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Kaithal News: आशा इकाई के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में किया जागरूक
Thu, 21 Aug 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कंवल कुमार की देखरेख में वैकल्पिक विवाद निवारण केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में आशा इकाई का एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डीएलएसए के पैनल एडवोकेट अरविंद खुरानिया ने आशा इकाई के हितधारकों और सदस्यों को नालसा की आशा की अवधारणा और प्रावधानों के बारे में जागरूक किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सोसाइटी ऑफ एनलाइटनमेंट एंड वॉलंटरी एक्शन एंड अन्य बनाम भारत संघ मामले में भारत में बाल विवाह रोकथाम, पुनर्वास और पुन एकीकरण के लिए व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा को एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं, जो वकीलों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए बाल विवाह रोकथाम, सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित कानूनी सहायता सेवाओं और दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करें।
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उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के मद्देनजर, नालसा ने बाल विवाह की रोकथाम, सुरक्षा और पुनर्वास के लिए यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। यह एसओपी कानूनी सेवा संस्थानों को शामिल करके और अंतर-संस्थागत सहयोग को मजबूत करके बाल विवाह से निपटने के लिए एक संस्थागत ढांचा और तंत्र तैयार करता है। इसमें डीएलएसए कैथल के पैनल अधिवक्ता, बचाव पक्ष के वकील, पैरा लीगल वालंटियर्स और आशा सदस्यों ने भाग लिया।
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कैथल। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कंवल कुमार की देखरेख में वैकल्पिक विवाद निवारण केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में आशा इकाई का एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डीएलएसए के पैनल एडवोकेट अरविंद खुरानिया ने आशा इकाई के हितधारकों और सदस्यों को नालसा की आशा की अवधारणा और प्रावधानों के बारे में जागरूक किया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार ने बताया कि हाल ही में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सोसाइटी ऑफ एनलाइटनमेंट एंड वॉलंटरी एक्शन एंड अन्य बनाम भारत संघ मामले में भारत में बाल विवाह रोकथाम, पुनर्वास और पुन एकीकरण के लिए व्यापक दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नालसा को एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं, जो वकीलों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के लिए बाल विवाह रोकथाम, सुरक्षा और पुनर्वास से संबंधित कानूनी सहायता सेवाओं और दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करें।
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उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उपरोक्त आदेश के मद्देनजर, नालसा ने बाल विवाह की रोकथाम, सुरक्षा और पुनर्वास के लिए यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। यह एसओपी कानूनी सेवा संस्थानों को शामिल करके और अंतर-संस्थागत सहयोग को मजबूत करके बाल विवाह से निपटने के लिए एक संस्थागत ढांचा और तंत्र तैयार करता है। इसमें डीएलएसए कैथल के पैनल अधिवक्ता, बचाव पक्ष के वकील, पैरा लीगल वालंटियर्स और आशा सदस्यों ने भाग लिया।