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Kaithal News: स्वास्थ्य विभाग सतर्क, 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया
Sat, 24 May 2025 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 24 May 2025 12:44 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। हालांकि, वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना की जांच किट उपलब्ध नहीं है, जो चिंता का विषय है। इसके बावजूद, नागरिक अस्पताल में 20 बेड का रिजर्व आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर एहतियातन कदम उठाए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, किट की व्यवस्था कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल से की जा रही है और यह शनिवार तक उपलब्ध हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने मास्क और सैनिटाइज़र की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है।
डराने वाला नहीं, पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं ः अधिकारियों का कहना है कि इस बार कोरोना पहले की तरह भयावह नहीं है, लेकिन एहतियात जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने प्रदेश भर के चिकित्सा अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। खासतौर पर गायनी और बाल रोग वार्ड में विशेष सतर्कता के आदेश दिए गए हैं।
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अब तक जिले में कोरोना का लेखा-जोखा
कोरोना महामारी की शुरुआत से अब तक जिले में 5,51,146 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 15,496 लोग संक्रमित पाए गए थे। संक्रमण के चलते 378 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिले में कोई सक्रिय केस नहीं है और रिकवरी दर 97.5% रही है।स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से आने वाले लोगों की मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
हमने 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया है। किट की आपूर्ति कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल से सुनिश्चित की गई है। अस्पताल में मास्क और सैनिटाइज़र की पूरी व्यवस्था है। -डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
अस्पताल में चार साल पहले शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में करीब चार साल पहले कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। करीब तीन साल से यह ठीक नहीं हो पाया है। ऐसे में यह ऑक्सीजन प्लांट मरीजों के किसी काम नहीं आ रहा है।
प्लांट ठीक करवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन भी आला अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुका है। बावजूद इसके इसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से आक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है।
वर्ष 2021 में शुरू किया गया था प्लांट ः स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अक्तूबर 2021 को आक्सीजन प्लांट शुरू किया गया था। इसके माध्यम से प्रति मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन अस्पताल को मिल पा रही थी। शुरुआत में तो इसे चलाया गया, लेकिन बाद में इसे चलाना बंद कर दिया गया। इसके बाद से यह प्लांट बंद पड़ा है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्लांट को ठीक करवाने के लिए आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
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कैथल। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। हालांकि, वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य विभाग के पास कोरोना की जांच किट उपलब्ध नहीं है, जो चिंता का विषय है। इसके बावजूद, नागरिक अस्पताल में 20 बेड का रिजर्व आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर एहतियातन कदम उठाए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, किट की व्यवस्था कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज, करनाल से की जा रही है और यह शनिवार तक उपलब्ध हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने मास्क और सैनिटाइज़र की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है।
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डराने वाला नहीं, पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं ः अधिकारियों का कहना है कि इस बार कोरोना पहले की तरह भयावह नहीं है, लेकिन एहतियात जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने प्रदेश भर के चिकित्सा अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। खासतौर पर गायनी और बाल रोग वार्ड में विशेष सतर्कता के आदेश दिए गए हैं।
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अब तक जिले में कोरोना का लेखा-जोखा
कोरोना महामारी की शुरुआत से अब तक जिले में 5,51,146 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 15,496 लोग संक्रमित पाए गए थे। संक्रमण के चलते 378 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में जिले में कोई सक्रिय केस नहीं है और रिकवरी दर 97.5% रही है।स्वास्थ्य विभाग ने विदेश से आने वाले लोगों की मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर उनके सैंपल लेकर जांच की जाएगी।
हमने 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया है। किट की आपूर्ति कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल से सुनिश्चित की गई है। अस्पताल में मास्क और सैनिटाइज़र की पूरी व्यवस्था है। -डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
अस्पताल में चार साल पहले शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में करीब चार साल पहले कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़ा है। करीब तीन साल से यह ठीक नहीं हो पाया है। ऐसे में यह ऑक्सीजन प्लांट मरीजों के किसी काम नहीं आ रहा है।
प्लांट ठीक करवाने के लिए अस्पताल प्रबंधन भी आला अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुका है। बावजूद इसके इसे ठीक करने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को सिलिंडर के माध्यम से आक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है।
वर्ष 2021 में शुरू किया गया था प्लांट ः स्वास्थ्य विभाग की ओर से सात अक्तूबर 2021 को आक्सीजन प्लांट शुरू किया गया था। इसके माध्यम से प्रति मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन अस्पताल को मिल पा रही थी। शुरुआत में तो इसे चलाया गया, लेकिन बाद में इसे चलाना बंद कर दिया गया। इसके बाद से यह प्लांट बंद पड़ा है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्लांट को ठीक करवाने के लिए आला अधिकारियों से पत्राचार किया गया है।