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कलायत में न झंडा, न तंबू, न हजूम और न ही जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:25 AM IST
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जाट
- फोटो : ब्यूरो
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कलायत। आरक्षण को लेकर पहले घोषित धरना प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन की सतर्कता व शांति स्थापना का लोगों से किया गया संवाद पूरी तरह कारगर साबित हुआ। कलायत में जाट संगठनों ने न कोई धरना दिया और न किया कोई प्रदर्शन। हालांकि डीसी रवि प्रकाश गुप्ता के निर्देश पर शांति पूर्वक ढंग से अपनी बात रखने वालों के लिए स्थान निर्धारित किया गया था।
लेकिन रविवार को पूरा दिन यह स्थान वीरान ही रहा। न झंडा, न तंबू, न हजूम और न जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे। हलके के किछाना गांव में जो धरना दिया गया था उसे एसपी सुमित कुमार के आश्वासन पर लोगों ने हटा लिया। आम जन की हिफाजत और कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए पुलिस कप्तान के नेतृत्व में सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर नजरें लगाए रहे।
नगर में नेशनल हाइवे के कैंची चौक, सामान्य बस स्टैंड और महाराणा प्रताप चौक पर पुलिस की नाकाबंदी रही। थाना प्रबंधक देवेंद्र करीब 100 जवानों की टीम के साथ इलाके में गतिशील रहे। डीएसपी व दूसरे पुलिस अधिकारी भी पल-पल का मौका-मुआयना करते रहे। सुरक्षा बलों के इस पहरे में किसी तरह का प्रदर्शन यहां नहीं हुआ। उधर आम जन ने इन मजबूत सुरक्षा प्रबंधों से बड़ी राहत जरूर महसूस की।
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शांति का जो माहौल प्रशासनिक प्रबंधन के कारण कायम रहा उसने लोगों में व्यवस्था के प्रति एक विश्वास जगाने का काम किया।
शांति स्थापना के लिए एसपी ने जताया आभार
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए गए जन संपर्क अभियान के दौरान नगर व ग्रामीण आंचल के लोगों ने जो विश्वास दिलाया था उस पर लोग खरे उतरे है। इसके लिए प्रशासन जन-जन का आभारी है। उम्मीद है कि कानून बनाए रखने में सदैव लोगों का सहयोग शासन व प्रशासन को मिलता रहेगा।
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लेकिन रविवार को पूरा दिन यह स्थान वीरान ही रहा। न झंडा, न तंबू, न हजूम और न जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे। हलके के किछाना गांव में जो धरना दिया गया था उसे एसपी सुमित कुमार के आश्वासन पर लोगों ने हटा लिया। आम जन की हिफाजत और कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए पुलिस कप्तान के नेतृत्व में सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर नजरें लगाए रहे।
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नगर में नेशनल हाइवे के कैंची चौक, सामान्य बस स्टैंड और महाराणा प्रताप चौक पर पुलिस की नाकाबंदी रही। थाना प्रबंधक देवेंद्र करीब 100 जवानों की टीम के साथ इलाके में गतिशील रहे। डीएसपी व दूसरे पुलिस अधिकारी भी पल-पल का मौका-मुआयना करते रहे। सुरक्षा बलों के इस पहरे में किसी तरह का प्रदर्शन यहां नहीं हुआ। उधर आम जन ने इन मजबूत सुरक्षा प्रबंधों से बड़ी राहत जरूर महसूस की।
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शांति का जो माहौल प्रशासनिक प्रबंधन के कारण कायम रहा उसने लोगों में व्यवस्था के प्रति एक विश्वास जगाने का काम किया।
शांति स्थापना के लिए एसपी ने जताया आभार
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए गए जन संपर्क अभियान के दौरान नगर व ग्रामीण आंचल के लोगों ने जो विश्वास दिलाया था उस पर लोग खरे उतरे है। इसके लिए प्रशासन जन-जन का आभारी है। उम्मीद है कि कानून बनाए रखने में सदैव लोगों का सहयोग शासन व प्रशासन को मिलता रहेगा।