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Kaithal News: कपास की फसल के बारे में दी जानकारी
Wed, 23 Jul 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:25 AM IST
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कलायत। कपास की फसल में पोषक तत्वों और कीट प्रबंधन को लेकर गांव कमलापुर में कृषि विभाग, कलायत की ओर से एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर रमेश समध्यान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना आवश्यकता कीटनाशकों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे फसल को नुकसान हो सकता है और लागत भी बढ़ती है।
उन्होंने बताया कि इस समय अगेती कपास की फसल में फूल लगना शुरू हो चुका है, ऐसे में किसान पोटेशियम नाइट्रेट (0.1%) का 10 दिन के अंतराल पर 2-3 बार प्रति एकड़ छिड़काव करें। साथ ही एक तिहाई यूरिया की मात्रा फूल-डोडी बनने तक और शेष टिंडे बनने तक डालें।
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यदि बुआई के समय फास्फोरस या पोटाश खाद न डाली हो, तो एनपीके 19:19:19 का स्प्रे करें। कीट प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि सफेद मक्खी या हरे तेला के प्रति पत्ते 8 या 8 से अधिक (सफेद मक्खी), अथवा 2 या उससे अधिक (हरा तेला) दिखें, तभी कीटनाशकों का छिड़काव करें। शुरुआत में तेज कीटनाशकों का प्रयोग न करें। संवाद
शिविर में असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर रमेश समध्यान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना आवश्यकता कीटनाशकों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे फसल को नुकसान हो सकता है और लागत भी बढ़ती है।
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उन्होंने बताया कि इस समय अगेती कपास की फसल में फूल लगना शुरू हो चुका है, ऐसे में किसान पोटेशियम नाइट्रेट (0.1%) का 10 दिन के अंतराल पर 2-3 बार प्रति एकड़ छिड़काव करें। साथ ही एक तिहाई यूरिया की मात्रा फूल-डोडी बनने तक और शेष टिंडे बनने तक डालें।
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यदि बुआई के समय फास्फोरस या पोटाश खाद न डाली हो, तो एनपीके 19:19:19 का स्प्रे करें। कीट प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि सफेद मक्खी या हरे तेला के प्रति पत्ते 8 या 8 से अधिक (सफेद मक्खी), अथवा 2 या उससे अधिक (हरा तेला) दिखें, तभी कीटनाशकों का छिड़काव करें। शुरुआत में तेज कीटनाशकों का प्रयोग न करें। संवाद