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24 घंटों में 92 एमएम बरसा पानी, शहर हुआ जलमग्न
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Havy Rain
- फोटो : Kaithal
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जिले भर में पिछले 24 घंटे में बरसे 92 एमएम पानी के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। जिससे राहगीरों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। शहर की निचली बस्तियों सहित मुख्य मार्ग अंबाला रोड, भगत सिंह चौक, पिहोवा चौक व अनाज मंडी में पानी जमा गया गया। वहीं बरसात से धान की फसल को फायदा व नुकसान दोनों हैं।
सोमवार को रात करीब 10 बजे तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई। कभी तेज तो कभी हल्की बरसात हुई। मंगलवार को सुबह आठ बजे तक 20 एमएम पानी बरसा, वहीं सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक 72 एमएम बरसात हुई। इससे खेत भी जलमग्न हो गए। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में पहले से ज्यादा पानी था, वहां फसल को नुकसान है। जिन किसानों के पास अपने संसाधन नहीं हैं, उनके लिए बरसात लाभकारी होगी।
11 करोड़ से चला रहा बरसाती पानी निकासी का प्रोजेक्ट
शहर में अमृत योजना के तहत 11 करोड़ रुपये से बरसाती पानी निकासी की पाइपलाइन लिफ्टिंग पंप व अन्य उपाय किए जा रहे हैं। यह बजट सितंबर 2020 में पूरा होना है। इसके पूरा न होने से शहर में जलभराव की स्थिति बन रही है। एमई राजकुमार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पानी निकासी में परेशानी नहीं आएगी।
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लघु सचिवालय में बारिश होने से अधिक पानी जमा हो गया। इससे लोगों पानी से होकर ही जाना पड़ा। सचिवालय के गेट पर इतना पानी जमा हो गया कि लोगों से पैदल भी नहीं निकला जा रहा था। जो लोग सचिवालय के मेन गेट के अंदर थे उन्हें गेट से बाहर आने के लिए कडी मशकक्त करनी पड़ी। शहर को सबसे व्यस्त पिहोवा चौक पर बारिश के पानी कि निकासी न होने से इतना पानी जमा हो गया कि पुलिस कर्मचारियों को ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए अपनी पेंट घुटनों तक चढ़ाकर ट्रैफिक कंट्रोल करनी पड़ी। वहीं पिहोवा चौक स्थित राजीव गांधी बिजली बोर्ड के गेट के बाहर बाइक व कार का आधा हिस्सा तक डूब गया है। निगम के अंदर जाने का भी रास्ता नहीं बचा है। अंबाला रोड स्थित छोटू राम चौक से विश्वकर्मा चौक तक तो बाढ़ जैसे हालात हो गए। सड़क पर दोनों ओर लगभग दो दो फीट से भी अधिक पानी होने से लोगों को आने जाने में कठिनाई हुई। ट्रक, कार, ट्रैक्टर वाहन चालकों ने तेजी से चलाते हुए दो पहिया वाहन चालकों और पैदल जाने वाले लोगों की समस्या बढ़ा दी। माता गेट रोड पर पूरी सड़क बारिश से जलमग्न हो गया। कई दुकानों में भी पानी घुस गया। दुकानदारों ने काफी मशकक्त से जमा पानी को डिब्बों व बाल्टी से बाहर निकालते नजर आए। रेलवे अंडर ब्रिज का कार्य प्रगति पर चल रहा है। लेकिन अब भी बारिश होने से लगभग छह फीट तक पानी जमा हो गया। कार्य प्रगति पर होने से वहां से कोई साधन नहीं गुजरता। इस समय बरसाती पानी की निकासी के लिए अंडर ब्रिज पर छत का निर्माण किया जा रहा है। इससे बरसात के जमा होने वाले पानी से निजात मिलेगी। करनाल रोड स्थित एसबीआई बैंक के पास करीब तीन फीट पानी होने से लोगों को बैंक में आने जाने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। बैंक व एटीएम में जाने के लिए लोगों को पानी से होकर निकला पड़ा। बारिश का पानी अधिक जमा होने से लोगों को नीचे की जमीन नहीं दिख रही थी, जिस कारण ऊंचे व नीचे पांव रखे जाने से कई लोगों को चाटिल भी होना पड़ा। शहरवासी सुखबीर ने बताया कि वह काम पर जा रहा था। पूरे शहर शहर में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए है। वह बाइक पर काठमंडी रोड से निकल रहा था। बाइक के साइलेंसर में पानी घुसने से बीच में बंद हो गई। इससे उसको पानी के बीच में ही उतरकर बाइक को हाथों से खींचकर लाना पड़ा। शहरवासी पवन कुमार ने बताया कि उसकी दुकान में पानी जमा होने से सारा काम अस्त व्यस्त हो गया है। दुकान से पानी बड़ी मशकक्त के बाद डिब्बों व बाल्टियों से निकाला। प्रशासन ने एक बार भी यहां आकर लोगों की समस्या को नहीं जाना। हर बारिश में ऐसा ही होता है। उन्होंने प्रशासन से पानी की निकासी का जल्द समाधान करने की अपील की है।
