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Kaithal News: महंगाई से कड़वी हुई चीनी की मिठास, 6500 रुपये क्विंटल तक पहुंचे दाम
Fri, 21 Aug 2026 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 21 Aug 2026 02:00 AM IST
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दिन के समय सुनसान पड़ी चीनी मार्किट।
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली चीनी की मिठास अब कड़वी हो गई है। बाजार में चीनी और गुड़ के रेट आसमान छू गए हैं। बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, जो चीनी पिछले सप्ताह तक 5,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, वह अब 6300 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुकी है।
वहीं, देसी मीठे यानी गुड़ जो दस दिन पहले बाजार में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा था, उसके दाम अब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे चाय की चुस्की से लेकर रसोई के पकवानों तक, हर जगह चीनी की बढ़ती कीमतों ने मिठास को कड़वाहट में बदल दिया है। बाजार में चीनी और गुड़ के दामों में आया यह अचानक उछाल आने वाले त्योहारी सीजन से पहले आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी बड़ी चिंता का सबब बन गया है।
दाम बढ़ने के पीछे का कारण पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गन्ने के रस का एक बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल बनाने वाली मिलों में इस्तेमाल करना बताया जा रहा है। इसके चलते चीनी मिलों में चीनी का उत्पादन काफी कम हुआ है और खुले बाजार में इसकी आपूर्ति घट गई है।
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रोजाना हो रही 100 क्विंटल चीनी की खपत
स्थानीय मुख्य बाजार की बात करें तो यहां चीनी की लगभग 20 प्रमुख दुकानें हैं। जनता मार्किट के व्यापारी सुरेंद्र के मुताबिक, बाजार में चीनी की मांग काफी मजबूत है और इन दुकानों से हर रोज 50 किलोग्राम वजन वाले करीब 200 कट्टे चीनी आसानी से बिक जाते हैं। इसका मतलब है कि शहर में रोजाना लगभग 100 क्विंटल चीनी की भारी खपत हो रही है। इतनी बड़ी खपत वाले बाजार में अचानक दाम बढ़ने से हर दिन लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधा उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जो ग्राहक 20 किग्रा चीनी लेता था, वो अब 10 किग्रा ले रहा है।
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मिठाई, चाय महंगी होने की आशंका
चीनी के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में मिठाई, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, बेकरी प्रोडक्ट्स और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हलवाइयों और होटल संचालकों का कहना है कि रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी थीं, लेकिन मीठे के महंगे होने से अब मिठाइयों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो सकता है। सुबह-शाम चाय की चुस्की लेने वाले शौकीनों को भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। भानपुरा निवासी गृहिणी रितू ने बताया कि पहले ही महंगाई से त्रस्त हैं। अब सबसे मुख्य चीज चीनी के दाम बढ़ना कमर टूटने जैसा है।
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कैथल। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली चीनी की मिठास अब कड़वी हो गई है। बाजार में चीनी और गुड़ के रेट आसमान छू गए हैं। बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, जो चीनी पिछले सप्ताह तक 5,500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही थी, वह अब 6300 से 6,500 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच चुकी है।
वहीं, देसी मीठे यानी गुड़ जो दस दिन पहले बाजार में 6,000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा था, उसके दाम अब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे चाय की चुस्की से लेकर रसोई के पकवानों तक, हर जगह चीनी की बढ़ती कीमतों ने मिठास को कड़वाहट में बदल दिया है। बाजार में चीनी और गुड़ के दामों में आया यह अचानक उछाल आने वाले त्योहारी सीजन से पहले आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी बड़ी चिंता का सबब बन गया है।
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दाम बढ़ने के पीछे का कारण पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गन्ने के रस का एक बड़ा हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल बनाने वाली मिलों में इस्तेमाल करना बताया जा रहा है। इसके चलते चीनी मिलों में चीनी का उत्पादन काफी कम हुआ है और खुले बाजार में इसकी आपूर्ति घट गई है।
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रोजाना हो रही 100 क्विंटल चीनी की खपत
स्थानीय मुख्य बाजार की बात करें तो यहां चीनी की लगभग 20 प्रमुख दुकानें हैं। जनता मार्किट के व्यापारी सुरेंद्र के मुताबिक, बाजार में चीनी की मांग काफी मजबूत है और इन दुकानों से हर रोज 50 किलोग्राम वजन वाले करीब 200 कट्टे चीनी आसानी से बिक जाते हैं। इसका मतलब है कि शहर में रोजाना लगभग 100 क्विंटल चीनी की भारी खपत हो रही है। इतनी बड़ी खपत वाले बाजार में अचानक दाम बढ़ने से हर दिन लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधा उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जो ग्राहक 20 किग्रा चीनी लेता था, वो अब 10 किग्रा ले रहा है।
मिठाई, चाय महंगी होने की आशंका
चीनी के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में मिठाई, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, बेकरी प्रोडक्ट्स और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हलवाइयों और होटल संचालकों का कहना है कि रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी थीं, लेकिन मीठे के महंगे होने से अब मिठाइयों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी हो सकता है। सुबह-शाम चाय की चुस्की लेने वाले शौकीनों को भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। भानपुरा निवासी गृहिणी रितू ने बताया कि पहले ही महंगाई से त्रस्त हैं। अब सबसे मुख्य चीज चीनी के दाम बढ़ना कमर टूटने जैसा है।