फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Lack of facilities for javelin throwers in Kaithal; athletes unable to emerge.

Kaithal News: कैथल में जेवलिन खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं का अभाव, नहीं निकल पा रहे खिलाड़ी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
Lack of facilities for javelin throwers in Kaithal; athletes unable to emerge.
संदीप कुंडू
कसान( कैथल)। गांव तितरम के दिव्यांग खिलाड़ी संदीप कुंडू अपनी मेहनत, लगन और जज्बे के दम पर जेवलिन थ्रो में पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले करीब पांच वर्षों से वह बिना किसी पेशेवर कोच के नियमित अभ्यास कर रहे हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद संदीप राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और कांस्य पदक जीतकर प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं।
विज्ञापन

संदीप गांव तितरम के खेल स्टेडियम में प्रतिदिन करीब तीन घंटे अभ्यास करते हैं। ग्राम पंचायत तितरम ने उन्हें अभ्यास के लिए स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध करवाई है लेकिन इसके अलावा जेवलिन, प्रशिक्षण से जुड़े उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन उन्होंने अपने स्तर पर ही जुटाए हैं। उनका कहना है कि जिले में जेवलिन खिलाड़ियों के लिए न तो पर्याप्त खेल सुविधाएं हैं और न ही अनुभवी कोच उपलब्ध हैं। ऐसे में उन्हें अपनी तैयारी पूरी तरह स्वयं करनी पड़ती है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि जेवलिन थ्रो ऐसा खेल है जिसमें सही तकनीक, नियमित अभ्यास और अनुशासन की सबसे अधिक जरूरत होती है। यदि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर मैदान और विशेषज्ञ कोच का मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन कैथल जिले में जेवलिन खिलाड़ियों के लिए कोई मजबूत खेल ढांचा विकसित नहीं है। यही कारण है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी सीमित संसाधनों के सहारे अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संदीप का कहना है कि जिला खेल विभाग को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। जिले में जेवलिन खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और कोचिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

खास बात यह है कि संदीप केवल अपनी तैयारी तक सीमित नहीं हैं। वह गांव के छोटे बच्चों को भी नि:शुल्क जेवलिन थ्रो का प्रशिक्षण देते हैं और उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं। पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी कमजोरी को अपनी मंजिल के बीच नहीं आने दिया। उनका संघर्ष और समर्पण उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।

संदीप कुंडू

संदीप कुंडू

संदीप कुंडू

संदीप कुंडू

संदीप कुंडू

संदीप कुंडू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed