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भारतीय भाषा समर कैंप : छात्रों में बढ़ रही भाषाई दक्षता व समझ
Sun, 31 May 2026 03:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 31 May 2026 03:37 AM IST
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सोंगरी में समर कैंप के दौरान गतिविधियों में भाग लेते विद्यार्थी।
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राजौंद। एससीईआरटी गुरुग्राम के निदेशक के निर्देशानुसार कैथल जिले के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोंगरी में 25 मई को सात दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ किया गया। यह कैंप लगातार सात दिनों तक बिना किसी अवकाश के आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि जागृत करना, उनकी भाषाई दक्षता बढ़ाना, सांस्कृतिक समझ विकसित करना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है।
पहले दिन हिंदी प्राध्यापिका पूनम शर्मा और सामाजिक विज्ञान की अध्यापिका पूनम रानी ने विद्यार्थियों को अभिवादन और वर्णमाला के विभिन्न सोपानों को फ्लैश कार्ड के माध्यम से सिखाया। दूसरे दिन भूगोल प्राध्यापक मोनू और ऑटोमोबाइल शिक्षक अजय कुमार ने विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़े संवाद और किरदारों जैसे दुकानदार, कुली, रिक्शा चालक और कंडक्टर का रोल प्ले करवाया। तीसरे दिन कला प्राध्यापक जितेंद्र सिंह और संस्कृत प्राध्यापक वीरभान ने विद्यार्थियों को लोक कला और संगीत का अनुभव कराया। चौथे दिन स्थानीय व्यंजनों के नाम और उनसे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया गया। पांचवें दिन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के महत्व से अवगत कराया गया, जिसमें कविता, भाषण और नाटक प्रस्तुत किए गए। संवाद
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पहले दिन हिंदी प्राध्यापिका पूनम शर्मा और सामाजिक विज्ञान की अध्यापिका पूनम रानी ने विद्यार्थियों को अभिवादन और वर्णमाला के विभिन्न सोपानों को फ्लैश कार्ड के माध्यम से सिखाया। दूसरे दिन भूगोल प्राध्यापक मोनू और ऑटोमोबाइल शिक्षक अजय कुमार ने विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़े संवाद और किरदारों जैसे दुकानदार, कुली, रिक्शा चालक और कंडक्टर का रोल प्ले करवाया। तीसरे दिन कला प्राध्यापक जितेंद्र सिंह और संस्कृत प्राध्यापक वीरभान ने विद्यार्थियों को लोक कला और संगीत का अनुभव कराया। चौथे दिन स्थानीय व्यंजनों के नाम और उनसे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दिया गया। पांचवें दिन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के महत्व से अवगत कराया गया, जिसमें कविता, भाषण और नाटक प्रस्तुत किए गए। संवाद

सोंगरी में समर कैंप के दौरान गतिविधियों में भाग लेते विद्यार्थी।
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