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Kaithal News: धान की सीधी बिजाई का प्रशिक्षण देकर किया जागरूक
Wed, 11 Jun 2025 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Jun 2025 12:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कृषि विभाग ने बात्ता, कुराड, कैलरम व शिमला गांव में शिविर लगाकर किसानों को धान की सीधी बिजाई का प्रशिक्षण दिया। साथ ही इसके फायदे बताते हुए जागरूक भी किया।
खंड कृषि अधिकारी डाॅ. विजय मान ने किसानों को बताया कि धान की सीधी बिजाई करने पर किसान को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान मिलता है। इसी तरह से मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 8000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। जाएगा।
इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किल्ले व मुरब्बा नंबरों की सही पहचान करके धान की सीधी बिजाई के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि जिले में अबकी बार धान की सीधी बिजाई के लिए 15 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई के लिए पहले खेत को समतल करना होगा। उसके बाद किसान बिजाई कर सकता है। पारंपरिक रोपाई विधि के स्थान पर डीएसआर तकनीक को बढ़ावा दिया जाए तो इससे 30 से 35 प्रतिशत पानी की बचत होगी।
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इसके कारण श्रम लागत में कमी और समय की बचत होती है। उन्होंने किसानों को बीजों की गुणवत्ता, बिजाई का सही समय तथा खरपतवार नियंत्रण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी डा. नरेश नैन ने किसानों को बताया की मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत कोई भी किसान जो धान को छोड़कर अन्य फसलों जैसे, कपास, मक्का, चारा को उगाएगा। उसको प्रति एकड़ 8000 रुपये अनुदान प्रदान किया जाएगा।
असिटेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर रमेश समध्यान ने किसानों से मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करवाने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच के बाद ही जिन उवर्रकों व सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता है वे ही प्रयोग में लाए जाएं। फसलों में जरूरत से अधिक डाली गई खाद की मात्रा फसलों में कीटों व बीमारियों को तो आकर्षित करती ही है। इसके साथ में हमारी मिट्टी के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालती है। हमें रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाली मिट्टी की बंजरता एवं पर्यावरणीय नुकसान के प्रति सचेत रहना चाहिए।
इस मौके पर डॉ. जोगिंद्र सिंह, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. राजेश मोर, कृषि पर्यवेक्षक डॉ. ऋषिपाल, राकेश कुंडू, विशाल अजय, विवेक, नरेंद्र, गुरदीप सिंह, प्रगतिशील किसान जोनी राणा, विनोद राणा, प्रदीप राणा संदीप नरवाल, कृष्ण, ईश्वर सिंह, रणबीर सिंह गंगादयाल व जोगिंदर उपस्थित रहे।
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कलायत। कृषि विभाग ने बात्ता, कुराड, कैलरम व शिमला गांव में शिविर लगाकर किसानों को धान की सीधी बिजाई का प्रशिक्षण दिया। साथ ही इसके फायदे बताते हुए जागरूक भी किया।
खंड कृषि अधिकारी डाॅ. विजय मान ने किसानों को बताया कि धान की सीधी बिजाई करने पर किसान को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से अनुदान मिलता है। इसी तरह से मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 8000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। जाएगा।
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इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किल्ले व मुरब्बा नंबरों की सही पहचान करके धान की सीधी बिजाई के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि जिले में अबकी बार धान की सीधी बिजाई के लिए 15 हजार एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बिजाई के लिए पहले खेत को समतल करना होगा। उसके बाद किसान बिजाई कर सकता है। पारंपरिक रोपाई विधि के स्थान पर डीएसआर तकनीक को बढ़ावा दिया जाए तो इससे 30 से 35 प्रतिशत पानी की बचत होगी।
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इसके कारण श्रम लागत में कमी और समय की बचत होती है। उन्होंने किसानों को बीजों की गुणवत्ता, बिजाई का सही समय तथा खरपतवार नियंत्रण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी डा. नरेश नैन ने किसानों को बताया की मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत कोई भी किसान जो धान को छोड़कर अन्य फसलों जैसे, कपास, मक्का, चारा को उगाएगा। उसको प्रति एकड़ 8000 रुपये अनुदान प्रदान किया जाएगा।
असिटेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर रमेश समध्यान ने किसानों से मिट्टी की गुणवत्ता की जांच करवाने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच के बाद ही जिन उवर्रकों व सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता है वे ही प्रयोग में लाए जाएं। फसलों में जरूरत से अधिक डाली गई खाद की मात्रा फसलों में कीटों व बीमारियों को तो आकर्षित करती ही है। इसके साथ में हमारी मिट्टी के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालती है। हमें रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाली मिट्टी की बंजरता एवं पर्यावरणीय नुकसान के प्रति सचेत रहना चाहिए।
इस मौके पर डॉ. जोगिंद्र सिंह, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. राजेश मोर, कृषि पर्यवेक्षक डॉ. ऋषिपाल, राकेश कुंडू, विशाल अजय, विवेक, नरेंद्र, गुरदीप सिंह, प्रगतिशील किसान जोनी राणा, विनोद राणा, प्रदीप राणा संदीप नरवाल, कृष्ण, ईश्वर सिंह, रणबीर सिंह गंगादयाल व जोगिंदर उपस्थित रहे।