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हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन ने किया मंडी बंद करने का ऐलान
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हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि 17 सितंबर तक सरकार ने तीन अध्यादेश वापस लिए जाने, लस्टर लॉस व ब्याज के नाम पर आढ़तियों के 160 करोड़ रुपये की राशि जारी करने व किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने जैसी मांगें नहीं मानी गई तो 18 सितंबर से हरियाणा की सभी मंडियों को बंद करके अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। यह फैसला एसोसिएशन की कैथल के फेस्टिवल होटल में प्रदेश के चेयरमैन रजनीश चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। जिसमें प्रदेश भर के जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधानों व कैथल जिले की मंडियों के प्रधानों की बैठकों में लिया गया।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में रजनीश चौधरी, अश्वनी शोरेवाला, पानीपत से धर्मबीर मलिक, सुरेश सिरसा, रामअवतार पंचकुला, हर्ष गिरधर रोहतक, मक्खन लाल अंबाला, राजपाल लाठर जींद, रामनिवास मित्तल कैथल सहित अन्य ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन की बैठक कैथल में बुलाई गई। जिसमें किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई, तीन अध्यादेशों को वापस लिए जाने की मांग की गई। साथ ही लस्टर लॉस व ब्याज के आढ़तियों के करीब 160 करोड़ रुपये काटे जाने का फैसला वापस लिए जाने की मांग उठाई गई। तीन अध्यादेशों में सरकार मंडियों से बाहर खरीदने पर मार्केट फीस ा लिए जाने, कांट्रेक्ट फार्मिंग सहित आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक की लिमिट को हटाने जैसे निर्णय ले रही है। जिससे पूरी व्यवस्था पूंजीपतियों के हवाले हो जाएगी और छोटा व्यापारी, किसान, आढ़ती, मजदूर व मुनीम सहित राइस मिलर्स व अन्य को नुकसान होगा। इन तीनों मांगों को लेकर आढ़ती एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि सरकार को 5 दिन का समय दिया जाता है। यदि 17 सितंबर तक उनकी मांग नहीं सुनीं गई तो 18 सितंबर से पूरे प्रदेश में अनाज मंडियों में हड़ताल कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान कोई भी मंडी खुली नहीं रहेगी।
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बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में रजनीश चौधरी, अश्वनी शोरेवाला, पानीपत से धर्मबीर मलिक, सुरेश सिरसा, रामअवतार पंचकुला, हर्ष गिरधर रोहतक, मक्खन लाल अंबाला, राजपाल लाठर जींद, रामनिवास मित्तल कैथल सहित अन्य ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन की बैठक कैथल में बुलाई गई। जिसमें किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई, तीन अध्यादेशों को वापस लिए जाने की मांग की गई। साथ ही लस्टर लॉस व ब्याज के आढ़तियों के करीब 160 करोड़ रुपये काटे जाने का फैसला वापस लिए जाने की मांग उठाई गई। तीन अध्यादेशों में सरकार मंडियों से बाहर खरीदने पर मार्केट फीस ा लिए जाने, कांट्रेक्ट फार्मिंग सहित आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक की लिमिट को हटाने जैसे निर्णय ले रही है। जिससे पूरी व्यवस्था पूंजीपतियों के हवाले हो जाएगी और छोटा व्यापारी, किसान, आढ़ती, मजदूर व मुनीम सहित राइस मिलर्स व अन्य को नुकसान होगा। इन तीनों मांगों को लेकर आढ़ती एसोसिएशन ने फैसला लिया है कि सरकार को 5 दिन का समय दिया जाता है। यदि 17 सितंबर तक उनकी मांग नहीं सुनीं गई तो 18 सितंबर से पूरे प्रदेश में अनाज मंडियों में हड़ताल कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान कोई भी मंडी खुली नहीं रहेगी।
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