपी से प्याज पहुंचता है। इंदौर से इस समय नया प्याज आ तो रहा है, लेकिन कम मात्रा में आ रहा है। जहां दो ट्रक की लागत होती है वहीं 50 कट्टे ही पहुंच रहे हैं। जो एमपी का प्याज है वह अंदर से गल्ला हुआ निकल रहा है, जो छंटाई करने के बाद ही बेचा जाता है। छंटाई के बाद प्याज बेचने पर आढ़ती को नुकसान हो रहा है।
प्याज विक्रेता सुखदेव ने बताया कि प्याज की कीमतें एक सप्ताह में ही दोगुनी हो गई है। बीते सप्ताह प्याज 20 रुपये प्रति किलो थे। अब प्याज थोक में 36 के पार हो गया है। इस समय इंदौर से नए प्याज की आवक भी मंडी में शुरू हो गई है। लेकिन इसके बाद भी प्याज की कीमतें आसमान छूती जा रही हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
गृहिणी कविता ने बताया कि सब्जियों में एकदम से महंगाई की मार पड़ने से रसोई में सब्जी बनाने के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। प्याज भी अब दोगुना महंगा हो गया है। जिसे सब्जी में डालना बहुत ही मुश्किल हो गया है। सरकार को चाहिए कि वह प्याज के दामों में कमी लाएं।
गृहिणी सीमा ने बताया कि सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। प्रतिदिन महंगाई बढ़ती जा रही है। गैस सिलिंडर भी के दाम भी काफी बढ़ गए है। जहां पहले रसोई में महीने का खर्च 3 हजार में चलता था, वहीं अब 7-8 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकार का रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कम करने चाहिए।