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Kaithal News: प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में काजल की टीम अव्वल
Sat, 17 Jan 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। राजकीय कन्या महाविद्यालय, चीका में प्राचीन सरस्वती नदी पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में काजल व पायल की टीम प्रथम स्थान पर रही, जबकि अल्फरा व तमन्ना की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लकी शर्मा ने कहा कि भले ही सरस्वती नदी आज एक विलुप्त नदी है, फिर भी यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि ऋग्वेद में नदी के कई उल्लेख हैं और उत्तर वैदिक काल में महाभारत, रामायण जैसे ग्रंथों में इसका महत्व बताया गया। आधुनिक काल में इसरो, भूगर्भ, विज्ञान और एओएनजीसीए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सर्वे ने भी इसके अस्तित्व को मान्यता दी है। हड़प्पा काल के कई नगरों के अवशेष आज भी इस नदी के महत्व को दर्शाते हैं। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझें और इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे ले जाएँ। कार्यक्रम का संयोजन हिन्दी प्राध्यापक पुनीत कुमार ने किया, निर्णायक मंडल में प्राध्यापिका भावना उपस्थित रहीं और मंच का संचालन डॉ. फूल कुमार ने किया।
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गुहला-चीका। राजकीय कन्या महाविद्यालय, चीका में प्राचीन सरस्वती नदी पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में काजल व पायल की टीम प्रथम स्थान पर रही, जबकि अल्फरा व तमन्ना की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. लकी शर्मा ने कहा कि भले ही सरस्वती नदी आज एक विलुप्त नदी है, फिर भी यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने बताया कि ऋग्वेद में नदी के कई उल्लेख हैं और उत्तर वैदिक काल में महाभारत, रामायण जैसे ग्रंथों में इसका महत्व बताया गया। आधुनिक काल में इसरो, भूगर्भ, विज्ञान और एओएनजीसीए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सर्वे ने भी इसके अस्तित्व को मान्यता दी है। हड़प्पा काल के कई नगरों के अवशेष आज भी इस नदी के महत्व को दर्शाते हैं। डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझें और इसे पीढ़ी दर पीढ़ी आगे ले जाएँ। कार्यक्रम का संयोजन हिन्दी प्राध्यापक पुनीत कुमार ने किया, निर्णायक मंडल में प्राध्यापिका भावना उपस्थित रहीं और मंच का संचालन डॉ. फूल कुमार ने किया।
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