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Kaithal News: प्रभातफेरी में साहिबजादों की शहादत को किया नमन
Sat, 20 Dec 2025 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 20 Dec 2025 01:44 AM IST
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सुबह प्रभातफेरी के दौरान दरबार साहिब का दृश्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें साला प्रकाश पर्व और छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह तथा माता गुजरी जी के सर्वोच्च बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्रभातफेरी का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। प्रभातफेरी सुबह 5 बजे श्री गुरुद्वारा पातशाही छेवीं एवं नौवीं, चीका परिसर से आरंभ हुई।
कीर्तन और रागी जत्थों ने दक्षता और भक्ति रस से भरे शब्दों द्वारा संगत को निहाल किया। इस दौरान साहिबजादों की शहादत और उनके अद्भुत साहस की जीवनी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर संगत भाव-विभोर हो उठी।
प्रभातफेरी में संगत ने “सतगुरु नानक प्रगटिया”, “मिटी धुंध जग चानण होआ” सहित कई पवित्र शब्दों का गायन किया। पांचवें दिन की सेवा के रूप में सरदार दर्शन सिंह और सरदार सुखचैन सिंह के परिवार की ओर से चाय, बिस्कुट और कड़ा प्रसाद वितरित किया गया।
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गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथि रणजीत सिंह ने साहिबजादे बाबा अजीत सिंह और जुझार सिंह की वीरता एवं शहादत के प्रसंग साझा किए। उन्होंने भाई जीता सिंह के योगदान के बारे में भी संगत को अवगत करवाया। इस अवसर पर गुरुद्वारा इंस्पेक्टर हर्षदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, विक्रम सिंह, कोहर सिंह, गुरजंट सिंह आदि उपस्थित रहे।
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गुहला चीका। दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 359वें साला प्रकाश पर्व और छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह तथा माता गुजरी जी के सर्वोच्च बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को प्रभातफेरी का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। प्रभातफेरी सुबह 5 बजे श्री गुरुद्वारा पातशाही छेवीं एवं नौवीं, चीका परिसर से आरंभ हुई।
कीर्तन और रागी जत्थों ने दक्षता और भक्ति रस से भरे शब्दों द्वारा संगत को निहाल किया। इस दौरान साहिबजादों की शहादत और उनके अद्भुत साहस की जीवनी का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया, जिसे सुनकर संगत भाव-विभोर हो उठी।
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प्रभातफेरी में संगत ने “सतगुरु नानक प्रगटिया”, “मिटी धुंध जग चानण होआ” सहित कई पवित्र शब्दों का गायन किया। पांचवें दिन की सेवा के रूप में सरदार दर्शन सिंह और सरदार सुखचैन सिंह के परिवार की ओर से चाय, बिस्कुट और कड़ा प्रसाद वितरित किया गया।
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गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथि रणजीत सिंह ने साहिबजादे बाबा अजीत सिंह और जुझार सिंह की वीरता एवं शहादत के प्रसंग साझा किए। उन्होंने भाई जीता सिंह के योगदान के बारे में भी संगत को अवगत करवाया। इस अवसर पर गुरुद्वारा इंस्पेक्टर हर्षदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, विक्रम सिंह, कोहर सिंह, गुरजंट सिंह आदि उपस्थित रहे।