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Kaithal News: हजारों बेटियों को सिखा चुकीं आत्मरक्षा के गुर
Mon, 26 Jan 2026 02:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:35 AM IST
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कैथल। बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं है। इसी की एक मिशाल पेश कर रही है कैथल के पुलिस विभाग की समन ब्रांच में बतौर इंचार्ज कार्यरत पुलिस उप निरीक्षक रेखा रानी ने पुलिस के सेवा,सुरक्षा और सहयोग की राह पर चलते हुए उन्होंने न केवल अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है, बल्कि हजारों बेटियों को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए हैं।
वर्ष 1983 में गांव करसिंधू जिला जींद में एक साधारण परिवार में जन्मी रेखा रानी के पिता राजमिस्त्री पिता का वर्ष 2003 में निधन हो गया था। उस समय वह पीटीआई का कोर्स कर रहीं थी। तीन बहनें व एक भाई भी बढ़ाई कर रहा था। रेखा को कोर्स बीच में छोड़ना पड़ा था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत के दम पर 2003 में सिपाही के पद पर भर्ती हुई।
इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी मां का सहारा बनीं। भाई और बहनों के लिए पिता की भूमिका निभाते हुए उनकी पढ़ाई पूरी करवाई। इसी बीच रेखा ने अपनी स्नातक की डिग्री भी की। रेखा का कहना है कि वे साधारण परिवार से संबंध रखती है। घर से ड्यूटी के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि कहीं न कहीं मनचलों की हरकतें महिलाओं को परेशान करने में ज्यादा है। संवाद
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वर्ष 1983 में गांव करसिंधू जिला जींद में एक साधारण परिवार में जन्मी रेखा रानी के पिता राजमिस्त्री पिता का वर्ष 2003 में निधन हो गया था। उस समय वह पीटीआई का कोर्स कर रहीं थी। तीन बहनें व एक भाई भी बढ़ाई कर रहा था। रेखा को कोर्स बीच में छोड़ना पड़ा था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत के दम पर 2003 में सिपाही के पद पर भर्ती हुई।
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इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी मां का सहारा बनीं। भाई और बहनों के लिए पिता की भूमिका निभाते हुए उनकी पढ़ाई पूरी करवाई। इसी बीच रेखा ने अपनी स्नातक की डिग्री भी की। रेखा का कहना है कि वे साधारण परिवार से संबंध रखती है। घर से ड्यूटी के दौरान उन्होंने यह महसूस किया कि कहीं न कहीं मनचलों की हरकतें महिलाओं को परेशान करने में ज्यादा है। संवाद
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