फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Kharmas from 16th, ban on auspicious functions till 14th January

Kaithal News: 16 से खरमास, 14 जनवरी तक मांगलिक कार्यों पर रोक

Sun, 07 Dec 2025 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 07 Dec 2025 12:14 AM IST
विज्ञापन
Kharmas from 16th, ban on auspicious functions till 14th January
6केएलटी1: पंडित विशाल शांडिल्य - फोटो : टूंडला स्टेशन पर गांजा सहित पकउ़ा गया आरोपी व पुलिस टीम पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल/कलायत। हिंदू धर्म में खरमास को एक ऐसा समय माना जाता है जब लगभग एक महीने तक सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। इस साल खरमास 16 दिसंबर से शुरू होकर 14 जनवरी तक रहेगा। पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि साल में दो बार खरमास आता है और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसी मांगलिक गतिविधियों पर विराम रहता है।

उन्होंने बताया कि पंचांग के अनुसार सूर्य के धनु राशि में गोचर करते ही खरमास प्रारंभ हो जाता है और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ यह समाप्त होता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
विज्ञापन


ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य और गुरु ग्रह की स्थिति शुभ कार्यों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होती है। पंडित संजय शास्त्री ने बताया कि खरमास के दौरान गुरु तारा अस्त होता है और सूर्य की स्थिति भी कमजोर होती है, जिससे मांगलिक कार्य फलित नहीं होते।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही कारण है कि इसे अशुभ मास माना गया है। इस समय सूर्य धनु राशि से गुजरता है, जहां बृहस्पति की शुभ ऊर्जा कम हो जाती है। इसके अलावा मौसम में अनचाहे बदलाव, धुंध, बारिश और बर्फबारी भी अक्सर देखी जाती हैं।

पंडित अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि हर खरमास की समाप्ति मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी 2026 को होगी. खरमास को पूजा पाठ भक्ति आध्यात्मिक साधना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। मान्यता है कि सूर्य देव के सात घोड़े लगातार यात्रा करते-करते थक जाते हैं, इसलिए सूर्य देव उन्हें आराम देने के लिए एक तालाब के किनारे रोक देते हैं और घोड़ों को पानी पीने और विश्राम करने देते हैं. इस दौरान, घोड़ों की जगह सूर्य रथ में दो गधों को, जिन्हें 'खर' भी कहा जाता है, जोत लेते हैं. गधों की धीमी गति के कारण सूर्य के रथ की गति भी धीमी हो जाती है. जब रथ की गति धीमी हो जाती है, तब घोड़ों को आराम मिलता है और वे फिर से रथ खींचने के लिए तैयार हो जाते हैं:यही कारण है कि हर साल खरमास आता है और इसे धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।

उन्होंने बताया कि खरमास के समापन की तिथि 14 जनवरी 2026 होगी। इस दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होता है और यह दिन मकर संक्रांति कहलाता है। उन्होंने बताया कि खरमास की अवधि में शुभ कार्यों को विराम दिया जाता है और इसे पूजा-पाठ, भक्ति तथा आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम माना जाता है।


उन्होंने बताया कि खरमास के दौरान नित्य और नैमित्त कर्म किए जा सकते हैं, लेकिन काम्य कर्मों का निषेध होता है. इसका मतलब हम विवाह नहीं कर सकते और यज्ञोपवित नहीं कर सकते लेकिन घर खरीदने के लिए मकान देखने जा सकते हैं। इसी प्रकार विवाह के लिए लड़की देखने जा सकते हैं। नित्य और नैमित्त कर्म किए जा सकते हैं।

6केएलटी1: पंडित विशाल शांडिल्य

6केएलटी1: पंडित विशाल शांडिल्य- फोटो : टूंडला स्टेशन पर गांजा सहित पकउ़ा गया आरोपी व पुलिस टीम पुलिस

6केएलटी1: पंडित विशाल शांडिल्य

6केएलटी1: पंडित विशाल शांडिल्य- फोटो : टूंडला स्टेशन पर गांजा सहित पकउ़ा गया आरोपी व पुलिस टीम पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed