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चार हाईवे से विकास के पथ पर अग्रसर कैथल
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कैथल। आज हमारा कैथल जिला 33 साल का हो गया है। जिला बनने के समय यहां केवल एक नेशनल हाईवे हिसार-चंडीगढ़ था। आज हमारे कैथल में तीन नेशनल हाईवे लगभग बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें से हिसार-चंडीगढ़ हाईवे हिसार से आगे राजस्थान तक बन चुका है तो 152डी पूरा होकर जिले के विकास की नई गाथा लिख रहा है। वहीं जम्मू से कटरा तक जाने वाला नेशनल हाईवे भी जिले के दर्जन भर से अधिक गांवों से होकर निकल रहा है। इसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है। नया नेशनल हाईवे गुहला-चीका से यमुनानगर तक स्वीकृत हुआ है। इस तरह से कैथल जिला अब चार-चार नेशनल हाईवे के माध्यम से विकास की उड़ान भरेगा।
एक नवंबर 1989 में कैथल जिला बना था। तब से आज तक कैथल जिले ने राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व तरक्की की है। जिला बनने के समय कैथल में कोई सेक्टर पूरी तरह से विकसित नहीं था। कैथल के जिला बनने के 32वें साल में डीटीपी अनिल नरवाल की अगुवाई में डी-प्लान 2031 को मंजूरी मिल गई है। जिसमें 40 पूर्ण सेक्टरों के अलावा तीन अतिरिक्त सेक्टर मंजूर हुए हैं, जो 32 से 34 तक के सेक्टरों के भाग हैं। 152-डी के करनाल रोड, ढांड रोड व असंध रोड पर बनाए गए भव्य पुलों व साइड में गोल चक्र में बनीं सडक़ों से विकास का नया दृश्य पैदा होता है। इन्हें देखकर नहीं लगता कि यह 1989 वाला कैथल जिला है, जिसने विकास की दिशा में नए आयाम छुए हैं।
कैथल जिले की पहचान हरियाणा के अग्रणी खाद्यान्न उत्पादक जिलों में होती है। जहां की बासमती विदेशों में अमेरिका से लेकर यूरोप व अरब देशों तक खुशबू बिखेरती है। वहीं अब हेफेड ने भी बासमती धान का निर्यात शुरू कर दिया। यहां का गेहूं व मोटा चावल देश के अन्य राज्यों के लोगों का पेट भरता है। यहां के प्रगतिशील किसानों ने हरियाणा में एक अहम स्थान हासिल किया है। नई-नई तकनीकों का प्रयोग करते हुए किसानों ने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पुरस्कार जीते हैं। प्रदेश की पहली संस्कृत यूनिवर्सिटी गांव मूंदड़ी में निर्माणाधीन है। मेडिकल कॉलेज की जमीन अलॉट हो चुकी है। जिले के किसानों ने पराली प्रबंधन में नया आयाम स्थापित किया है। यहां किसान अब फाने जलाने की बजाय उससे कमाई अर्जित कर रहे हैं।
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आने वाले समय में सभी नेशनल हाइवे का काम पूरा होने के साथ संस्कृत व मेडिकल विश्वविद्यालय, क्योड़क में पशु विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर, गांव धेरड़ू में नर्सिंग कॉलेज, शहर के बीचों-बीच सिटी स्क्वेयर, राजौंद व गुहला-चीका क्षेत्र में सरकारी कॉलेज बन जाने के बाद जिला विकास के मामले में काफी आगे निकल जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में कैथल जिले में विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कलायत सहित पूरा जिला विकास के पथ पर है। सभी कैथल निवासियों को कैथल व हरियाणा दिवस की बधाई। -कमलेश ढांडा, राज्यमंत्री हरियाणा सरकार।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल के ही गांव क्योडक़ को गोद लेकर बताया है कि वे पूरे हरियाणा सहित कैथल का विकास चाहते हैं। यहां बनने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दिया गया सबसे बड़ा तोहफा है। जिले में सभी क्षेत्रों में करोड़ों के विकास कार्य जारी हैं। सभी को कैथल व हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं। -लीला राम, विधायक, कैथल।
ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी के जिला कैथल व हरियाणा दिवस पर सभी जिलावासियों को शुभकामनाएं। कैथल जिले ने अब तक विकास का लंबा रास्ता तय किया है। मौजूदा समय में सरकार विकास करवाने में असफल रही है। आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनने पर कैथल फिर तरक्की की रफ्तार पकड़ेगा।
