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Kaithal News: बुद्ध पूर्णिमा पर धार्मिक आस्था में रंगा कलायत
Sat, 02 May 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 02 May 2026 12:47 AM IST
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यज्ञ में आहुतियां डालते लोग
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को कलायत नगर धार्मिक आस्था और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हवन यज्ञ, कथा-कीर्तन और भंडारों का आयोजन किया गया। उधर, श्री कपिल मुनि मंदिर में लगे मेले में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पौराणिक तीर्थ में स्नान कर ईष्ट देवों की पूजा-अर्चना की।
नगर के कई स्थानों पर भंडारे और जल सेवा के लिए छबील लगाई गईं। माई वाला डेरा में सामूहिक हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जबकि बाबा रूडपुरी डेरा में सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन हुआ। कथा के पश्चात भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संकट मोचन बाला जी मंदिर में भी सुबह से हवन यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर सुख-समृद्धि की कामना की।
बाबा रूडपुरी डेरा में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र तीर्थ में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। संकट मोचन मंदिर प्रभारी रोहताश शर्मा ने बताया कि मंदिर में सुबह से हवन के बाद भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उधर, श्री कपिल मुनि मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि पूर्णिमा का व्रत संपूर्ण व्रत माना जाता है और विधिपूर्वक पालन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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मेले के दौरान गंदे पानी और अव्यवस्था से परेशानी
मेले के दौरान व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। कपिल तीर्थ में कपिल मुनि माइनर से छोड़े जा रहे पानी में एक स्थान पर गंदा पानी मिल रहा है, जिससे तीर्थ का जल अशुद्ध हो रहा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पानी में दुर्गंध की समस्या बनी रही।
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कलायत। बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को कलायत नगर धार्मिक आस्था और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया। विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हवन यज्ञ, कथा-कीर्तन और भंडारों का आयोजन किया गया। उधर, श्री कपिल मुनि मंदिर में लगे मेले में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पौराणिक तीर्थ में स्नान कर ईष्ट देवों की पूजा-अर्चना की।
नगर के कई स्थानों पर भंडारे और जल सेवा के लिए छबील लगाई गईं। माई वाला डेरा में सामूहिक हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जबकि बाबा रूडपुरी डेरा में सत्यनारायण भगवान की कथा का आयोजन हुआ। कथा के पश्चात भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संकट मोचन बाला जी मंदिर में भी सुबह से हवन यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर सुख-समृद्धि की कामना की।
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बाबा रूडपुरी डेरा में पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र तीर्थ में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। संकट मोचन मंदिर प्रभारी रोहताश शर्मा ने बताया कि मंदिर में सुबह से हवन के बाद भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। उधर, श्री कपिल मुनि मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि पूर्णिमा का व्रत संपूर्ण व्रत माना जाता है और विधिपूर्वक पालन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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मेले के दौरान गंदे पानी और अव्यवस्था से परेशानी
मेले के दौरान व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। कपिल तीर्थ में कपिल मुनि माइनर से छोड़े जा रहे पानी में एक स्थान पर गंदा पानी मिल रहा है, जिससे तीर्थ का जल अशुद्ध हो रहा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पानी में दुर्गंध की समस्या बनी रही।

यज्ञ में आहुतियां डालते लोग- फोटो : 1