{"_id":"61817653d8261f6ef55a629a","slug":"money-rained-on-dhanteras-turnover-of-42-crores-kaithal-news-knl88517958","type":"story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस पर बरसा धन,42 करोड़ का कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस पर बरसा धन,42 करोड़ का कारोबार
विज्ञापन
Money rained on Dhanteras, turnover of 42 crores
- फोटो : Kaithal
धनतेरस पर मंगलवार को बाजारों में जमकर धन वर्षा हुई। ऑटोमोबाइल, बर्तनों और आभूषणों के बाजारों में करोड़ों रुपये की खरीदारों ने खरीद की। एक-एक दुकान से लोगों ने लाखों रुपये का सामान खरीदा। विभिन्न बाजारों के कारोबार को मिलाकर इस बार जिले में करीब 42 करोड़ रुपये की धनतेरस पर खरीदारी हुई। हालांकि बीते दो वर्षों में कोरोना महामारी होने के कारण ज्यादा खरीद नहीं हो पाई थी, लेकिन इस बार पिछले वर्षों से दोगुने सामान की खरीद लोगों ने की। खरीदारों ने एजेंसियों में गाड़ियों की बुकिंग पहले ही करवानी शुरू कर दी थी। वहीं आभूषणों की दुकानों पर भी पहले से ऑर्डर किए गए।
शहर में सोने-चांदी के आभूषणों, बर्तनों और मूर्तियों की जमकर खरीद हुई। सुबह से लेकर शाम तक दुकानों में ग्राहकों की लाइनें लगी रही। आभूषणों की शहर में स्थित 70 से ज्यादा दुकानों पर 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई। इसके अलावा बर्तनों के बाजार में 2 करोड़ तो ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में सात एजेंसियों में 8 से 10 करोड़ के बीच कीमत के वाहनों की खरीदारी हुई। विक्रेताओं ने बताया कि धनतेरस पर आभूषण, वाहन व बर्तनों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, जिस कारण इस दिन लोग ज्यादा से ज्यादा खरीद करते हैं। इस दिन खरीदे गए सामान की दिवाली तक पूजा होती है।
आभूषण विक्रेता अरुण सर्राफ ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा दोगुनी खरीद हुई है। धनतेरस पर शहर में विभिन्न दुकानों से लोगों ने करीब 30 करोड़ रुपये के चांदी व सोने के आभूषण व अन्य सामान खरीदा है। चांदी के गणेश-लक्ष्मी बने सिक्के के पूजन का विशेष महत्व है। इसके अलावा गले में पहनने के लिए सोने और चांदी के आभूषण और चांदी की हटड़ी की भी लोगों ने जमकर खरीद की है। चांदी के बर्तन भी काफी ग्राहकों ने खरीदे हैं।
विज्ञापन
बर्तन विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि उनकी दुकान पर इस बार करीब 5 लाख रुपये के बर्तन लोगों ने खरीदे। बर्तनों की खरीद सुबह से लेकर शाम तक जारी रही। ग्रामीण तबके से जुड़े लोगों की संख्या दोपहर के समय दुकानों पर ज्यादा रही। शाम होने के बाद शहर के लोगों ने बर्तनों की खरीद ज्यादा की। कुछ लोगों ने पुराने बर्तनों को भी बदलकर नए बर्तन खरीदे। इस बार बीते वर्षों की अपेक्षा दिवाली अच्छी रही है। पीतल के बर्तनों की खरीद को ग्राहकों ने प्राथमिकता दी है।
शहर की ऑटोमोबाइल एजेंसियों में भी लोगों ने नए वाहन खरीदे। ऑटोमोबाइल सेक्टर से हुंडई के प्रबंधक निदेशक कृष्ण मिगलानी ने बताया कि धनतेरस पर उन्होंने 40 गाड़ियों की बिक्री की। करीब 15 करोड़ का कारोबार सभी एजेंसियों से होने का अनुमान है। ग्राहकों ने पहले से गाड़ियों ऑर्डर देकर बुकिंग करवा रखी थी। इस बार लोगों ने गाडिय़ों की खरीद में रुचि दिखाई। हालांकि खरीद ज्यादा हो सकती थी, लेकिन इस बार गाडिय़ों की लगने वाली एक विशेष चिप सेमीकंडक्टर न होने के कारण बिक्री पर प्रभाव पड़ा है।
