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इनेलो के पूर्व प्रदेश महासचिव व जिला पार्षद बिल्लू चंदाना ने पार्टी छोड़ी
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 14 Oct 2016 12:08 AM IST
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जानकारी देते बिल्लू चंदाना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इनेलो के पूर्व प्रदेश महासचिव व जिला पार्षद बिल्लू चंदाना ने वीरवार को इंडियन नेशनल लोकदल को अलविदा कह दिया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने विज्ञप्ति जारी कर बिल्लू चंदाना द्वारा पार्टी छोड़ने को पब्लिसिटी स्टंट बताया है।
पत्रकारों से बातचीत में बिल्लू चंदाना ने कहा कि वे पार्टी के प्रति सच्ची लगन से कार्य कर रहे थे, लेकिन उसके बाद भी इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान नहीं किया जा रहा था, जिसके पीछे कारण यह था कि पार्टी आला कमान के पास पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा लगातार उनकी एवं उनके कार्यकर्ताओं की नेगेटिव रिपोर्ट भेज रहे थे। चंदाना ने कहा कि पूर्व विधायक रामपाल माजरा लगातार इनेलो के कार्यक्रम मंचों पर चौ. देवीलाल की नीतियों का बखान करते हैं, लेकिन उन्होंने माजरा को कभी भी चौ. देवीलाल की नीतियों पर चलते नहीं देखा। कलायत विधानसभा क्षेत्र में 6 जिला पार्षदों में से एक भी उनका समर्थक नहीं है। वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ कर देख लें तो लोकप्रियता का अंदाजा हो जाएगा। पार्टी का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता अभय चौटाला को इन सब बातों को देखना चाहिए। वे अब किस पार्टी में जाएंगे, इसका फैसला कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद करेंगे।
बिल्लू चंदाना इनेलो पार्टी के नहीं हैं सदस्य, पार्टी छोड़ने की घोषणा पब्लिसिटी स्टंट : अरोड़ा
वहीं इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि बिल्लू चंदाना द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा महज ड्रामा है, जबकि सच्चाई यह है बिल्लू चंदाना कई महीने पहले से ही पार्टी की गतिविधियों में किसी तरह से भी सक्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के चुनावों के दौरान ही उनका झुकाव पूर्व मंत्री एवं विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला के पक्ष में हो चुका था और अब इनेलो छोड़ने की बात का हो-हल्ला मचाना केवल और केवल पब्लिसिटी स्टंट है। अरोड़ा ने कहा कि बिल्लू द्वारा इनेलो शीर्ष नेता और विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला पर टिप्पणी करना कि वह पार्टी को ठीक से संभाल नहीं पाए है, सरासर बेबुनियाद हैं। सच्चाई यह है कि अभय सिंह चौटाला द्वारा इनेलो को वर्तमान में कुशल और परिपक्व नेतृत्व प्रदान किया जा रहा है। जिसकी बदौलत पार्टी संगठन बहुत मजबूत हुआ है।
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इनेलो को जिले में दूसरा झटका
वहीं हाल ही में इनेलो छोड़ने वाले बिल्लू दूसरे नेता हैं। इससे पूर्व पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष पारस मित्तल ने भी इनेलो को अलविदा कह दिया था।
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पत्रकारों से बातचीत में बिल्लू चंदाना ने कहा कि वे पार्टी के प्रति सच्ची लगन से कार्य कर रहे थे, लेकिन उसके बाद भी इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा कार्यकर्ताओं का मान-सम्मान नहीं किया जा रहा था, जिसके पीछे कारण यह था कि पार्टी आला कमान के पास पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामपाल माजरा लगातार उनकी एवं उनके कार्यकर्ताओं की नेगेटिव रिपोर्ट भेज रहे थे। चंदाना ने कहा कि पूर्व विधायक रामपाल माजरा लगातार इनेलो के कार्यक्रम मंचों पर चौ. देवीलाल की नीतियों का बखान करते हैं, लेकिन उन्होंने माजरा को कभी भी चौ. देवीलाल की नीतियों पर चलते नहीं देखा। कलायत विधानसभा क्षेत्र में 6 जिला पार्षदों में से एक भी उनका समर्थक नहीं है। वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ कर देख लें तो लोकप्रियता का अंदाजा हो जाएगा। पार्टी का नेतृत्व कर रहे विपक्ष के नेता अभय चौटाला को इन सब बातों को देखना चाहिए। वे अब किस पार्टी में जाएंगे, इसका फैसला कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद करेंगे।
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बिल्लू चंदाना इनेलो पार्टी के नहीं हैं सदस्य, पार्टी छोड़ने की घोषणा पब्लिसिटी स्टंट : अरोड़ा
वहीं इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि बिल्लू चंदाना द्वारा पार्टी छोड़ने की घोषणा महज ड्रामा है, जबकि सच्चाई यह है बिल्लू चंदाना कई महीने पहले से ही पार्टी की गतिविधियों में किसी तरह से भी सक्रिय नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के चुनावों के दौरान ही उनका झुकाव पूर्व मंत्री एवं विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला के पक्ष में हो चुका था और अब इनेलो छोड़ने की बात का हो-हल्ला मचाना केवल और केवल पब्लिसिटी स्टंट है। अरोड़ा ने कहा कि बिल्लू द्वारा इनेलो शीर्ष नेता और विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला पर टिप्पणी करना कि वह पार्टी को ठीक से संभाल नहीं पाए है, सरासर बेबुनियाद हैं। सच्चाई यह है कि अभय सिंह चौटाला द्वारा इनेलो को वर्तमान में कुशल और परिपक्व नेतृत्व प्रदान किया जा रहा है। जिसकी बदौलत पार्टी संगठन बहुत मजबूत हुआ है।
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इनेलो को जिले में दूसरा झटका
वहीं हाल ही में इनेलो छोड़ने वाले बिल्लू दूसरे नेता हैं। इससे पूर्व पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष पारस मित्तल ने भी इनेलो को अलविदा कह दिया था।