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तहसील बदलने पर अड़े गांव काकौत वासी, वोटिंग का बहिष्कार
कैथल
Updated Fri, 11 Apr 2014 12:18 AM IST
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पाई। तहसील बदलने के मांग पर अड़े गांव काकौतवासियों ने वीरवार को लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया। कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले इस गांव के लोगों का कहना है कि उनके गांव को कलायत हलका के बजाय कैथल में जोड़ा जाए।
ग्रामीण तहसील और कानूनगो एवं थाना क्षेत्र को भी बदलने की मांग कर रहे थे। हालांकि गांव के लोगों को मनाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सहित कांग्रेसी नेता भी पहुंचे, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। इस वजह से गांव में बने बूथों पर महज 13 लोगों ने वोट डाला। गौरतलब है कि गांव में करीब 3583 मतदाता थे।
पोलिंग बूथ पर खाली बैठे रहे कर्मचारी
कुरुक्षेत्र लोकसभा के लिए वीरवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआत में गांव के 13 मतदाता अपने मत का प्रयोग कर चुके थे, परंतु उसके बाद एक भी वोट नहीं डाला गया। काकौत गांव में बूथ-51 पर 1190, बूथ-52 पर 1174 और बूथ-53 पर 1219 वोट थे।
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इसमें से सिर्फ 13 मतदाता ही वोट डाल सके और इसके अलावा 12 वोट उपस्थित कर्मचारियों द्वारा डाले गए। जिस कारण से इन तीनों बूथों पर केवल 25 वोट ही डले। बहिष्कार की सूचना पाते ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त एनके सोलंकी, पुलिस अधीक्षक कुलदीप यादव, पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह, तहसीलदार रोशन लाल, नायब तहसीलदार रामचंद्र, कांग्रेसी नेता रणवीर उर्फ बॉबी मान, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अरविंद कौशिक और थाना तितरम प्रभारी महावीर सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने तथा वोट डलवाने का प्रयास किया। लेकिन लोग नहीं माने। इन्होंने आश्वासन भी दिया कि ग्रामीणों की समस्याओं को शीघ्र ही हल कर दिया जाएगा। परंतु ग्रामीण टस से मस नहीं हुए।
ग्रामीणों ने कहा कि उक्त इन चार समस्याओं के अलावा उनके गांव से मिनी बैंक को भी उठा कर नरड़ में स्थापित कर दिया गया, जो उनके साथ नाइंसाफी है।
लोगों की मांग जायज, समय गलत : माजरा
कलायत के इनेलो विधायक रामपाल माजरा ने कहा कि ग्रामीणों की हलके को लेकर जो मांग है वह तो गलत है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में कोई दखलअंदाजी नहीं की जा सकती। अन्य जो मांगें हैं वे जायज हैं लेकिन यह समय मांग रखने का नहीं, अपितु वोट डालने का है। उधर कांग्रेसी नेता रणवीर उर्फ बॉबी मान का कहना है कि लोगों को इस समय चुनाव का बहिष्कार तो नहीं करना चाहिए था और चुनाव से पहले जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करवाना चाहिए थे।
ग्रामीणों की मांगें
1. पूर्व विधानसभा क्षेत्र पाई को कलायत में से निकालकर पुन: विधानसभा बनाया जाएं।
2. जाखौली में खुले कानूनगो सर्कल को हटाकर कैथल या पूंडरी मेें बनाया जाएं।
3. गांव को तहसील कलायत के बजाय कैथल या पूंडरी में शामिल किया जाए।
4. मिनी सोसाइटी बैंक को वापस नरड़ से काकौत में शिफ्ट किया जाए।
पाई में जाली वोटिंग का प्रयास
पाई के बूथ-124, 125, 126 पर कुछ लोगों द्वारा जाली मतदान करने की कोशिश की गई। जिस पर इन बूथों पर हंगामा खड़ा हो गया। इन बूथों पर पहुंचे चुनाव अधिकारियों ने इस बारे में जिला प्रशासन को अवगत करवाया, जिस पर इन बूथों पर भारी पुलिस बल के अलावा सीआरपी की टुकड़ी की ड्यूटी लगाई।
