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Kaithal News: दादी सती स्थल पर हवन और भंडारा, 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद
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मेले में पहुंचे हुए श्रद्धालु। विज्ञप्ति
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पाई। गांव करोड़ा स्थित दादी सती स्थल पर बुधवार को वार्षिक मेला, हवन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दादी सती ट्रस्ट के प्रधान सत्यवान और मंदिर के पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि दादी सती स्थल पर हर वर्ष भादव कृष्ण पक्ष पंचमी के अवसर पर धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
मेले और भंडारे में करीब 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और दादी सती के दरबार में अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मंगलवार रात विशाल जागरण आयोजित किया गया जिसमें गायक रामधन ने दादी सती का गुणगान किया। इसके बाद बुधवार सुबह हवन, भंडारे और मेले का आयोजन हुआ।
हवन और भंडारे में सत्यवान, जगदीश, महिपाल, दिलबाग, संजीव, मोहन, पप्पू, रामनाथ, गंगाराम, कर्म सिंह, जोगी राम, भानू राम, रतन राम, चुड़िया राम, हरिचंद, माया राम, नानू राम और रोशन लाल सहित अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों के अनुसार कई सदियों पहले करोड़ा गांव के एक युवक का रिश्ता बिठमड़ा गांव की युवती से तय हुआ था। युवक पास के जंगल में भैंसें चराने गया था, जहां उसे सांप ने काट लिया और उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि युवती को रात में सपने के माध्यम से पति की मृत्यु का आभास हुआ। वह परिजनों और ग्रामीणों के साथ जंगल पहुंची तो युवक का शव वहां मिला। ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार इसके बाद युवती ने पति की चिता के साथ अग्नि में प्रवेश कर लिया और सती के रूप में उनकी पूजा की जाने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ा गांव के लोग भले ही कहीं भी रहते हों लेकिन भादव कृष्ण पक्ष पंचमी के दिन सती दादी के मंदिर में पूजा करने जरूर पहुंचते हैं।
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मेले और भंडारे में करीब 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और दादी सती के दरबार में अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है। मंगलवार रात विशाल जागरण आयोजित किया गया जिसमें गायक रामधन ने दादी सती का गुणगान किया। इसके बाद बुधवार सुबह हवन, भंडारे और मेले का आयोजन हुआ।
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हवन और भंडारे में सत्यवान, जगदीश, महिपाल, दिलबाग, संजीव, मोहन, पप्पू, रामनाथ, गंगाराम, कर्म सिंह, जोगी राम, भानू राम, रतन राम, चुड़िया राम, हरिचंद, माया राम, नानू राम और रोशन लाल सहित अनेक ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों के अनुसार कई सदियों पहले करोड़ा गांव के एक युवक का रिश्ता बिठमड़ा गांव की युवती से तय हुआ था। युवक पास के जंगल में भैंसें चराने गया था, जहां उसे सांप ने काट लिया और उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि युवती को रात में सपने के माध्यम से पति की मृत्यु का आभास हुआ। वह परिजनों और ग्रामीणों के साथ जंगल पहुंची तो युवक का शव वहां मिला। ग्रामीणों की मान्यता के अनुसार इसके बाद युवती ने पति की चिता के साथ अग्नि में प्रवेश कर लिया और सती के रूप में उनकी पूजा की जाने लगी। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ा गांव के लोग भले ही कहीं भी रहते हों लेकिन भादव कृष्ण पक्ष पंचमी के दिन सती दादी के मंदिर में पूजा करने जरूर पहुंचते हैं।

मेले में पहुंचे हुए श्रद्धालु। विज्ञप्ति
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