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प्रशासन ने दी गांव जाखौली में अनुमति, जाट समिति देवबन में धरने पर अड़ी

Sat, 28 Jan 2017 11:36 PM IST
kaithal beuro
kaithal beuro Updated Sat, 28 Jan 2017 11:36 PM IST
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c - फोटो : amar ujala
जाट आरक्षण के लिए आज से शुरू हो रहे अनिश्चितकालीन धरने के लिए जगह को लेकर गतिरोध बना हुआ है। प्रशासन ने गांव जाखौली में धरने की अनुमति दे दी है। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति गांव देवबन में कैंची चौक पर ही धरना देने पर अड़ी है। डीसी ने कहा है गैर कानूनी काम नहीं होने दिया जाएगा। उधर, शनिवार को प्रशासन ने जिले भर में फ्लैग मार्च निकाला और लोगों से शांति की अपील की।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने कहा कि प्रशासन को गांव देवबन व तितरम मोड पर धरने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। अभी तक आवदेन स्वीकृत नहीं हुआ है। समिति द्वारा फैसला लिया गया है कि गांव देवबन की जमीन में ही धरना दिया जाएगा। समाज द्वारा सहमति से यह निर्णय लिया गया है। डीसी से इस बारे में मुलाकात हुई है। डीसी ने यहां सुरक्षा के लिहाज से धरना ना देने की बात कही है। लेकिन समिति द्वारा देवबन में धरना दिया जाएगा।
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उधर, डीसी संजय जून ने कहा कि गांव जाखौली में धरने की अनुमति दी गई है। देवबन में धरने की अनुमति नहीं है। यदि कोई गैर कानूनी काम करेगा तो प्रशासन ऐसा नहीं होने देगा। प्रशासन द्वारा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन करने का लोकतंत्र प्रणाली में सभी वर्गों का अधिकार है, माहौल ठीक रखने की जिम्मेवारी भी धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों की होती है। जिला वासियों से अपील है कि वे शंाति बनाए रखें तथा सांकेतिक धरने को शांति पूर्वक दें।
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एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं तथा कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

सुरक्षा बलों ने आरएएफ की कंपनी के साथ निकाला मार्च
सुरक्षा बलों रैपिड एक्शन फोर्स, पुलिस की टुकडिय़ों ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में लंबे काफिले के साथ फ्लैग मार्च किया। लोगों में सुरक्षा की भावना प्रबल करने के लिए प्रशासन द्वारा पुलिस अधीक्षक सुमेर प्रताप सिंह के नेतृत्व में कैथल, कलायत, चौशाला, बालू, देवबन, जाखौली, राजौंद, भाणा, पाई, पूंडरी कस्बों व बड़े गांवों में हरियाणा पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियों के साथ फ्लैग मार्च किया। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में लघु सचिवालय से शुरू किए गए फ्लैग मार्च में एसडीएम मनदीप कौर, सुरेंद्र पाल, ओमप्रकाश, डीएसपी तरूण कुमार, सतीश गौतम, जोगिंद्र श्योराण, डीडीपीओ डा. जितेंद्र अहलावत सहित अन्य ड्यूटी मेजिस्ट्रेट शामिल हुए।

कलायत में किया फ्लैग मार्च
कलायत। जाट समाज द्वारा रविवार 29 जनवरी से आरक्षण की मांग को लेकर आयोजित किए जाने वाले धरने प्रदर्शन को ध्यान में रख सरकार व प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। शनिवार को जिला पुलिस कप्तान सुमेर प्रताप सिंह के नेतृत्व में कलायत की मुख्य सड़क पर हजारों की संख्या में पुलिस व पैरा मिलेट्री फोर्स ने फ्लैग मार्च निकाल लोगों को सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए जाने का भरोसा दिलाया। एसडीएम कैथल मंदीप कौर, एसडीएम कलायत ओमप्रकाश देवराला व तहसीलदार कलायत चंद्रमोहन बिश्रोई, उप पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र सिंह, डीएसपी सतीश गौतम, डीएसपी गुहला सुल्तान सिंह, डीएसपी तरुण कुमार सहित दर्जनों अधिकारी भी फ्लैग मार्च में शामिल थे।

