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भाषा केवल संवाद नहीं एकता सूत्र भी : संजय
Sun, 08 Jun 2025 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:52 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगौंध में शनिवार को भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन हुआ। इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय सिंह ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, पहचान और एकता का सूत्र है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं की उपयोगिता को रेखांकित किया साथ ही संविधान में वर्णित भाषाओं एवं लिपि के बारे में बच्चों से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में पहले व दूसरे दिन अध्यापक अवतार सिंह, सुख देवी, पूजा, सुनीता, कुलवंत सिंह ने विद्यार्थियों को आधारभूत ज्ञान जिसमे नमस्ते, सत्श्री अकाल, राम- राम आदि करने और भाव सहित अभिवादन करना सिखाया गया। शिविर के तीसरे और चौथे दिन अध्यापक सुनील, बलवान सिंह, संदीप, रविंद्र सिंह ने कला, संगीत, डांस चित्रकारी पर आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को गुर सिखाए। शिविर के पांचवें दिन अध्यापक बीनू, धर्मपाल, प्रवीन, कर्मवीर, देवी राम ने विद्यार्थियों को सभ्यता की प्रशंसा, सुनने की क्षमता का विकास, आजादी के वीर सेनानियों के इतिहास बारे जानकारी दी, भारतीय भूगोलीय, नदियों व पर्वतों आदि के बारे में जानकारी दी।
शिविर में पंजाबी अध्यापक बूटा सिंह ने बच्चों पंजाबी भाषा का पुनः अभ्यास करवाया गया। समापन पर बच्चों को सम्मानित किया गया।
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गुहला-चीका। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगौंध में शनिवार को भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का समापन हुआ। इस मौके पर प्रधानाचार्य संजय सिंह ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, पहचान और एकता का सूत्र है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय भाषाओं की उपयोगिता को रेखांकित किया साथ ही संविधान में वर्णित भाषाओं एवं लिपि के बारे में बच्चों से जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में पहले व दूसरे दिन अध्यापक अवतार सिंह, सुख देवी, पूजा, सुनीता, कुलवंत सिंह ने विद्यार्थियों को आधारभूत ज्ञान जिसमे नमस्ते, सत्श्री अकाल, राम- राम आदि करने और भाव सहित अभिवादन करना सिखाया गया। शिविर के तीसरे और चौथे दिन अध्यापक सुनील, बलवान सिंह, संदीप, रविंद्र सिंह ने कला, संगीत, डांस चित्रकारी पर आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को गुर सिखाए। शिविर के पांचवें दिन अध्यापक बीनू, धर्मपाल, प्रवीन, कर्मवीर, देवी राम ने विद्यार्थियों को सभ्यता की प्रशंसा, सुनने की क्षमता का विकास, आजादी के वीर सेनानियों के इतिहास बारे जानकारी दी, भारतीय भूगोलीय, नदियों व पर्वतों आदि के बारे में जानकारी दी।
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शिविर में पंजाबी अध्यापक बूटा सिंह ने बच्चों पंजाबी भाषा का पुनः अभ्यास करवाया गया। समापन पर बच्चों को सम्मानित किया गया।