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स्वास्थ्य विभाग वापस नहीं कर रहा रोडवेज की पांच बसें
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Health department is not returning five roadways buses
- फोटो : Kaithal
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कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई पांच मिनी पिंक बसों को रोडवेज विभाग को वापस नहीं किया जा रहा। जिसके लिए रोडवेज की ओर से पत्र लिखे जा रहे हैं। परिवहन व्यवस्था सामान्य होने के चलते केवल महिलाओं के लिए चलाई जाने वाली इन बसों की कमी महसूस की जा रही है।
कोरोना की दूसरी लहर के चलते मई महीने में सरकार के निर्देशानुसार रोडवेज की बसों को एंबुलेंस में तब्दील करने का फैसला लिया। जिले में पांच मिनी बसों को एंबुलेंस में तब्दील कर स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया। ये बसें कोरोना संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने में मददगार साबित हुईं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को नई एंबुलेंस भी मिल गईं वहीं अब परिवहन व्यवस्था बहाल होने के कारण यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है। जिस कारण बसों की जरूरत भी बढ़ गई है। कैथल से कलायत, राजौंद व गुहला-चीका रूटों पर केवल महिलाओं के लिए इन बसों को चलाया जाना है। जिससे स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।
डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि मिनी बसों को डिपो में वापसी के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है। डिपो में इस समय बसों की भारी कमी है जिससे यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. शैलेंद्र मंमगाई शैली ने कहा कि रोडवेज के डिपो महाप्रबंधक की ओर से विभाग के पास पत्र आया था। रोडवेज विभाग को अगर बसों की जरूरत है तो वापस भेज दी जाएंगी। अगर स्वास्थ्य विभाग को दोबारा बसों की जरूरत हुई तो फिर से आग्रह कर वापस ले लिया जाएगा।
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कोरोना की दूसरी लहर के चलते मई महीने में सरकार के निर्देशानुसार रोडवेज की बसों को एंबुलेंस में तब्दील करने का फैसला लिया। जिले में पांच मिनी बसों को एंबुलेंस में तब्दील कर स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया। ये बसें कोरोना संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने में मददगार साबित हुईं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को नई एंबुलेंस भी मिल गईं वहीं अब परिवहन व्यवस्था बहाल होने के कारण यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है। जिस कारण बसों की जरूरत भी बढ़ गई है। कैथल से कलायत, राजौंद व गुहला-चीका रूटों पर केवल महिलाओं के लिए इन बसों को चलाया जाना है। जिससे स्कूल-कॉलेज की छात्राओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।
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डिपो महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि मिनी बसों को डिपो में वापसी के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है। डिपो में इस समय बसों की भारी कमी है जिससे यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. शैलेंद्र मंमगाई शैली ने कहा कि रोडवेज के डिपो महाप्रबंधक की ओर से विभाग के पास पत्र आया था। रोडवेज विभाग को अगर बसों की जरूरत है तो वापस भेज दी जाएंगी। अगर स्वास्थ्य विभाग को दोबारा बसों की जरूरत हुई तो फिर से आग्रह कर वापस ले लिया जाएगा।