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बाप, दादा व पड़दादा के खाते खंगाल रहा लैंड मोरगेज बैंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 01:21 AM IST
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Land Mortgage Bank is checking the accounts of father, grandfather and great grandfather
01-कैथल। जींद रोड स्थित लैंड मोरगेज बैंक में एनओसी लेने के लिए लगी लोगों की भीड़। - फोटो : Kaithal
कैथल। चौधर के लिए पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को अपनी चार पीढ़ियों तक के ऋण के संबंध मेें जानकारी जुटानी पड़ रही है। लैंड मोरगेज बैंक में चार पीढ़ियों का खाता खंगालने के बाद एनओसी जारी की जा रही है। यदि किसी उम्मीदवार का स्वयं का, बाप, दादा या पड़दादा का कोई ऋण लंबित है तो एनओसी हासिल करने के लिए पहले उसे भरने की शर्त रखी गई है। कैथल में ऐसे पांच मामले आ चुके हैं। इनमें उम्मीदवारों ने अपने बाप या दादा का ऋण भरा और एनओसी हासिल की।
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गौरतलब है कि सरकार ने अन्य विभागों के साथ-साथ लैंड मोरगेज बैंक से भी उम्मीदवारों के लिए एनओसी अनिवार्य की है ताकि कुछ न कुछ बैंक की रिकवरी भी हो जाए। कैथल लैंड मोरगेज बैंक का कुल 46 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लोगों की ओर बकाया है। लगभग 1750 ऋणी डिफॉल्टर हैं। इन में वर्ष 1984 तक के डिफॉल्टर शामिल हैं, जिन पर डेढ़ लाख या इससे अधिक रुपये का ऋण लंबित है।
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एनओसी हासिल करने के लिए शनिवार को बैंक में भीड़ थी। इस वजह से बैंक के दरवाजे का शीशा भी चटक गया। ऐसा नहीं है कि सभी उम्मीदवारों की ओर बैंक का ऋण बकाया है। लेकिन जिस भी उम्मीदवार का, उसके बाप, दादा या पड़दादा का ऋण बकाया है, उसे उसका भुगतान करना पड़ रहा है। अन्यथा की स्थिति में उसे चुनाव में उम्मीदवारी का विचार छोड़ना पड़ रहा है। बैंक कर्मचारी तो उम्मीदवार के चाचा या ताऊ की ओर बकाया ऋण की जानकारी मिलने पर उन्हें भी फोन करवाकर ऋण जमा करवाने की ताकीद कर रहे हैं।
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बैंक मैनेजर देवेंद्र कुमार ने बताया कि एनओसी के लिए आवेदनकर्ता के खुद का, बाप का, दादा या पड़दादा के ऋण की जांच की जा रही है। जिसकी ओर ऋण बकाया है, उसे इसे भरने के लिए कहा जा रहा है। जो ऋण भर देता है, उसे एनओसी जारी कर देते हैं। जो ऋण नहीं भरता, वे नियमानुसार उसे एनओसी जारी नहीं करते। इस प्रक्रिया में अभी तक पांच केसों में लगभग साढ़े 12 लाख रुपये की रिकवरी हुई है। उन्होंने कहा कि एक उम्मीदवार के पड़दादा की ओर 1.65 लाख रुपये का ऋण बकाया था। जो जानकारी मिलने के बाद दोबारा एनओसी के लिए नहीं आया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने ऋण जमा करवाने पर आधे ब्याज व जुर्माने में पूरी छूट दी हुई है। इसीलिए जो भी व्यक्ति इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, वह ऋण जमा करवाए। अन्यथा बैंक द्वारा जमीन की कुर्की के लिए केस किया जाएगा।
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