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केवट ने कराई गंगा पार, भरत मिलाप दृश्य का मंचन
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आदर्श नाटक क्लब श्री भवानी मंदिर चीका में श्रीरामलीला महोत्सव में पांचवें दिन भरत मिलाप दृश्य का मंचन किया गया। मंदिर में प्रतिदिन श्रीरामलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ बढ़ रही है। रविवार को श्रीरामलीला महोत्सव में पाँचवे दिन श्रीराम वनवास लीला के दौरान भगवान राम-लक्ष्मण और सीता जी सरयू के किनारे जाते हैं और वहां केवट से अपनी नाव में बैठाकर सरयू पार कराने को कहते है। भगवान राम सरयू पार कर चित्रकूट पहुंच जाते हैं।
अयोध्या में राम के वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते है, जब भरत और शत्रुघ्न को राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु का पता लगता है, तो वो अयोध्या वापस आते हैं, कैकेयी को भला बुरा कहते हैं। भरत तीनों माताओं के साथ गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट की ओर प्रस्थान कर देते है, जहां पर भरत का श्रीराम से मिलाप होता है। मंच का संचालन क्लब के सचिव दीपक मिगलानी ने बखूबी निभाया।
प्राचीन प्रसिद्ध श्री भवानी मंदिर में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान क्लब के डायरेक्टर कृष्ण धीमान ने बताया कि लीला में श्रीराम राजतिलक की तैयारी और उसके बाद राम वनवास गमन की लीला का बहुत ही भावपूर्ण मंचन हुआ। क्लब के प्रेस सचिव कुलदीप माजरा ने बताया कि 12 अक्तूबर को सुग्रीव मित्रता व बाली वध, 13 अक्तूबर को लंका दहन, 14 अक्तूबर को लक्ष्मण मूर्छा, 15 अक्तूबर को राज तिलक व दशहरा महोत्सव का मंचन किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान राजीव शर्मा, मोती राम गर्ग, दीपक मिगलानी, मास्टर रामकुमार शर्मा, गुरबक्श सीडा, हंसराज जिन्दल,बलबीर सैनी, रविदत्त शर्मा, कृष्ण धीमान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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अयोध्या में राम के वियोग में महाराजा दशरथ अपने प्राण त्याग देते है, जब भरत और शत्रुघ्न को राम के वन गमन और दशरथ की मृत्यु का पता लगता है, तो वो अयोध्या वापस आते हैं, कैकेयी को भला बुरा कहते हैं। भरत तीनों माताओं के साथ गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत और शत्रुघ्न के साथ चित्रकूट की ओर प्रस्थान कर देते है, जहां पर भरत का श्रीराम से मिलाप होता है। मंच का संचालन क्लब के सचिव दीपक मिगलानी ने बखूबी निभाया।
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प्राचीन प्रसिद्ध श्री भवानी मंदिर में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान क्लब के डायरेक्टर कृष्ण धीमान ने बताया कि लीला में श्रीराम राजतिलक की तैयारी और उसके बाद राम वनवास गमन की लीला का बहुत ही भावपूर्ण मंचन हुआ। क्लब के प्रेस सचिव कुलदीप माजरा ने बताया कि 12 अक्तूबर को सुग्रीव मित्रता व बाली वध, 13 अक्तूबर को लंका दहन, 14 अक्तूबर को लक्ष्मण मूर्छा, 15 अक्तूबर को राज तिलक व दशहरा महोत्सव का मंचन किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान राजीव शर्मा, मोती राम गर्ग, दीपक मिगलानी, मास्टर रामकुमार शर्मा, गुरबक्श सीडा, हंसराज जिन्दल,बलबीर सैनी, रविदत्त शर्मा, कृष्ण धीमान सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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