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धान खरीद शुरू न हुई तो पंजाब की ओर करेंगे रुख
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59- गुहला-चीका। धान की खरीद ना होने पर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए किसान।
- फोटो : Kaithal
गुहला-चीका। अनाज मंडियों में चार दिनों से चल रही आढ़तियों की हड़ताल से किसान परेशान हैं। अनाज मंडी में बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के सदस्यों ने बैठक कर निर्णय लिया कि धान खरीद जल्द शुरू न हुई तो किसान पंजाब की मंडियों की तरफ रुख करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुभाष भागल ने कहा कि मंडियों में हजारों क्विंटल धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों के प्रति सरकार की नीतियां गलत है। पिछले आठ सालों से किसान खामियाजा भुगतते आ रहे है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक योजना के तहत प्रदेश की मंडियों को खत्म करना चाहती है। धान खरीद का काम सुचारु रूप से न चले, इसलिए सरकार आढ़तियों को परेशान करती है। मजबूरी में वे हड़ताल करने को मजबूर होते हैं।
सुभाष भागल ने कहा कि इस बार सरकार ने 22 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का नियम बनाया है जबकि किसानों के खेत में 30 से 35 क्विंटल धान निकल रहा है। उन्होंने कहा कि फसल पकने से पहले ही उसकी मात्रा तय कर देना किसी भी प्रकार से न्याय संगत नहीं होता। उन्होंने कहा कि चीका अनाज मंडी में छह सितंबर से धान की आवक शुरू हो चुकी और अब तक लगभग 60 से 70 हजार क्विंटल धान मंडी में आ चुका है।
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उन्होंने चेतावनी देेते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द धान की खरीद शुरू नहीं करवाई तो किसान अपनी फसल पंजाब की मंडियो में बेचने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष केवल सदरेहड़ी, जरनैल जैली, गुरबचन सिंह हरिगढ़, गुरजंट टटियाना, वजीर थेहनेवल, रतना भागल व पाला भागल मौजूद रहे।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुभाष भागल ने कहा कि मंडियों में हजारों क्विंटल धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों के प्रति सरकार की नीतियां गलत है। पिछले आठ सालों से किसान खामियाजा भुगतते आ रहे है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक योजना के तहत प्रदेश की मंडियों को खत्म करना चाहती है। धान खरीद का काम सुचारु रूप से न चले, इसलिए सरकार आढ़तियों को परेशान करती है। मजबूरी में वे हड़ताल करने को मजबूर होते हैं।
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सुभाष भागल ने कहा कि इस बार सरकार ने 22 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का नियम बनाया है जबकि किसानों के खेत में 30 से 35 क्विंटल धान निकल रहा है। उन्होंने कहा कि फसल पकने से पहले ही उसकी मात्रा तय कर देना किसी भी प्रकार से न्याय संगत नहीं होता। उन्होंने कहा कि चीका अनाज मंडी में छह सितंबर से धान की आवक शुरू हो चुकी और अब तक लगभग 60 से 70 हजार क्विंटल धान मंडी में आ चुका है।
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उन्होंने चेतावनी देेते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द धान की खरीद शुरू नहीं करवाई तो किसान अपनी फसल पंजाब की मंडियो में बेचने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष केवल सदरेहड़ी, जरनैल जैली, गुरबचन सिंह हरिगढ़, गुरजंट टटियाना, वजीर थेहनेवल, रतना भागल व पाला भागल मौजूद रहे।