फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Lord Ramlala united the country

Kaithal News: भगवान रामलला ने देश को एकता के सूत्र में पिरोया

Thu, 25 Jan 2024 04:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 25 Jan 2024 04:13 AM IST
विज्ञापन
Lord Ramlala united the country
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। अयोध्या में श्री राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में संतों का सैलाब उमड़ा था। इसी कड़ी में कैथल से भी पांच संत अयोध्या में रामलला की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पहुंचे थे। इनमें महंत रमनपुरी, त्रिवेणी दास, राम स्वरूप दास और ईश्वर दास शामिल रहे। अपने अनुभव साझा करते हुए संतों ने कहा कि भगवान रामलला ने देश को एकता के सूत्र में पिरो दिया है।

संतों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रामलला की प्रतिमा का उद्घाटन करने के बाद सबसे पहले दर्शनों के लिए संतों को ही अनुमति दी गई थी। अयोध्या से वापस आने के बाद माता गेट स्थित डेरा परमहंस पुरी के महंत रमनपुरी और कठवाड़ डेरे के महंत त्रिवेणी दास ने बातचीत की। दोनों ही संतों का कहना है कि इस पल का साक्षी बनना गर्व और अलौकिक हैं क्योंकि वे उस पल के साक्षी बने, जिनका सनातनियों को पिछले 500 से अधिक साल से लंबा इंतजार था।
विज्ञापन


अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश में माहौल राममय

माता गेट स्थित डेरा परमहंस पुरी के महंत रमनपुरी ने बताया कि अयोध्या में आयोजित हुए कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें काफी अच्छा लगा। भावुक होकर बोले- उस दिन अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश में माहौल राममय हो गया था। इस कार्यक्रम में देशभर से से संत आए थे। इसमें 150 संप्रदाय के संत शामिल थे और दिव्य माहौल था। सभी संप्रदायों के संतों ने काफी अच्छे ढंग से रामजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहां के ट्रस्ट और सरकार की ओर से संतों के लिए अलग से व्यवस्था की गई, जो वीआईपी व्यवस्था थी। एक कक्ष में तीन संत ठहरे थे। प्रधानमंत्री की ओर से उद्घाटन के बाद संतों ने दर्शन किए। महंत ने कहा कि रामजी के दर्शन करके ऐसा लगा कि जैसे राम जी अवतार लेकर कलयुग में आ गए हों। इसके बाद उनकी आंखें नम हो गई और वे खुशी के आंसू नहीं रोक पाए। कानून व्यवस्था बेहतर थी और सफाई को लेकर भी काफी अच्छा प्रयास किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रीराम के दर्शन करके ऐसा लगा जैसे साक्षात राम जी प्रकट हुए

श्रीराम के दर्शन करके ऐसा लगा जैसे साक्षात राम जी प्रकट हुए और वे अपने मुख से कुछ कहना चाहते हैं। इसका कोई वर्णन नहीं किया गया जा सकता। यह बात कठवाड़ डेरे के महंत त्रिवेणी दास ने कही। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद रामजी के दर्शन कर लिए थे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में गीता के उपदेश में भगवान ने कहा था कि अधर्म की हमेशा हार होगी और धर्म की जीत। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण से भी धर्म की जीत हुई है और अधर्म की हार। महंत ने कहा कि दर्शन करने के बाद वह समाज को संदेश देना चाहते हैं कि हिंदू कभी भी जातिवाद और राजनीति में न बंटे। हम हिंदू हैं और हिंदुस्तान अपना है। सभी एक होंगे तो कोई भी हिंदुस्तान की तरफ से आंख उठाकर नहीं देख पाएगा। भगवान रामलला पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरो गए है। सभी को समान रूप से भगवान देखते है। राम का चरित्र यही संदेश है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed