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Kaithal News: अब आई गुहला की सड़कें बनने की मंजूरी
Tue, 09 Jul 2024 06:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। पिछले साल आई बाढ़ में खराब हुई सड़कें बनने की मंजूरी साल भर बाद आई है। कमेहड़ी से सुगुलपुर व गुहला से भाटियां तक के निर्माण को प्रशासकीय मंजूरी मिल गई है। दूसरी ओर बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और यदि फिर से इलाके में बाढ़ आ गई तो सड़कों का क्या हाल होगा, सोचा जा सकता है। हालांकि अपनी टेंडर प्रक्रिया होनी है और तब इसके बाद सड़कें बनाने की बात कही जा रही है।
गौरतलब है सड़कों के मामले में गुहला की जनता लगातार परेशान चल रही है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र की जो सड़क एक बार टूट जाती है वह जल्द नहीं बनाई जाती और जो बनाई जाती हैं, वे निम्न स्तर की होती हैं। कई बार तो टूटी सड़क का निर्माण करवाने के लिए लोगों को धरने प्रदर्शन तक करने पड़ते हैं।
ऐसा ही मामला पिछले साल जुलाई माह में आई बाढ़ से टूटी सड़कोंं का रहा है। गत वर्ष जुलाई माह में घग्गर नदी का रिंग बांध टूटने से गुहला क्षेत्र में बाढ़ से कई सड़कों का जबरदस्त नुकसान पहुंचा था। इनमें चीका पटियाला रोड़ पर पडऩे वाले कम्हेड़ी मोड़ से लेकर गांव सुगुलपुर मोड तक लगभग साढ़े 13 किलो मीटर की सड़क व गुहला से लेकर गांव भाटियां तक करीब आठ किलोमीटर की सड़क है जो बाढ़ में पूरी तरह से बह गई थी।
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पिछले एक साल से इन सड़कों की ऐसी हालत है कि इन पर वाहन चलना तो दूर पैदल गुजरना भी मुश्किल है। गांव गगड़पुर के नौनिहाल सिंह, हरप्रीत सिंह, काला राम, दरबारा बोपुर, प्यारा सिंह ने बताया कि घग्गर पार के एक दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। पिछले साल आई बाढ़ से गांव कमेहड़ी, बोपुर, गगड़पुर, सुगुलपुर, कसौली, अरनौली, सिहाली, छन्ना जटान, चंडीगढ़ प्लाट आदि गांवों को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से पानी में बह गई थी, जो बार बार मांग करने के बावजूद बनाई नहीं गई।
उधर स्यू माजरा निवासी गुरनाम सिंह, विक्रम सिंह, मनदीप सिंह खंगूड़ा ने बताया कि गुहला से भाटियां तक की लगभग 8 किलोमीटर लंबी सड़क भी बाढ़ में बह गई थी। यह सड़क गुहला को पंजाब के साथ जोड़ती है। इसके बह जाने से आधा दर्जन गांवों के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
इन लोगों ने बताया कि पिछले एक साल से ग्रामीणों को अपने गांव तक पहुंचने के लिए इन्हीं टूटी सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बार बार मांग करने के बावजूद विभाग एक साल में सड़कों का निर्माण नहीं करवा पाया है। लोगों ने बताया कि अब एक बार फिर से बारिश का सीजन शुरू हो चुका है जिसके चलते उन्हें उम्मीद नहीं है कि इन सड़कों का जल्द निर्माण हो पाएगा।
गत वर्ष बाढ़ में टूटी सड़कें कमेहड़ी से सुगुलपुर व गुहला से भाटियां तक के निर्माण की प्रशासकीय मंजूरी आ गई है। ये सड़कें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं जिसके चलते इनके निर्माण के दौरान बाढ़ के पानी की निकासी के लिए रैंप के बदलाव किया जाना था जिसके चलते कुछ देर हुई है। अब इन सड़कों की मंजूरी आ गई है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -राममेहर शर्मा, एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग चीका।
