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कैथल: अंतिम दिन आज, ज्यादातर स्कूलों ने नहीं भरा फार्म-6
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कैथल। शिक्षा विभाग की ओर से दिया समय बीतने को है, लेकिन अभी तक जिले के अधिकतर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने विभाग की वेबसाइट पर फार्म-6 नहीं भरा है। फार्म-6 भरने के बाद इसकी एक प्रति जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करवानी अनिवार्य है। आदेशों के बावजूद पूरे जिले 389 निजी स्कूलों में से मात्र एक स्कूल ने ही डीईओ कार्यालय में प्रति जमा करवाई है। ऐसे में विभाग ने सभी स्कूल संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 15 फरवरी तक हर हालात में फार्म भरकर उसकी प्रति जिला कार्यालय में जमा करवाएं।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है कि वे उनके क्षेत्र में आने वाले स्कूल संचालकों को जल्द से जल्द फार्म भरने के लिए कहें। अगर 15 फरवरी तक प्रति जमा नहीं होती है, तो स्कूलों के खिलाफ विभाग के आदेशानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि निजी स्कूलों को फार्म-6 हर वर्ष जमा करवाना होता है। इस फार्म में स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों की फीस में की गई बढ़ोतरी या कमी, स्कूल की ढांचागत सुविधाओं, कर्मचारियों के वेतन और मानदेय और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का ब्योरा होता है। साथ ही यह भी दर्शाया जाता है कि स्कूल विद्यार्थियों को फीस के अनुसार कौन-कौन से लाभ दे रहा है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि 15 फरवरी तक सभी स्कूल फार्म-6 भरें और इसकी प्रति विभाग के कार्यालय में जमा करवा दें। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इस बारे सूचित किया गया है। फार्म नहीं भरने वाले स्कूल किसी भी प्रकार की विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है कि वे उनके क्षेत्र में आने वाले स्कूल संचालकों को जल्द से जल्द फार्म भरने के लिए कहें। अगर 15 फरवरी तक प्रति जमा नहीं होती है, तो स्कूलों के खिलाफ विभाग के आदेशानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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गौरतलब है कि निजी स्कूलों को फार्म-6 हर वर्ष जमा करवाना होता है। इस फार्म में स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों की फीस में की गई बढ़ोतरी या कमी, स्कूल की ढांचागत सुविधाओं, कर्मचारियों के वेतन और मानदेय और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का ब्योरा होता है। साथ ही यह भी दर्शाया जाता है कि स्कूल विद्यार्थियों को फीस के अनुसार कौन-कौन से लाभ दे रहा है।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि 15 फरवरी तक सभी स्कूल फार्म-6 भरें और इसकी प्रति विभाग के कार्यालय में जमा करवा दें। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इस बारे सूचित किया गया है। फार्म नहीं भरने वाले स्कूल किसी भी प्रकार की विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे।