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बिजली के लिए हाईवे पर जाम
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52-कलायत। गांव शिमला में बिजली संकट को लेकर जाम लगाते हुए ग्रामीण।
- फोटो : Kaithal
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कलायत। गांव शिमला में चार दिन से बिजली की भारी किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने बुधवार देर रात्रि चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान महिलाओं, बड़े-बुजुर्गों और युवाओं ने मुख्य मार्ग को मानव शृंखला बनाकर जाम कर दिया। करीब दो घंटे मचे इस बवाल के दौरान ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
भारी विरोध प्रदर्शन के चलते रात्रि को पिंजुपुरा से शिमला गांव तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि खेतों और आवासीय क्षेत्र में उन्हें बिजली नहीं मिल रही है। बार-बार निगम अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ। बिजली कर्मचारी निरंतर उन्हें अपने स्तर पर टूटे बिजली के पोलों की व्यवस्था करने का तर्क देते रहे। इसके बाद ग्रामीणों की महापंचायत हुई और नेशनल हाई-वे पर बिजली आने तक पड़ाव डालने का निर्णय लिया गया। प्रभावितों का कहना था कि वे निगम की सभी हिदायतों का पालन करते आ रहे हैं। बावजूद इसके भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिल रही। बिजली की सप्लाई न होने के कारण गांव में पेयजल संकट को लेकर कोहराम मचा है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
नेशनल हाईवे पर जाम की सूचना मिलने पर बिजली निगम एसडीओ अजय कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जो व्यवधान बिजली सप्लाई मिलने में आ रहा है, उसको गंभीरता से दूर किया जा रहा है। एसडीएम ने खुद कहा कि जब तक समस्या का हल नहीं होगा, तब तक वे ग्रामीणों के बीच ही मौजूद रहेंगे। इसके मद्देनजर ग्रामीणों ने लंबे समय से लगाए गए जाम को हटा लिया और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिजली व्यवस्था बहाली की गई। एसडीओ महत्वपूर्ण कार्य में कोताही करने वाले कर्मियों को मौके पर ही डांट लगाई।
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भारी विरोध प्रदर्शन के चलते रात्रि को पिंजुपुरा से शिमला गांव तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि खेतों और आवासीय क्षेत्र में उन्हें बिजली नहीं मिल रही है। बार-बार निगम अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ। बिजली कर्मचारी निरंतर उन्हें अपने स्तर पर टूटे बिजली के पोलों की व्यवस्था करने का तर्क देते रहे। इसके बाद ग्रामीणों की महापंचायत हुई और नेशनल हाई-वे पर बिजली आने तक पड़ाव डालने का निर्णय लिया गया। प्रभावितों का कहना था कि वे निगम की सभी हिदायतों का पालन करते आ रहे हैं। बावजूद इसके भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिल रही। बिजली की सप्लाई न होने के कारण गांव में पेयजल संकट को लेकर कोहराम मचा है। ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
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नेशनल हाईवे पर जाम की सूचना मिलने पर बिजली निगम एसडीओ अजय कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जो व्यवधान बिजली सप्लाई मिलने में आ रहा है, उसको गंभीरता से दूर किया जा रहा है। एसडीएम ने खुद कहा कि जब तक समस्या का हल नहीं होगा, तब तक वे ग्रामीणों के बीच ही मौजूद रहेंगे। इसके मद्देनजर ग्रामीणों ने लंबे समय से लगाए गए जाम को हटा लिया और प्रभावी कार्रवाई करते हुए बिजली व्यवस्था बहाली की गई। एसडीओ महत्वपूर्ण कार्य में कोताही करने वाले कर्मियों को मौके पर ही डांट लगाई।
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