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Kaithal News: अधिवक्ताओं की हड़ताल से 500 केस की सुनवाई टली
Thu, 04 Sep 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 04 Sep 2025 01:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अंबाला में दो वकीलों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज करने के विरोध में बुधवार को जिले के वकीलों ने कामकाज पूरी तरह ठप रखा। हड़ताल के चलते करीब 500 केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत परिसर सुनसान नजर आया और दूर-दराज से आए मुवक्किलों को परेशानी उठानी पड़ी।
जिला बार एसोसिएशन की ओर से हर अदालत के बाहर एक प्रॉक्सी काउंसिल खड़ा किया गया, जिसने मामलों की अगली तारीखें लीं। एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा ने कहा कि कैथल के वकील अंबाला के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना जांच के झूठे केस दर्ज कर वकीलों के साथ ज्यादती कर रही है।
संदीप शर्मा ने कहा कि अंबाला के वकील तेजिंद्र मोहन लिबरान और संजीव मोहन लिबरान पर दर्ज केस पुलिस की मनमानी का उदाहरण है।
कील हमेशा पुलिस के साथ सहयोग करते हैं, लेकिन पुलिस वकीलों का सहयोग नहीं करती और अपनी पावर का दुरुपयोग करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 सितंबर को जिले का कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ।
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कैथल। अंबाला में दो वकीलों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित रूप से झूठी एफआईआर दर्ज करने के विरोध में बुधवार को जिले के वकीलों ने कामकाज पूरी तरह ठप रखा। हड़ताल के चलते करीब 500 केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत परिसर सुनसान नजर आया और दूर-दराज से आए मुवक्किलों को परेशानी उठानी पड़ी।
जिला बार एसोसिएशन की ओर से हर अदालत के बाहर एक प्रॉक्सी काउंसिल खड़ा किया गया, जिसने मामलों की अगली तारीखें लीं। एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा ने कहा कि कैथल के वकील अंबाला के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना जांच के झूठे केस दर्ज कर वकीलों के साथ ज्यादती कर रही है।
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संदीप शर्मा ने कहा कि अंबाला के वकील तेजिंद्र मोहन लिबरान और संजीव मोहन लिबरान पर दर्ज केस पुलिस की मनमानी का उदाहरण है।
कील हमेशा पुलिस के साथ सहयोग करते हैं, लेकिन पुलिस वकीलों का सहयोग नहीं करती और अपनी पावर का दुरुपयोग करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 3 सितंबर को जिले का कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ।
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