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Kaithal News: अब कुत्तों की निगरानी भी करेंगे शिक्षक, बोले- पढ़ाई होगी चौपट
Tue, 30 Dec 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:32 AM IST
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कैथल- शहर की सड़कों पर घूमते आवारा कुत्तों का झुंड।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। बीएलओ ड्यूटी से जूझ रहे शिक्षकों पर अब आवारा कुत्तों की निगरानी का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। शिक्षा निदेशालय के आदेशों के तहत जिले के 594 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर स्कूल परिसरों में आने वाले लावारिस कुत्तों की जानकारी नगर निकाय को देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अध्यापक संगठनों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया है। आदेश के अनुसार, स्कूल परिसर में दिनभर में आने वाले आवारा कुत्तों की संख्या व स्थिति की सूचना संबंधित निकाय को दी जाएगी, ताकि टीकाकरण व नसबंदी की प्रक्रिया की जा सके।
प्रशासन का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत यह कदम उठाया गया है। दूसरी ओर नाराज शिक्षकों का कहना है कि पहले ही सैकड़ों शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में लगे हुए हैं और अब इस नए गैर-शैक्षणिक कार्य से पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। कई स्कूलों में पहले ही स्टाफ की भारी कमी है।
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गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना पेशेवर गरिमा के खिलाफ
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, कैथल ने आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों का मूल संवैधानिक और नैतिक दायित्व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। उन्हें पशु प्रबंधन या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नियुक्त करना पेशेवर मर्यादा के विपरीत है और इससे शिक्षक समाज की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
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594 स्कूलों के शिक्षक देंगे कुत्तों की रिपोर्ट
जिले के 594 सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आवारा कुत्तों की जानकारी नगर परिषद व नगर पालिकाओं को देंगे। इसके आधार पर निकाय के कर्मचारी नसबंदी और टीकाकरण की कार्रवाई करेंगे। प्रशासन ने अगले छह माह में जिलेभर में यह अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नगर परिषद कैथल सहित सभी नगर पालिका क्षेत्रों में शेल्टर होम भी बनाए जा रहे हैं।
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जिला प्रशासन पहले भी दे चुका निर्देश
उपायुक्त अपराजिता ने पहले ही स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्टेडियम और हाईवे समेत सभी सार्वजनिक स्थलों से बेसहारा कुत्तों को हटाने और उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए थे।
इस वर्ष कुत्तों के काटने के मामले
माह
मामले
जनवरी
313
फरवरी
268
मार्च
326
अप्रैल
214
मई
199
जून
180
जुलाई
200
अगस्त
201
सितंबर
180
अक्तूबर 205
नवंबर
201
दिसंबर (अब तक)
210
वर्जन
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आवारा पशुओं और बेसहारा कुत्तों की जानकारी नगर निकाय को देने के लिए पत्र जारी किया गया है। जिले के 594 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने को लेकर सभी बीईओ को निर्देश भेजे जा चुके हैं। -सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल
597 शिक्षक पहले से संभाल रहे बीएलओ ड्यूटी
जिले में 807 बीएलओ में से 597 शिक्षक बीएलओ ड्यूटी पर तैनात हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में 1462 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें लगभग एक लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कई स्कूलों में स्टाफ आधा रह गया है, जबकि कुछ में एक-दो शिक्षक ही पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं।
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कैथल। बीएलओ ड्यूटी से जूझ रहे शिक्षकों पर अब आवारा कुत्तों की निगरानी का अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। शिक्षा निदेशालय के आदेशों के तहत जिले के 594 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर स्कूल परिसरों में आने वाले लावारिस कुत्तों की जानकारी नगर निकाय को देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अध्यापक संगठनों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया है। आदेश के अनुसार, स्कूल परिसर में दिनभर में आने वाले आवारा कुत्तों की संख्या व स्थिति की सूचना संबंधित निकाय को दी जाएगी, ताकि टीकाकरण व नसबंदी की प्रक्रिया की जा सके।
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प्रशासन का दावा है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत यह कदम उठाया गया है। दूसरी ओर नाराज शिक्षकों का कहना है कि पहले ही सैकड़ों शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में लगे हुए हैं और अब इस नए गैर-शैक्षणिक कार्य से पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। कई स्कूलों में पहले ही स्टाफ की भारी कमी है।
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गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाना पेशेवर गरिमा के खिलाफ
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, कैथल ने आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों का मूल संवैधानिक और नैतिक दायित्व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। उन्हें पशु प्रबंधन या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में नियुक्त करना पेशेवर मर्यादा के विपरीत है और इससे शिक्षक समाज की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है।
594 स्कूलों के शिक्षक देंगे कुत्तों की रिपोर्ट
जिले के 594 सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ आवारा कुत्तों की जानकारी नगर परिषद व नगर पालिकाओं को देंगे। इसके आधार पर निकाय के कर्मचारी नसबंदी और टीकाकरण की कार्रवाई करेंगे। प्रशासन ने अगले छह माह में जिलेभर में यह अभियान पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नगर परिषद कैथल सहित सभी नगर पालिका क्षेत्रों में शेल्टर होम भी बनाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन पहले भी दे चुका निर्देश
उपायुक्त अपराजिता ने पहले ही स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्टेडियम और हाईवे समेत सभी सार्वजनिक स्थलों से बेसहारा कुत्तों को हटाने और उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए थे।
इस वर्ष कुत्तों के काटने के मामले
माह
मामले
जनवरी
313
फरवरी
268
मार्च
326
अप्रैल
214
मई
199
जून
180
जुलाई
200
अगस्त
201
सितंबर
180
अक्तूबर 205
नवंबर
201
दिसंबर (अब तक)
210
वर्जन
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार आवारा पशुओं और बेसहारा कुत्तों की जानकारी नगर निकाय को देने के लिए पत्र जारी किया गया है। जिले के 594 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने को लेकर सभी बीईओ को निर्देश भेजे जा चुके हैं। -सुभाष कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल
597 शिक्षक पहले से संभाल रहे बीएलओ ड्यूटी
जिले में 807 बीएलओ में से 597 शिक्षक बीएलओ ड्यूटी पर तैनात हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिले में 1462 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें लगभग एक लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कई स्कूलों में स्टाफ आधा रह गया है, जबकि कुछ में एक-दो शिक्षक ही पूरी व्यवस्था संभाल रहे हैं।