इसके साथ-साथ पुलिस अधिकारी आशीष चौधरी मौके पर पहुंचे और हुड़दंगियों को भगाया। उन्होंने बताया कि स्थिति को काबू कर लिया गया था और एक वोट को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी।
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ग्रामीण तहसील और कानूनगो एवं थाना क्षेत्र को भी बदलने की मांग कर रहे थे। हालांकि गांव के लोगों को मनाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी सहित कांग्रेसी नेता भी पहुंचे, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। इस वजह से गांव में बने बूथों पर महज 13 लोगों ने वोट डाला। गौरतलब है कि गांव में करीब 3583 मतदाता थे।
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पोलिंग बूथ पर खाली बैठे रहे कर्मचारी
कुरुक्षेत्र लोकसभा के लिए वीरवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। शुरुआत में गांव के 13 मतदाता अपने मत का प्रयोग कर चुके थे, परंतु उसके बाद एक भी वोट नहीं डाला गया। काकौत गांव में बूथ-51 पर 1190, बूथ-52 पर 1174 और बूथ-53 पर 1219 वोट थे।
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इसमें से सिर्फ 13 मतदाता ही वोट डाल सके और इसके अलावा 12 वोट उपस्थित कर्मचारियों द्वारा डाले गए। जिस कारण से इन तीनों बूथों पर केवल 25 वोट ही डले। बहिष्कार की सूचना पाते ही जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त एनके सोलंकी, पुलिस अधीक्षक कुलदीप यादव, पुलिस उपाधीक्षक गुरमेल सिंह, तहसीलदार रोशन लाल, नायब तहसीलदार रामचंद्र, कांग्रेसी नेता रणवीर उर्फ बॉबी मान, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अरविंद कौशिक और थाना तितरम प्रभारी महावीर सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने तथा वोट डलवाने का प्रयास किया। लेकिन लोग नहीं माने। इन्होंने आश्वासन भी दिया कि ग्रामीणों की समस्याओं को शीघ्र ही हल कर दिया जाएगा। परंतु ग्रामीण टस से मस नहीं हुए।
ग्रामीणों ने कहा कि उक्त इन चार समस्याओं के अलावा उनके गांव से मिनी बैंक को भी उठा कर नरड़ में स्थापित कर दिया गया, जो उनके साथ नाइंसाफी है।
लोगों की मांग जायज, समय गलत : माजरा
कलायत के इनेलो विधायक रामपाल माजरा ने कहा कि ग्रामीणों की हलके को लेकर जो मांग है वह तो गलत है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों में कोई दखलअंदाजी नहीं की जा सकती। अन्य जो मांगें हैं वे जायज हैं लेकिन यह समय मांग रखने का नहीं, अपितु वोट डालने का है। उधर कांग्रेसी नेता रणवीर उर्फ बॉबी मान का कहना है कि लोगों को इस समय चुनाव का बहिष्कार तो नहीं करना चाहिए था और चुनाव से पहले जिला प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत करवाना चाहिए थे।
ग्रामीणों की मांगें
1. पूर्व विधानसभा क्षेत्र पाई को कलायत में से निकालकर पुन: विधानसभा बनाया जाएं।
2. जाखौली में खुले कानूनगो सर्कल को हटाकर कैथल या पूंडरी मेें बनाया जाएं।
3. गांव को तहसील कलायत के बजाय कैथल या पूंडरी में शामिल किया जाए।
4. मिनी सोसाइटी बैंक को वापस नरड़ से काकौत में शिफ्ट किया जाए।
पाई में जाली वोटिंग का प्रयास
पाई के बूथ-124, 125, 126 पर कुछ लोगों द्वारा जाली मतदान करने की कोशिश की गई। जिस पर इन बूथों पर हंगामा खड़ा हो गया। इन बूथों पर पहुंचे चुनाव अधिकारियों ने इस बारे में जिला प्रशासन को अवगत करवाया, जिस पर इन बूथों पर भारी पुलिस बल के अलावा सीआरपी की टुकड़ी की ड्यूटी लगाई।
इसके साथ-साथ पुलिस अधिकारी आशीष चौधरी मौके पर पहुंचे और हुड़दंगियों को भगाया। उन्होंने बताया कि स्थिति को काबू कर लिया गया था और एक वोट को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी।