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Kaithal News: कैथल के 10 गांवों में बेटों से अधिक बेटियों ने लिया जन्म

Sat, 24 Jan 2026 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 24 Jan 2026 11:50 PM IST
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In 10 villages of Kaithal, more daughters were born than sons.
कैथल। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ'''''''' अभियान के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। कैथल जिले के 10 गांवों ने लिंगानुपात के मामले में एक मिसाल पेश की है। इन गांवों में जन्म के समय बेटियों की संख्या लड़कों के मुकाबले अधिक दर्ज की गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से योजना बनाई जा रही है कि जिन 10 गांवों में बेटियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, वहां विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन परिवारों और संबंधित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जा सकता है, जिन्होंने लिंग सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सचिन ने बताया कि लिंगानुपात बढ़ाने और घटाने वाले गांवों की सूची बनाई गई है। इन्हें लेकर आशा वर्कर की बैठक भी बुलाई जाएगी।
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घटते लिंगानुपात वाले गांवों पर विभाग सख्त

एक ओर जहां 10 गांवों ने खुशी की खबर दी है, वहीं जिले के कुछ अन्य गांवों में लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग की तरफ से ऐसे 10 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां लिंगानुपात की स्थिति ज्यादा खराब है। स्वास्थ्य विभाग ने इन क्षेत्रों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकने के लिए निगरानी तेज की जाएगी और अवैध रूप से लिंग जांच करने वाले केंद्रों पर छापेमारी की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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आशा वर्करों की बैठक जल्द

जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं और रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग आशा वर्करों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना, घटते लिंगानुपात वाले गांवों में घर-घर जाकर काउंसलिंग करना, जन्म के आंकड़ों की सटीक रिपोर्टिंग और निगरानी आदि विषयों पर चर्चा होगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आशा वर्कर स्वास्थ्य ढांचे की रीढ़ हैं और लिंगानुपात सुधारने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। बैठक में लापरवाही बरतने वाली वर्करों को चेतावनी दी जा सकती है, जबकि अच्छा काम करने वाली वर्करों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इन गांवों में बढ़ा लिंगानुपात
गांव लड़के -लड़कियां
ककेरी 17 35
ग्योंग 27 41
खरकां 35 48
फतेहपुर 69 81
बरटा 27 31
कालरम 67 76
हाबड़ी 56 62
सीवन 135 149
खरक पांडवा 43 47
कलायत 147 158
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के अनुसार।
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