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गुहला-चीका। पिछले साल आई बाढ़ में खराब हुई सड़कें बनने की मंजूरी साल भर बाद आई है। कमेहड़ी से सुगुलपुर व गुहला से भाटियां तक के निर्माण को प्रशासकीय मंजूरी मिल गई है। दूसरी ओर बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और यदि फिर से इलाके में बाढ़ आ गई तो सड़कों का क्या हाल होगा, सोचा जा सकता है। हालांकि अपनी टेंडर प्रक्रिया होनी है और तब इसके बाद सड़कें बनाने की बात कही जा रही है।
गौरतलब है सड़कों के मामले में गुहला की जनता लगातार परेशान चल रही है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र की जो सड़क एक बार टूट जाती है वह जल्द नहीं बनाई जाती और जो बनाई जाती हैं, वे निम्न स्तर की होती हैं। कई बार तो टूटी सड़क का निर्माण करवाने के लिए लोगों को धरने प्रदर्शन तक करने पड़ते हैं।
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ऐसा ही मामला पिछले साल जुलाई माह में आई बाढ़ से टूटी सड़कोंं का रहा है। गत वर्ष जुलाई माह में घग्गर नदी का रिंग बांध टूटने से गुहला क्षेत्र में बाढ़ से कई सड़कों का जबरदस्त नुकसान पहुंचा था। इनमें चीका पटियाला रोड़ पर पडऩे वाले कम्हेड़ी मोड़ से लेकर गांव सुगुलपुर मोड तक लगभग साढ़े 13 किलो मीटर की सड़क व गुहला से लेकर गांव भाटियां तक करीब आठ किलोमीटर की सड़क है जो बाढ़ में पूरी तरह से बह गई थी।
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पिछले एक साल से इन सड़कों की ऐसी हालत है कि इन पर वाहन चलना तो दूर पैदल गुजरना भी मुश्किल है। गांव गगड़पुर के नौनिहाल सिंह, हरप्रीत सिंह, काला राम, दरबारा बोपुर, प्यारा सिंह ने बताया कि घग्गर पार के एक दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित रहते हैं। पिछले साल आई बाढ़ से गांव कमेहड़ी, बोपुर, गगड़पुर, सुगुलपुर, कसौली, अरनौली, सिहाली, छन्ना जटान, चंडीगढ़ प्लाट आदि गांवों को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह से पानी में बह गई थी, जो बार बार मांग करने के बावजूद बनाई नहीं गई।
उधर स्यू माजरा निवासी गुरनाम सिंह, विक्रम सिंह, मनदीप सिंह खंगूड़ा ने बताया कि गुहला से भाटियां तक की लगभग 8 किलोमीटर लंबी सड़क भी बाढ़ में बह गई थी। यह सड़क गुहला को पंजाब के साथ जोड़ती है। इसके बह जाने से आधा दर्जन गांवों के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
इन लोगों ने बताया कि पिछले एक साल से ग्रामीणों को अपने गांव तक पहुंचने के लिए इन्हीं टूटी सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बार बार मांग करने के बावजूद विभाग एक साल में सड़कों का निर्माण नहीं करवा पाया है। लोगों ने बताया कि अब एक बार फिर से बारिश का सीजन शुरू हो चुका है जिसके चलते उन्हें उम्मीद नहीं है कि इन सड़कों का जल्द निर्माण हो पाएगा।
गत वर्ष बाढ़ में टूटी सड़कें कमेहड़ी से सुगुलपुर व गुहला से भाटियां तक के निर्माण की प्रशासकीय मंजूरी आ गई है। ये सड़कें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं जिसके चलते इनके निर्माण के दौरान बाढ़ के पानी की निकासी के लिए रैंप के बदलाव किया जाना था जिसके चलते कुछ देर हुई है। अब इन सड़कों की मंजूरी आ गई है और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -राममेहर शर्मा, एसडीओ पीडब्ल्यूडी विभाग चीका।