चौराहों सहित बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। शहर के मुख्य बाजार, कमेटी चौक, छात्रावास रोड, नरवानिया बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, नौता चौक, पुराना बस स्टैंड, रेलवे गेट और सर्राफा बाजार में भीड़ ज्यादा रही। लोगों को वाहन लेकर निकलने में काफी इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा के दृष्टिगत बाजार में प्रशासन की ओर से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए।
विज्ञापन
शहर में सोने-चांदी के आभूषणों, बर्तनों और मूर्तियों की जमकर खरीद हुई। सुबह से लेकर शाम तक दुकानों में ग्राहकों की लाइनें लगी रही। आभूषणों की शहर में स्थित 70 से ज्यादा दुकानों पर 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई। इसके अलावा बर्तनों के बाजार में 2 करोड़ तो ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में सात एजेंसियों में 8 से 10 करोड़ के बीच कीमत के वाहनों की खरीदारी हुई। विक्रेताओं ने बताया कि धनतेरस पर आभूषण, वाहन व बर्तनों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है, जिस कारण इस दिन लोग ज्यादा से ज्यादा खरीद करते हैं। इस दिन खरीदे गए सामान की दिवाली तक पूजा होती है।
विज्ञापन
आभूषण विक्रेता अरुण सर्राफ ने बताया कि इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा दोगुनी खरीद हुई है। धनतेरस पर शहर में विभिन्न दुकानों से लोगों ने करीब 30 करोड़ रुपये के चांदी व सोने के आभूषण व अन्य सामान खरीदा है। चांदी के गणेश-लक्ष्मी बने सिक्के के पूजन का विशेष महत्व है। इसके अलावा गले में पहनने के लिए सोने और चांदी के आभूषण और चांदी की हटड़ी की भी लोगों ने जमकर खरीद की है। चांदी के बर्तन भी काफी ग्राहकों ने खरीदे हैं।
विज्ञापन
बर्तन विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि उनकी दुकान पर इस बार करीब 5 लाख रुपये के बर्तन लोगों ने खरीदे। बर्तनों की खरीद सुबह से लेकर शाम तक जारी रही। ग्रामीण तबके से जुड़े लोगों की संख्या दोपहर के समय दुकानों पर ज्यादा रही। शाम होने के बाद शहर के लोगों ने बर्तनों की खरीद ज्यादा की। कुछ लोगों ने पुराने बर्तनों को भी बदलकर नए बर्तन खरीदे। इस बार बीते वर्षों की अपेक्षा दिवाली अच्छी रही है। पीतल के बर्तनों की खरीद को ग्राहकों ने प्राथमिकता दी है।
शहर की ऑटोमोबाइल एजेंसियों में भी लोगों ने नए वाहन खरीदे। ऑटोमोबाइल सेक्टर से हुंडई के प्रबंधक निदेशक कृष्ण मिगलानी ने बताया कि धनतेरस पर उन्होंने 40 गाड़ियों की बिक्री की। करीब 15 करोड़ का कारोबार सभी एजेंसियों से होने का अनुमान है। ग्राहकों ने पहले से गाड़ियों ऑर्डर देकर बुकिंग करवा रखी थी। इस बार लोगों ने गाडिय़ों की खरीद में रुचि दिखाई। हालांकि खरीद ज्यादा हो सकती थी, लेकिन इस बार गाडिय़ों की लगने वाली एक विशेष चिप सेमीकंडक्टर न होने के कारण बिक्री पर प्रभाव पड़ा है।
चौराहों सहित बाजारों में जाम की स्थिति बनी रही। शहर के मुख्य बाजार, कमेटी चौक, छात्रावास रोड, नरवानिया बिल्डिंग, भगत सिंह चौक, नौता चौक, पुराना बस स्टैंड, रेलवे गेट और सर्राफा बाजार में भीड़ ज्यादा रही। लोगों को वाहन लेकर निकलने में काफी इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा के दृष्टिगत बाजार में प्रशासन की ओर से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए।