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Kaithal News: बड़ी बहन को गुरु बना मेहनत से सफलता के मुकाम पर पहुंचीं
Thu, 05 Sep 2024 03:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 05 Sep 2024 03:28 AM IST
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राजिंद्र तंवर
कैथल। पहले तो अपनी बड़ी बहन को गुरु बनाया और फिर अपनी मेहनत के बलबूते पर सफलता के मुकाम पर पहुंची। यह कहानी है एक ऐसी संघर्षशील महिला सविता मलिक राजराणा की, जो एक किसान के घर पैदा हुईं। उन्होंने अपनी बड़ी बहन कविता मलिक को अपना गुरु मानकर उनसे प्रेरणा ली।
सविता मलिक ने पढ़ाई के साथ खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर 100 से ज्यादा पदक जीते व 2024 में डीपीई के पद पर पदोन्नत हुईं। उन्होंने तीन बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकार से महिला खेल अवार्ड भी पाया।
सविता मलिक राजराणा का जन्म जींद जिले के शामलो कलां गांव में एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता रामकुमार मालिक, जो सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए परिवार समेत जींद शहर आ गए। सविता राज की बड़ी बहन कविता हैंडबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रही हैं। सविता ने बड़ी बहन कविता को अपना गुरु बना लिया और पढ़ाई के साथ खेलों में मार्गदर्शन दिया।
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सविता मलिक ने बताया कि यदि जीवन में सफलता पानी है तो अच्छे गुरु से प्रेरणा लो और जी तोड़ मेहनत कर अपना लक्ष्य पाने के लिए जुट जाओ। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मैं आज जो कुछ भी हूं अपनी गुरु बड़ी बहन कविता मलिक व उसके साथ उनके पति शमशेर सिंह डीपीई की वजह से हूं।
सविता ने बताया कि उन्होंने अपनी 10वीं व 12वीं की पढ़ाई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद से की। पढ़ाई के दौरान अंडर-14, 17 व 19 में एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, जूडो, कुश्ती आदि खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर जींद जिले का नाम रोशन किया। इसके बाद उसने स्नातक हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद से की। इसके साथ-साथ ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में खेलते हुए सॅाफ्टबाल, क्रिकेट, मुक्केबाजी, जूडो, कुश्ती में कईं पदक जीते।
वर्ष 2002 में आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में सॅाफ्टबाल में खेलकर स्वर्ण पदक जीत कर अपने महाविद्यालय व हरियाणा राज्य का नाम रोशन किया। वर्ष 2003 में एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से बीपीएड की पढ़ाई की और विभिन्न खेलों में भी भाग लेती रहीं। वर्ष 2004-2006 तक सविता राजराणा ने एमपीएड कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से की। वर्ष 2007 में अन्नाभलाई विश्वविद्यालय से एमफिल की।
वर्ष 2008 में पीएचडी के लिए राजस्थान की यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके साथ उस पर अपनी पढ़ाई पूरी की ओर फिर से सविता राज राणा ने विभिन्न खेलों में भाग लिया ओर सैंकड़ों पदक प्राप्त किए। वर्ष 2018 से लेकर अब तक राष्ट्रीय सिविल सर्विस, खेल एथलेटिक्स व योगा में राष्ट्रीय स्तर पर अब तक लगातार शिक्षा विभाग के लिए पदक जीतती रही हंै व कैथल जिले व हरियाणा राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।
इसके साथ सविता राजराणा को इंडिया टीम में मास्टर खेलों में बतौर खिलाड़ी चयनित किया गया है। वह इंडिया टीम का हिस्सा है। वर्ष 2020 में दो जून को पीटीआई की भर्ती को खारिज करने के कारण सविता को अपने पद से कार्यमुक्त होना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा 20 अक्तूबर 2020 को पीटीआई की परीक्षा देकर पीटीआई की नौकरी हासिल की और जून 2024 में डीपीई के पद पर पदोन्नत हुई। ओर इसी वर्ष जुलाई में डॉयरेक्ट डीपीई के पद पर भर्ती हुईं। संवाद
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कैथल। पहले तो अपनी बड़ी बहन को गुरु बनाया और फिर अपनी मेहनत के बलबूते पर सफलता के मुकाम पर पहुंची। यह कहानी है एक ऐसी संघर्षशील महिला सविता मलिक राजराणा की, जो एक किसान के घर पैदा हुईं। उन्होंने अपनी बड़ी बहन कविता मलिक को अपना गुरु मानकर उनसे प्रेरणा ली।
सविता मलिक ने पढ़ाई के साथ खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर 100 से ज्यादा पदक जीते व 2024 में डीपीई के पद पर पदोन्नत हुईं। उन्होंने तीन बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकार से महिला खेल अवार्ड भी पाया।
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सविता मलिक राजराणा का जन्म जींद जिले के शामलो कलां गांव में एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता रामकुमार मालिक, जो सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए, अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए परिवार समेत जींद शहर आ गए। सविता राज की बड़ी बहन कविता हैंडबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रही हैं। सविता ने बड़ी बहन कविता को अपना गुरु बना लिया और पढ़ाई के साथ खेलों में मार्गदर्शन दिया।
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सविता मलिक ने बताया कि यदि जीवन में सफलता पानी है तो अच्छे गुरु से प्रेरणा लो और जी तोड़ मेहनत कर अपना लक्ष्य पाने के लिए जुट जाओ। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि मैं आज जो कुछ भी हूं अपनी गुरु बड़ी बहन कविता मलिक व उसके साथ उनके पति शमशेर सिंह डीपीई की वजह से हूं।
सविता ने बताया कि उन्होंने अपनी 10वीं व 12वीं की पढ़ाई राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जींद से की। पढ़ाई के दौरान अंडर-14, 17 व 19 में एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, जूडो, कुश्ती आदि खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर जींद जिले का नाम रोशन किया। इसके बाद उसने स्नातक हिंदू कन्या महाविद्यालय जींद से की। इसके साथ-साथ ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में खेलते हुए सॅाफ्टबाल, क्रिकेट, मुक्केबाजी, जूडो, कुश्ती में कईं पदक जीते।
वर्ष 2002 में आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में सॅाफ्टबाल में खेलकर स्वर्ण पदक जीत कर अपने महाविद्यालय व हरियाणा राज्य का नाम रोशन किया। वर्ष 2003 में एमडी यूनिवर्सिटी रोहतक से बीपीएड की पढ़ाई की और विभिन्न खेलों में भी भाग लेती रहीं। वर्ष 2004-2006 तक सविता राजराणा ने एमपीएड कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से की। वर्ष 2007 में अन्नाभलाई विश्वविद्यालय से एमफिल की।
वर्ष 2008 में पीएचडी के लिए राजस्थान की यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके साथ उस पर अपनी पढ़ाई पूरी की ओर फिर से सविता राज राणा ने विभिन्न खेलों में भाग लिया ओर सैंकड़ों पदक प्राप्त किए। वर्ष 2018 से लेकर अब तक राष्ट्रीय सिविल सर्विस, खेल एथलेटिक्स व योगा में राष्ट्रीय स्तर पर अब तक लगातार शिक्षा विभाग के लिए पदक जीतती रही हंै व कैथल जिले व हरियाणा राज्य का नाम रोशन कर रही हैं।
इसके साथ सविता राजराणा को इंडिया टीम में मास्टर खेलों में बतौर खिलाड़ी चयनित किया गया है। वह इंडिया टीम का हिस्सा है। वर्ष 2020 में दो जून को पीटीआई की भर्ती को खारिज करने के कारण सविता को अपने पद से कार्यमुक्त होना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा 20 अक्तूबर 2020 को पीटीआई की परीक्षा देकर पीटीआई की नौकरी हासिल की और जून 2024 में डीपीई के पद पर पदोन्नत हुई। ओर इसी वर्ष जुलाई में डॉयरेक्ट डीपीई के पद पर भर्ती हुईं। संवाद