रणदीप सुरजेवाला, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद।
कैथल जिला बनने के समय विकास में काफी पीछे था। अब तक कैथल जिले ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है। उम्मीद है कि मौजूदा सरकार भी इस दिशा में कुछ काम करेगी। सभी कैथल वासियों को कैथल व हरियाणा दिवस की बधाई। -रामपाल माजरा, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव।
इन लोगों ने किया है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदा समय में बॉक्सर मनीषा मौण, लासू यादव, कीर्ति ढुल, पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हरविंद्र सिंह, ओलंपियन रहे बॉक्सर मनोज कुमार, प्रगतिशील किसान ईश्वर कुंडू सहित अनेकों लोगों ने जिले का नाम रोशन किया है।
विदेशों में धूम मचा रहे हैं हमारे कैथल वासी-कैथल जिले के गांव प्रेमपुरा हो, सुल्तानिया प्लाट हो, जगदीश पुरा हो या गुहला-चीका क्षेत्र के अन्य गांव, यहां से हजारों लोग विदेशों में रोजगार, शिक्षा सहित आईटी क्षेत्र में मेहनत करके जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्य राजनेता एक नजर में-हलके हरियाणा बनने से लेकर कैथल से स्व. ओमप्रभा जैन, स्व. चरणदास शोरेवाला, स्व. रणसिंह मान, स्व. तेजी मान, सुरेंद्र मदान, रणदीप सुरजेवाला, गीता भूक्कल हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अलावा रामपाल माजरा व रोशन लाल तिवारी मुख्य संसदीय सचिव रहे हैं। इसके अलावा जयप्रकाश केंद्रीय मंत्री रहे। वर्तमान में रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में अहम स्थान रखते हैं और राज्यसभा सांसद हैं। वहीं कैथल से राज्यमंत्री कमेलश ढांडा हरियाणा मंत्रीमंडल में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री के तौर पर विकास करवा रही हैं।
जिले का ऐतिहासिक महत्व-हरियाणा के ऐतिहासिक एवं पौराणिक शहरों में कैथल जिला शुमार है। यहां महाभारतकालीन श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, हनुमान जी की जन्मस्थली माता अंजनि का टीला, वृद्धकेदार तीर्थ, कपिलमुनि तीर्थ कलायत, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी, डेरा बाबा राजपुरी, स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के गुरु तोतापुरी जी की गांव बाबा लदाना में समाधि, भाई उदय ङ्क्षसह का किला, ऐतिहासिक बावड़ी, नवगृह कुंड, फल्गू तीर्थ सहित पूरे जिले में 51 तीर्थ स्थित हैं।
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एक नवंबर 1989 में कैथल जिला बना था। तब से आज तक कैथल जिले ने राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व तरक्की की है। जिला बनने के समय कैथल में कोई सेक्टर पूरी तरह से विकसित नहीं था। कैथल के जिला बनने के 32वें साल में डीटीपी अनिल नरवाल की अगुवाई में डी-प्लान 2031 को मंजूरी मिल गई है। जिसमें 40 पूर्ण सेक्टरों के अलावा तीन अतिरिक्त सेक्टर मंजूर हुए हैं, जो 32 से 34 तक के सेक्टरों के भाग हैं। 152-डी के करनाल रोड, ढांड रोड व असंध रोड पर बनाए गए भव्य पुलों व साइड में गोल चक्र में बनीं सडक़ों से विकास का नया दृश्य पैदा होता है। इन्हें देखकर नहीं लगता कि यह 1989 वाला कैथल जिला है, जिसने विकास की दिशा में नए आयाम छुए हैं।
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कैथल जिले की पहचान हरियाणा के अग्रणी खाद्यान्न उत्पादक जिलों में होती है। जहां की बासमती विदेशों में अमेरिका से लेकर यूरोप व अरब देशों तक खुशबू बिखेरती है। वहीं अब हेफेड ने भी बासमती धान का निर्यात शुरू कर दिया। यहां का गेहूं व मोटा चावल देश के अन्य राज्यों के लोगों का पेट भरता है। यहां के प्रगतिशील किसानों ने हरियाणा में एक अहम स्थान हासिल किया है। नई-नई तकनीकों का प्रयोग करते हुए किसानों ने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तरीय पुरस्कार जीते हैं। प्रदेश की पहली संस्कृत यूनिवर्सिटी गांव मूंदड़ी में निर्माणाधीन है। मेडिकल कॉलेज की जमीन अलॉट हो चुकी है। जिले के किसानों ने पराली प्रबंधन में नया आयाम स्थापित किया है। यहां किसान अब फाने जलाने की बजाय उससे कमाई अर्जित कर रहे हैं।
