फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   If it was not for this sight full of mercy, I would not have been happy.

जो रहमतों से भरी ये नजर नहीं होती, तो खुशगवार मेरी रहगुजर नहीं होती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 01:24 AM IST
विज्ञापन
If it was not for this sight full of mercy, I would not have been happy.
If it was not for this sight full of mercy, I would not have been happy. - फोटो : Kaithal
कैथल। साहित्य सभा कैथल की मासिक गोष्ठी जूम एप के माध्यम से हुई। इस गोष्ठी का संचालन सतपाल पराशर आनंद ने नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ किया। इसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को भावविभोर कर दिया।
विज्ञापन

रविंद्र मित्तल ने अपनी रचना अजनबी इतना क्यूं सताते हो से इसका आगाज किया। इसके बाद रविंद्र रवि ने ‘शहर में एक टुकड़ा धूप, जो हिस्से में आई है’ गजल के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कर्मचंद केसर ने ‘क्यूं गेरै सै पतंगा तू नरभाग पाणी म्हं। दिलबाग अकेला का कहना है चाल्यां बिन ना काम चलै, तू चाल बावले’ के माध्यम से हरियाणावी भाषा में अपनी प्रस्तुति दी।
विज्ञापन

डॉ. प्रद्युम्न भल्ला ने अपनी रचना पढ़ी। ‘जो रहमतों से भरी ये नजर नहीं होती, खुशगवार मेरी रहगुजर नहीं होती’ डॉ. झंडई ने ‘जीवन है बसंत कविता की’ प्रस्तुति दी। ईश्वर गर्ग ने समाज के फरेबी पहलू को ‘फूल की पोशाक में पत्थर मिला, जहर था जो सूरते शक्कर मिला..’ उजागर किया। कमलेश शर्मा ने मौसम के बदलते मिजाज पर अपनी रचना पढ़ी ‘ठंड से ठिठुरती रात, पारा लुढकक़र दुबका शून्य के आसपास’। अमृत लाल मदान ने ‘एक जर्जर सा पन्ना, पीला पड़ता जा रहा,’ रचना सुनाई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अमृत लाल मदान ने की। गोष्ठी के अंत में सतपाल पराशर आनंद ने बांसुरी की धुनें सुनाईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed