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क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत देना होगा अब विकास शुल्क
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कैथल। सरकार ने प्रॉपर्टी के विकास शुल्क को 120 रुपये प्रति वर्ग गज के बजाय क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत कर दिया है। जिन कालोनियों में विकास शुल्क जमा नहीं है, उनमें जमीन की खरीद-फरोख्त से पहले विकास शुल्क लिया जाता है। इसकी दर 120 रुपये प्रति वर्ग गज है। जिन कालोनियों के लिए पहले से विकास शुल्क जमा हो चुका है, उनमें विकास शुल्क जमा करवाने की जरूरत नहीं है। हुडा के सेक्टर, सनसिटी, गुलमोहर सिटी, हाउसिंग बोर्ड ऐसी कालोनियां हैं, जहां पहले विकास शुल्क जमा किया जाता है।
पुराने शहर में एक कॉलोनी में किसी को 100 गज का प्लाट लेना है तो वहां 18 फरवरी से पहले रजिस्टरी से पहले नगर परिषद से एनओसी लेने के लिए विकास शुल्क 120 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से 12 हजार रुपये खर्च आता था। अब विकास शुल्क के लिए इस कालोनी में प्रति वर्ग गज क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा। इस एरिया में क्लेक्टर रेट आठ हजार रुपये प्रति वर्ग गज है। इस हिसाब से पांच प्रतिशत शुल्क 400 रुपये हो गया। सौ गज के लिए इसकी राशि 40 हजार रुपये होगी, जो एनओसी से पहले नगर परिषद में जमा करवानी पड़ेगी।
एक प्रॉपर्टी एडवाइजर ने कहा कि यदि यह नियम लागू किया गया है तो इसका आम आदमी पर गहरा असर होगा। क्योंकि इस समय महिला के लिए रजिस्टरी पर पांच प्रतिशत स्टांप शुल्क और पुरुष के लिए सात प्रतिशत लगता है। यदि महिला के नाम से ही रजिस्टरी करवाई जाती है तो जितना खर्च रजिस्टरी के स्टांप शुल्क पर आता है, उतना ही विकास शुल्क के लिए जमा करवाना होगा। इससे आम आदमी के लिए शहर में जमीन की खरीद-फरोख्त मुश्किल हो जाएगी।
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इन कालोनियों में लागू होगा नियम
स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी आदेशों में विकास शुल्क के लिए क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत रेट का नियम नगर परिषद की सीमा, कोर एरिया, लाल डोरा और नगर परिषद की सीमा की सभी नोटिफाइड नियमित कालोनियों में लागू रहेगा। भवन योजना की स्वीकृति व उसमें सुधार, कब्जा प्रमाणपत्र और एनओसी के लिए विकास शुल्क जमा करवाना होगा।
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विकास शुल्क की दर क्लेक्टर रेट की पांच प्रतिशत होगी। जो कालोनियां पहले ही विकास शुल्क जमा करवाकर विकसित की गई हैं, उनमें यह नियम लागू नहीं होगा। शेष नगर परिषद की लिमिट में कोर एरिया, लाल डोरा, नियमित कालोनियों में यह नियम लागू होगा। इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
कुलदीप मलिक, ईओ नगर परिषद
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पुराने शहर में एक कॉलोनी में किसी को 100 गज का प्लाट लेना है तो वहां 18 फरवरी से पहले रजिस्टरी से पहले नगर परिषद से एनओसी लेने के लिए विकास शुल्क 120 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से 12 हजार रुपये खर्च आता था। अब विकास शुल्क के लिए इस कालोनी में प्रति वर्ग गज क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा। इस एरिया में क्लेक्टर रेट आठ हजार रुपये प्रति वर्ग गज है। इस हिसाब से पांच प्रतिशत शुल्क 400 रुपये हो गया। सौ गज के लिए इसकी राशि 40 हजार रुपये होगी, जो एनओसी से पहले नगर परिषद में जमा करवानी पड़ेगी।
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एक प्रॉपर्टी एडवाइजर ने कहा कि यदि यह नियम लागू किया गया है तो इसका आम आदमी पर गहरा असर होगा। क्योंकि इस समय महिला के लिए रजिस्टरी पर पांच प्रतिशत स्टांप शुल्क और पुरुष के लिए सात प्रतिशत लगता है। यदि महिला के नाम से ही रजिस्टरी करवाई जाती है तो जितना खर्च रजिस्टरी के स्टांप शुल्क पर आता है, उतना ही विकास शुल्क के लिए जमा करवाना होगा। इससे आम आदमी के लिए शहर में जमीन की खरीद-फरोख्त मुश्किल हो जाएगी।
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इन कालोनियों में लागू होगा नियम
स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी आदेशों में विकास शुल्क के लिए क्लेक्टर रेट का पांच प्रतिशत रेट का नियम नगर परिषद की सीमा, कोर एरिया, लाल डोरा और नगर परिषद की सीमा की सभी नोटिफाइड नियमित कालोनियों में लागू रहेगा। भवन योजना की स्वीकृति व उसमें सुधार, कब्जा प्रमाणपत्र और एनओसी के लिए विकास शुल्क जमा करवाना होगा।
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विकास शुल्क की दर क्लेक्टर रेट की पांच प्रतिशत होगी। जो कालोनियां पहले ही विकास शुल्क जमा करवाकर विकसित की गई हैं, उनमें यह नियम लागू नहीं होगा। शेष नगर परिषद की लिमिट में कोर एरिया, लाल डोरा, नियमित कालोनियों में यह नियम लागू होगा। इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
कुलदीप मलिक, ईओ नगर परिषद