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आने वाले समय में सभी नेशनल हाइवे का काम पूरा होने के साथ संस्कृत व मेडिकल विश्वविद्यालय, क्योड़क में पशु विश्वविद्यालय का रीजनल सेंटर, गांव धेरड़ू में नर्सिंग कॉलेज, शहर के बीचों-बीच सिटी स्क्वेयर, राजौंद व गुहला-चीका क्षेत्र में सरकारी कॉलेज बन जाने के बाद जिला विकास के मामले में काफी आगे निकल जाएगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में कैथल जिले में विकास के कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कलायत सहित पूरा जिला विकास के पथ पर है। सभी कैथल निवासियों को कैथल व हरियाणा दिवस की बधाई। -कमलेश ढांडा, राज्यमंत्री हरियाणा सरकार।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कैथल के ही गांव क्योडक़ को गोद लेकर बताया है कि वे पूरे हरियाणा सहित कैथल का विकास चाहते हैं। यहां बनने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दिया गया सबसे बड़ा तोहफा है। जिले में सभी क्षेत्रों में करोड़ों के विकास कार्य जारी हैं। सभी को कैथल व हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं। -लीला राम, विधायक, कैथल।
ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी के जिला कैथल व हरियाणा दिवस पर सभी जिलावासियों को शुभकामनाएं। कैथल जिले ने अब तक विकास का लंबा रास्ता तय किया है। मौजूदा समय में सरकार विकास करवाने में असफल रही है। आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार बनने पर कैथल फिर तरक्की की रफ्तार पकड़ेगा।
रणदीप सुरजेवाला, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद।
कैथल जिला बनने के समय विकास में काफी पीछे था। अब तक कैथल जिले ने विकास का लंबा रास्ता तय किया है। उम्मीद है कि मौजूदा सरकार भी इस दिशा में कुछ काम करेगी। सभी कैथल वासियों को कैथल व हरियाणा दिवस की बधाई। -रामपाल माजरा, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव।
इन लोगों ने किया है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदा समय में बॉक्सर मनीषा मौण, लासू यादव, कीर्ति ढुल, पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता हरविंद्र सिंह, ओलंपियन रहे बॉक्सर मनोज कुमार, प्रगतिशील किसान ईश्वर कुंडू सहित अनेकों लोगों ने जिले का नाम रोशन किया है।
विदेशों में धूम मचा रहे हैं हमारे कैथल वासी-कैथल जिले के गांव प्रेमपुरा हो, सुल्तानिया प्लाट हो, जगदीश पुरा हो या गुहला-चीका क्षेत्र के अन्य गांव, यहां से हजारों लोग विदेशों में रोजगार, शिक्षा सहित आईटी क्षेत्र में मेहनत करके जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्य राजनेता एक नजर में-हलके हरियाणा बनने से लेकर कैथल से स्व. ओमप्रभा जैन, स्व. चरणदास शोरेवाला, स्व. रणसिंह मान, स्व. तेजी मान, सुरेंद्र मदान, रणदीप सुरजेवाला, गीता भूक्कल हरियाणा में कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अलावा रामपाल माजरा व रोशन लाल तिवारी मुख्य संसदीय सचिव रहे हैं। इसके अलावा जयप्रकाश केंद्रीय मंत्री रहे। वर्तमान में रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में अहम स्थान रखते हैं और राज्यसभा सांसद हैं। वहीं कैथल से राज्यमंत्री कमेलश ढांडा हरियाणा मंत्रीमंडल में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री के तौर पर विकास करवा रही हैं।
जिले का ऐतिहासिक महत्व-हरियाणा के ऐतिहासिक एवं पौराणिक शहरों में कैथल जिला शुमार है। यहां महाभारतकालीन श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, हनुमान जी की जन्मस्थली माता अंजनि का टीला, वृद्धकेदार तीर्थ, कपिलमुनि तीर्थ कलायत, पूंडरीक तीर्थ पूंडरी, डेरा बाबा राजपुरी, स्वामी विवेकानंद के गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस के गुरु तोतापुरी जी की गांव बाबा लदाना में समाधि, भाई उदय ङ्क्षसह का किला, ऐतिहासिक बावड़ी, नवगृह कुंड, फल्गू तीर्थ सहित पूरे जिले में 51 तीर्थ स्थित हैं।