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सोमवार को रात करीब 10 बजे तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई। कभी तेज तो कभी हल्की बरसात हुई। मंगलवार को सुबह आठ बजे तक 20 एमएम पानी बरसा, वहीं सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक 72 एमएम बरसात हुई। इससे खेत भी जलमग्न हो गए। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में पहले से ज्यादा पानी था, वहां फसल को नुकसान है। जिन किसानों के पास अपने संसाधन नहीं हैं, उनके लिए बरसात लाभकारी होगी।
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11 करोड़ से चला रहा बरसाती पानी निकासी का प्रोजेक्ट
शहर में अमृत योजना के तहत 11 करोड़ रुपये से बरसाती पानी निकासी की पाइपलाइन लिफ्टिंग पंप व अन्य उपाय किए जा रहे हैं। यह बजट सितंबर 2020 में पूरा होना है। इसके पूरा न होने से शहर में जलभराव की स्थिति बन रही है। एमई राजकुमार का कहना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद पानी निकासी में परेशानी नहीं आएगी।
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लघु सचिवालय में बारिश होने से अधिक पानी जमा हो गया। इससे लोगों पानी से होकर ही जाना पड़ा। सचिवालय के गेट पर इतना पानी जमा हो गया कि लोगों से पैदल भी नहीं निकला जा रहा था। जो लोग सचिवालय के मेन गेट के अंदर थे उन्हें गेट से बाहर आने के लिए कडी मशकक्त करनी पड़ी। शहर को सबसे व्यस्त पिहोवा चौक पर बारिश के पानी कि निकासी न होने से इतना पानी जमा हो गया कि पुलिस कर्मचारियों को ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए अपनी पेंट घुटनों तक चढ़ाकर ट्रैफिक कंट्रोल करनी पड़ी। वहीं पिहोवा चौक स्थित राजीव गांधी बिजली बोर्ड के गेट के बाहर बाइक व कार का आधा हिस्सा तक डूब गया है। निगम के अंदर जाने का भी रास्ता नहीं बचा है। अंबाला रोड स्थित छोटू राम चौक से विश्वकर्मा चौक तक तो बाढ़ जैसे हालात हो गए। सड़क पर दोनों ओर लगभग दो दो फीट से भी अधिक पानी होने से लोगों को आने जाने में कठिनाई हुई। ट्रक, कार, ट्रैक्टर वाहन चालकों ने तेजी से चलाते हुए दो पहिया वाहन चालकों और पैदल जाने वाले लोगों की समस्या बढ़ा दी। माता गेट रोड पर पूरी सड़क बारिश से जलमग्न हो गया। कई दुकानों में भी पानी घुस गया। दुकानदारों ने काफी मशकक्त से जमा पानी को डिब्बों व बाल्टी से बाहर निकालते नजर आए। रेलवे अंडर ब्रिज का कार्य प्रगति पर चल रहा है। लेकिन अब भी बारिश होने से लगभग छह फीट तक पानी जमा हो गया। कार्य प्रगति पर होने से वहां से कोई साधन नहीं गुजरता। इस समय बरसाती पानी की निकासी के लिए अंडर ब्रिज पर छत का निर्माण किया जा रहा है। इससे बरसात के जमा होने वाले पानी से निजात मिलेगी। करनाल रोड स्थित एसबीआई बैंक के पास करीब तीन फीट पानी होने से लोगों को बैंक में आने जाने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। बैंक व एटीएम में जाने के लिए लोगों को पानी से होकर निकला पड़ा। बारिश का पानी अधिक जमा होने से लोगों को नीचे की जमीन नहीं दिख रही थी, जिस कारण ऊंचे व नीचे पांव रखे जाने से कई लोगों को चाटिल भी होना पड़ा। शहरवासी सुखबीर ने बताया कि वह काम पर जा रहा था। पूरे शहर शहर में बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए है। वह बाइक पर काठमंडी रोड से निकल रहा था। बाइक के साइलेंसर में पानी घुसने से बीच में बंद हो गई। इससे उसको पानी के बीच में ही उतरकर बाइक को हाथों से खींचकर लाना पड़ा। शहरवासी पवन कुमार ने बताया कि उसकी दुकान में पानी जमा होने से सारा काम अस्त व्यस्त हो गया है। दुकान से पानी बड़ी मशकक्त के बाद डिब्बों व बाल्टियों से निकाला। प्रशासन ने एक बार भी यहां आकर लोगों की समस्या को नहीं जाना। हर बारिश में ऐसा ही होता है। उन्होंने प्रशासन से पानी की निकासी का जल्द समाधान करने की अपील की है।

Havy Rain- फोटो : Kaithal

Havy Rain- फोटो : Kaithal

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