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डा. आर्य को बचाने की विधायक के दबाव की है कॉल रिकॉर्डिंग
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mla and cmo
- फोटो : Kaithal
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विधायक की शिकायत पर सस्पेंड सीएमओ डा. जयभगवान जाटान के निलंबन को वापस लेने की मांग को लेकर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को कैथल में बैठक की। जिसमें मुख्य रुप से दावा किया गया है कि एसोसिएशन के पास वह फोन कॉल की रिकॉर्डिंग है, जिसमें भ्रूण हत्या की जांच करने के आरोपी डा. आर्य को बचाने के लिए विधायक दबाव डाल रहे हैं। जबकि विधायक फोन करने की बात से इंकार कर रहे हैं।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. जसबीर परमार और डा. एमपी सिंह ने कहा कि एसोसिएशन के पास वह रिकॉर्डिंग है, जिसमें विधायक, उनके पीए व जानकार द्वारा डा. आर्य को बचाने के लिए दबाव डाला गया। यह दबाव नहीं माना गया तो सीएमओ डा. जयभगवान जाटान को सस्पेंड कर दिया गया। एसोसिएशन इस रिकॉर्डिंग को उपयुक्त मंच पर सार्वजनिक करेगी। इससे पहले ही सरकार से मांग की गई है कि सीएमओ के निलंबन को वापस लिया जाए। इसके साथ-साथ उस रेडिंग पार्टी में शामिल टीम डा. गौरव पूनिया, डा. संदीप जैन, नरेंद्र कुमार डीपीएम सहित अन्य ने भी लिखित में दिया है कि डा. आर्य के यहां की गई रेड में उस दिन सीएमओ पर राजनीतिक व अन्य व्यक्तियों द्वारा अनावश्यक दबाव डाला गया। लेकिन इस पत्र में विधायक लीला राम का नाम नहीं लिखा गया।
जब मीडिया कर्मियों ने एसोसिएशन से रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने को कहा तो डॉक्टरों ने इंकार कर दिया और कहा कि इसे उपयुक्त मंच पर उजागर किया जाएगा।
पीके दास को क्यों नहीं किया गया निलंबित- डॉक्टरों ने कहा कि आईएएस पीके दास के खिलाफ विधायक असीम गोयल धरना दे रहे हैं तो पीके दास को सस्पेंड क्यों नहीं किया। बिना जांच के सीएमओ को सस्पेंड किया गया। मीडिया कर्मियों द्वारा डा. अजय शेर द्वारा सीएमओ पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा तो एसोसिएशन का कहना है कि उसकी भी जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही कार्रवाई हो। गलती ना होने के बावजूद सीएमओ विधायक के आवास पर जाकर माफी मांगने के सवाल पर डॉक्टरों ने कहा कि सीएमओ माफी मांगने नहीं बल्कि गिले शिकवे दूर करने के लिए गए थे। कर्मचारी नेता राजबीर बेरवाल, सुरेंद्र पेगा, नर्स सुषमा ने कहा कि डॉक्टरों के आंदोलन में कर्मचारी संगठन भी साथ देंगे।
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विधायक लीला राम ने कहा कि यह सीएमओ का दोगलापन है। एक ओर तो वे लोगों को समझौतों के लिए भेज रहे हैं। दूसरी ओर आंदोलन का सहारा लेने की बात करते हैं। वे फिर स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने डा. आर्य को बचाने के लिए कोई फोन नहीं किया। रिकॉर्डिंग है तो वे सुनाएं। किसी ओर ने फोन किया हो तो वे कुछ नहीं कह सकते। इस डॉक्टर के सस्पेंड होने से विभाग के ही डॉक्टर फोन करके उनका धन्यवाद कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आपने कैथल को बचा लिया है।
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एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. जसबीर परमार और डा. एमपी सिंह ने कहा कि एसोसिएशन के पास वह रिकॉर्डिंग है, जिसमें विधायक, उनके पीए व जानकार द्वारा डा. आर्य को बचाने के लिए दबाव डाला गया। यह दबाव नहीं माना गया तो सीएमओ डा. जयभगवान जाटान को सस्पेंड कर दिया गया। एसोसिएशन इस रिकॉर्डिंग को उपयुक्त मंच पर सार्वजनिक करेगी। इससे पहले ही सरकार से मांग की गई है कि सीएमओ के निलंबन को वापस लिया जाए। इसके साथ-साथ उस रेडिंग पार्टी में शामिल टीम डा. गौरव पूनिया, डा. संदीप जैन, नरेंद्र कुमार डीपीएम सहित अन्य ने भी लिखित में दिया है कि डा. आर्य के यहां की गई रेड में उस दिन सीएमओ पर राजनीतिक व अन्य व्यक्तियों द्वारा अनावश्यक दबाव डाला गया। लेकिन इस पत्र में विधायक लीला राम का नाम नहीं लिखा गया।
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जब मीडिया कर्मियों ने एसोसिएशन से रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने को कहा तो डॉक्टरों ने इंकार कर दिया और कहा कि इसे उपयुक्त मंच पर उजागर किया जाएगा।
पीके दास को क्यों नहीं किया गया निलंबित- डॉक्टरों ने कहा कि आईएएस पीके दास के खिलाफ विधायक असीम गोयल धरना दे रहे हैं तो पीके दास को सस्पेंड क्यों नहीं किया। बिना जांच के सीएमओ को सस्पेंड किया गया। मीडिया कर्मियों द्वारा डा. अजय शेर द्वारा सीएमओ पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा तो एसोसिएशन का कहना है कि उसकी भी जांच होनी चाहिए। जांच के बाद ही कार्रवाई हो। गलती ना होने के बावजूद सीएमओ विधायक के आवास पर जाकर माफी मांगने के सवाल पर डॉक्टरों ने कहा कि सीएमओ माफी मांगने नहीं बल्कि गिले शिकवे दूर करने के लिए गए थे। कर्मचारी नेता राजबीर बेरवाल, सुरेंद्र पेगा, नर्स सुषमा ने कहा कि डॉक्टरों के आंदोलन में कर्मचारी संगठन भी साथ देंगे।
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विधायक लीला राम ने कहा कि यह सीएमओ का दोगलापन है। एक ओर तो वे लोगों को समझौतों के लिए भेज रहे हैं। दूसरी ओर आंदोलन का सहारा लेने की बात करते हैं। वे फिर स्पष्ट करते हैं कि उन्होंने डा. आर्य को बचाने के लिए कोई फोन नहीं किया। रिकॉर्डिंग है तो वे सुनाएं। किसी ओर ने फोन किया हो तो वे कुछ नहीं कह सकते। इस डॉक्टर के सस्पेंड होने से विभाग के ही डॉक्टर फोन करके उनका धन्यवाद कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आपने कैथल को बचा लिया है।