{"_id":"6abe5273e67fe78a83ad1a91b2933cbb","slug":"news-ktl-hindi-news-105","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉलेज से बाहर निकलते ही घेर लेते हैं मनचले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉलेज से बाहर निकलते ही घेर लेते हैं मनचले
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Tue, 16 Feb 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेज कैंपस में तो कोई चिंता नहीं रहती लेकिन जब घर से कॉलेज के लिए निकलते हैं और कॉलेज से घर के लिए निकलते हैं तो रास्ता तय करना मुश्किल हो जाता है। मनचले खुराना रोड, कमेटी चौक, सुभाष नगर से बाइक पर सवार होकर तंग करते हैं। जब इसकी शिकायत घर में करते हैं तो परिजन कहते हैं कि कॉलेज मत जाओ, इसमें हमारा क्या कुसूर है?
ईव टीजिंग के खिलाफ अमर उजाला के अभियान में मंगलवार को जाट कॉलेज की छात्राओं ने अपनी पीड़ा बताई। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज के गेट से लेकर घर तक गंदे-गंदे कॉमेंट सुनने पड़ते हैं। कुछ छात्राएं हिम्मत करके अगर इसकी शिकायत अभिभावकों को कर दें तो परिजन कॉलेज न जाने के लिए बोलते हैं। इस कारण मजबूर होकर मनचलों की हरकतों को घर पर नहीं बतातीं।
यह कहा छात्राओं ने
छात्रा निताशा ने बताया कि सुभाष नगर, गुरुनानक पुरी कॉलोनी की गलियों में काफी लड़के खड़े रहते हैं। बाइक पर लड़कियों के आगे पीछे चक्कर लगाते हैं। कुछ छात्राएं ऐसी भी थीं जो केवल छेड़छाड़ की घटनाओं के कारण कॉलेज छोड़ गईं। निताशा ने रोहतक में हुई घटना का0 जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को भी जो हकीकत हो उसे बोलना चाहिए। झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। छात्रा पूजा ने बताया कि शहर में लोकल बस सेवा शुरू की गई है लेकिन उसके अंदर इतनी भीड़ होती है कि अगर छात्राएं चढ़ती हैं, तो उन पर अनाप-शनाप हूटिंग होती है जिसके कारण वे बस में नहीं बैठतीं।
विज्ञापन
छात्रा रेनु ने बताया कि अभिभावक अगर लड़कियों का सहयोग करें तो पूरी तरह से छेड़छाड़ की घटनाएं रुक सकती हैं। अभिभावक लड़कों की तरह लड़कियों की समस्या को लें और उसका हल निकाले न कि उसे घर पर ही पढ़ाई करने का दबाव डालें। छात्रा अंजू ने बताया कि ऐसी बहुत सी घटनाएं हैं जिन्हें छात्राएं अभिभावकों व कॉलेज प्रशासक को नहीं बताती हैं। उनके मन में डर घर कर गया है।
कैंपस के बाहर छात्राओं के लिए समस्या है। बसों में भीड़ का शरारती तत्व फायदा उठाते हैं। लोगों को सोच बदलनी होगी। साथ में प्रशासन लड़कियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए।
प्रभजोत कौर, इंचार्ज, कॉलेज की महिला विंग
विज्ञापन
ईव टीजिंग के खिलाफ अमर उजाला के अभियान में मंगलवार को जाट कॉलेज की छात्राओं ने अपनी पीड़ा बताई। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज के गेट से लेकर घर तक गंदे-गंदे कॉमेंट सुनने पड़ते हैं। कुछ छात्राएं हिम्मत करके अगर इसकी शिकायत अभिभावकों को कर दें तो परिजन कॉलेज न जाने के लिए बोलते हैं। इस कारण मजबूर होकर मनचलों की हरकतों को घर पर नहीं बतातीं।
विज्ञापन
यह कहा छात्राओं ने
छात्रा निताशा ने बताया कि सुभाष नगर, गुरुनानक पुरी कॉलोनी की गलियों में काफी लड़के खड़े रहते हैं। बाइक पर लड़कियों के आगे पीछे चक्कर लगाते हैं। कुछ छात्राएं ऐसी भी थीं जो केवल छेड़छाड़ की घटनाओं के कारण कॉलेज छोड़ गईं। निताशा ने रोहतक में हुई घटना का0 जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को भी जो हकीकत हो उसे बोलना चाहिए। झूठ का सहारा नहीं लेना चाहिए। छात्रा पूजा ने बताया कि शहर में लोकल बस सेवा शुरू की गई है लेकिन उसके अंदर इतनी भीड़ होती है कि अगर छात्राएं चढ़ती हैं, तो उन पर अनाप-शनाप हूटिंग होती है जिसके कारण वे बस में नहीं बैठतीं।
विज्ञापन
छात्रा रेनु ने बताया कि अभिभावक अगर लड़कियों का सहयोग करें तो पूरी तरह से छेड़छाड़ की घटनाएं रुक सकती हैं। अभिभावक लड़कों की तरह लड़कियों की समस्या को लें और उसका हल निकाले न कि उसे घर पर ही पढ़ाई करने का दबाव डालें। छात्रा अंजू ने बताया कि ऐसी बहुत सी घटनाएं हैं जिन्हें छात्राएं अभिभावकों व कॉलेज प्रशासक को नहीं बताती हैं। उनके मन में डर घर कर गया है।
कैंपस के बाहर छात्राओं के लिए समस्या है। बसों में भीड़ का शरारती तत्व फायदा उठाते हैं। लोगों को सोच बदलनी होगी। साथ में प्रशासन लड़कियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए।
प्रभजोत कौर, इंचार्ज, कॉलेज की महिला विंग