सीटीएम ने किया तोड़फोड़ व धरना-प्रदर्शन में शामिल ना होने का आह्वान
सीटीएम विरेंद्र सांगवान ने डीएसपी तरूण कुमार के साथ विभिन्न गांवों का दौरा करके गांव के मौजिज लोगों को धरना प्रदर्शन व तोड़फोड़ में शामिल न होने तथा कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सहयोग की अपील की। नगराधीश ने गांव मानस, बुढ़ाखेड़ा, दिल्लोवाली व गुहणा गांव का दौरा करके ग्रामीण लोगों सेे बातचीत की। कहा इस प्रदर्शन के दौरान यदि किसी भी प्रकार का निजी व सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार उनकी निजी संपत्ति से की जाएगी।

जिले में धारा 144 लागू
जिलाधीश संजय जून ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में 29 जनवरी से धरना प्रदर्शन के आह्वान को मद्देनजर रखते हुए दंड प्रक्रिया नियमावली की धारा 144 के तहत जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों के अलावा जिला की सीमा में पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने तथा हथियार लेकर चलने पर तुरंत प्रभाव से पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 26 मार्च 2017 तक जारी रहेंगे। आदेशों के तहत जिला प्रशासन द्वारा धरना प्रदर्शन के लिए निर्धारित किए गए स्थलों के अलावा अन्य स्थलों पर गैर कानूनी गतिविधियों, सडक़ जाम करने, रास्ते, रेलवे ट्रैक, वाटर चैनल, पॉवर हाउस के आसपास पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। यह आदेश कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डियूटी पर तैनात की गई पुलिस फोर्स तथा कर्मचारियों पर लागू नही होंगे।

जिले भर में ड्यूटी मेजिस्ट्रेट एवं नोडल अधिकारी नियुक्त
जिलाधीश संजय जून ने जाट आरक्षण समिति के धरना प्रदर्शन के आह्वान के दौरान जिला में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी मेजिस्ट्रेट, क्षेत्र पुलिस प्रभारी तथा प्रशासन क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किए हैं। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ओवर ऑल इंचार्ज नियुक्त किया गया है। ड्यूटी मेजिस्ट्रेट के साथ पुलिस अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। समिति के प्रदर्शन की गंभीरता को मद्देनजर रखते हुए नोडल अधिकारी तथा क्षेत्र प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।

हरियाणा के जाटों को अपने हाल पर छोड़ दे मलिक:नरेंद्र
गुहला में जाट आंदोलन के नेता ने किया आंदोलन में भागीदारी से इंकार गुहला-चीका। पिछले जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान गुहला में आंदोलन की अगुवाई करने वाले सर्व जाट समाज के युवा नेता नरेंद्र सीड़ा ने फिलहाल जाट आरक्षण के नाम पर होने वाले किसी भी आंदोलन में भागीदारी करने से साफ इनकार किया है। यहां फोन पर दिए बयान में सीड़ा ने कहा यूपी के यशपाल मलिक अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए हरियाणा के जाटों की आहुति देने पर तुले हुए हैं। मलिक को अपने मकसद से बाज आने की चेतावनी देते हुए सीड़ा ने कहा कि पिछले आरक्षण आंदोलन के बाद जेलों में बंद युवाओं की रिहाई के लिए मलिक ने कुछ नहीं किया। जिन परिवारों के बेटे आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलियों के शिकार हुए, उन परिवारों का बाद में क्या हाल हुआ मलिक ने यह देखने का कष्ट भी नहीं किया। सीड़ा ने कहा मलिक जाटों को असमय आंदोलन की आग में झोंककर यूपी चुनाव में एक राजनीतिक दल का टिकट पाना चाहते हैं। हरियाणा के जाटों के पास नेतृत्व करने की क्षमता भी है और बुद्धि भी इसलिए मलिक अपनी राजनीति यूपी में करें। हरियाणा के जाटों को अपने हाल पर छोड़ दें। सीड़ा ने कहा कि हालांकि प्रदेश सरकार की तरफ से जाटों की मांगों को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं लेकिन फिर भी अगर जरूरत पड़ी तो हरियाणा के जाट लोकतांत्रिक तरीके से शांति पूर्ण आंदोलन चलाकर सरकार को अपनी मांगें मानने के लिए राजी करेंगे।

सीड़ा ने कहा कि यशपाल मलिक जैसे कुछ तथा कथित बाहरी जाट नेता प्रदेश भर में सक्रिय जाट संगठनों में लगातार फूट डालने का काम कर रहे हैं ताकि जाट छोटे छोटे गुटों में बिखरे रहकर मलिक के हाथों कठपुतली बने रहें। उन्होंने कहा कि अब यह नहीं होगा। हरियाणा के जाट अपनी लड़ाई खुद लड़ लेंगे।
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