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हिंदी भाषा ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्र में बांधा
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अपने की भाषा सपनों की भाषा हिंदी हमारे राष्ट्र का गौरव है, हमारी राष्ट्र भाषा है। हिंदी ने हमें पहचान दी है और हमें सम्मान दिया है। हिंदी ने हमें जोड़ कर रखा है और हमें राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्र में बांधा है।
शुभम शर्मा ने कहा कि किसी भी देश के लोगों को आपस में जोड़ कर रखने में उस देश की भाषा अहम भूमिका निभाती है। हिंदी हमारी मातृ भाषा है और हिंदी से ही हम एक सूत्र में जुड़े हैं।
सुदर्शन शर्मा ने कहा कि हिंदी का इस्तेमाल अब पूरे विश्व में हो रहा है। विदेशों में भी अब हिंदी भाषी स्कूल खोले जा रहे हैं और लोग इसे अपना भी रहे हैं। लेकिन हमारे देश में लोग हिंदी से कतराने लगे हैं जो गलत है।
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लक्ष्मण कामरा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा होने के साथ साथ हमारी राष्ट्रीय धरोहर भी है। इसे बोलने और इसे अपनाने में किसी भी प्रकार की शर्म या हिच किचाहट नहीं होनी चाहिए।
प्रवीन कुमार ने कहा कि हिंदी ने हमें विश्व में मान सम्मान दिलाया है और हमें इसका मान रखना है। हिंदी हमारी संस्कृति है और हमें अपनी संस्कृति को छोड़ना नहीं है। हिंदी भाषा ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्र में बांधा है।
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शुभम शर्मा ने कहा कि किसी भी देश के लोगों को आपस में जोड़ कर रखने में उस देश की भाषा अहम भूमिका निभाती है। हिंदी हमारी मातृ भाषा है और हिंदी से ही हम एक सूत्र में जुड़े हैं।
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सुदर्शन शर्मा ने कहा कि हिंदी का इस्तेमाल अब पूरे विश्व में हो रहा है। विदेशों में भी अब हिंदी भाषी स्कूल खोले जा रहे हैं और लोग इसे अपना भी रहे हैं। लेकिन हमारे देश में लोग हिंदी से कतराने लगे हैं जो गलत है।
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लक्ष्मण कामरा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा होने के साथ साथ हमारी राष्ट्रीय धरोहर भी है। इसे बोलने और इसे अपनाने में किसी भी प्रकार की शर्म या हिच किचाहट नहीं होनी चाहिए।
प्रवीन कुमार ने कहा कि हिंदी ने हमें विश्व में मान सम्मान दिलाया है और हमें इसका मान रखना है। हिंदी हमारी संस्कृति है और हमें अपनी संस्कृति को छोड़ना नहीं है। हिंदी भाषा ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के सूत्र में बांधा है।