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Kaithal News: मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ पर डॉक्टर नहीं मिले

Sun, 08 Sep 2024 04:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 08 Sep 2024 04:30 AM IST
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Independent won seven times, party candidate won six times....
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। कैथल में देश की आजादी के बाद पहली बार 1952 में हुए चुनाव से ही विधानसभा सीट बन गई थी। वर्ष 2019 के बाद पिछले पांच वर्षों में भाजपा के विधायक लीला राम की अगुवाई में कैथल क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज का निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन सामान्य अस्पताल में ही डॉक्टर कम हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर पिछले पांच साल में भी डॉक्टरों की संख्या मरीजों की जरूरत के हिसाब से नहीं हो पाई है। हालांकि सिटी स्क्वायर और पार्किंग की परियोजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई हैं। दूसरी तरफ 17 सड़कें नई बना तो शहर में 400 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन को मंजूरी मिली।
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गौरतलब है कि पिछले चुनाव में लीला राम ने कांग्रेस के दिग्गज रणदीप सुरजेवाला को करीब 1200 वोटों से मात दी थी। विधायक लीला राम ने पांच साल में विधानसभा में 15 से 18 सवाल पूछे। इनमें मेडिकल काॅलेज के निर्माण में देरी का सवाल पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से पूछा तो हलके में 20 साल पुरानी सड़कों के निर्माण पर पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से सदन में जवाब मांगा। बेसहारा पशुओं, क्योड़क गांव में लाला लाजपत राय पशु विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर के निर्माण में देरी, कैथल में लड़कियों के लिए राजकीय कालेज, पेयजल की समस्या, कैथल से दिल्ली पब्लिक स्कूल तक सड़क को फोरलेन करने, फ्रांसवाला-सजूमा तक ड्रेन की पटरी पक्की करने संबंधी प्रमुख सवाल शामिल थे।
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भाजपा ने कोई भी विकास नहीं कराया

भाजपा ने जिले में कोई विकास नहीं करवाया है। 10 साल में नई परियोजना तो दूर, पुरानी परियोजनाओं पर भी कोई काम नहीं हो पाया है। शहर में पीने को पानी नहीं है। 10 साल से टैंक साफ नहीं किए जाते। लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। भाई उदय सिंह किले के आगे पार्क नहीं बन सका। शहर के सभी 46 पार्क खत्म हो गए हैं। न सिटी स्क्वायर ही बना सके और न ही पार्किंग की सुविधा ही शहर को दे सके। - रणदीप सिंह सुरजेवाला, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव


पांच साल में हमने वाे काम किए, जो पिछले 20 साल में नहीं हुए थे। इनमें उझाना से कुलतारण, कुतुबपुर से रोहेड़ियां, दीवाल से धुंधरेहड़ी, गुहला से सांघन, मानस से अटैला, गढ़ी, फर्शमाजरा व बाबा लदाना रोड, पाडला से बाबा लदाना रोड शामिल हैं। गीता भवन स्थित सरकारी कन्या स्कूल के भवन के लिए 14 करोड़ रुपये का बजट आ गया है। कैथल से दिल्ली पब्लिक स्कूल तक रोज हादसे होते थे। 22 करोड़ रुपये इस सड़क का निर्माण करवाया। शहर के लिए समस्या बनी ग्योंग ड्रेन के लिए बजट को स्वीकृति दिलाई गई। ग्रामीण सड़क तंत्र को मजबूत करने का काम किया गया है। - लीला राम, विधायक कैथल।
ये पांच कार्य किए
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50 करोड़ की लागत से जिले में 17 नई सड़कें बनाई गई।

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शहर के आधे हिस्से में खुराना रोड से पाडला रोड पर कैथल ड्रेन पर रिंग बाध पर सड़क का निर्माण साढ़े 22 करोड़ रुपये

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गांव धौंस में 33 केवी बिजली घर

n प्योदा रोड पर नौ करोड़ रुपये से अतिरिक्त स्टोरेज वाटर टैंक का निर्माण

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करनाल रोड पर 997 करोड़ रुपये की लागत से भगवान परशुराम मेडिकल काॅलेज का निर्माण कार्य करवाया शुरू, करीब 40 प्रतिशत काम पूरा
जो काम नहीं हुए
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शहर के बीचोंबीच 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिटी व बैंक स्क्वायर का निर्माण अटका।

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थाना शहर के पास 20 करोड़ रुपये से बनने वाली मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण शुरु नहीं हुआ

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महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण

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रेलवे एलिवेटेड ट्रैक

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नई सब्जी मंडी का काम शुरू नहीं हुआ
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