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हार्दिक जिंदल ने नीट में पाई 417वीं रैंक, जिले में किया टॉप
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Hardik Jindal got 417th rank in NEET, topped in the district
- फोटो : Kaithal
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नीट (एमबीबीएस 2021) की परीक्षा परिणाम में हार्दिक जिंदल ने आल इंडिया 417 रैंक हासिल कर कैथल में टॉप किया। हार्दिक परीक्षा में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी एनटीए के नीट यूजी-2021 के जारी परिणाम में हरियाणा के होनहारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
हार्दिक जिंदल ने नीट की में 720 में से 690 अंक हासिल किए। देशभर में 417 रैंक और आल इंडिया जनरल कैटेगरी में 283 रैंक प्राप्त की। 10वीं की सीबीएसई परीक्षा में भी हार्दिक ने कैथल जिले में टॉप किया था। हार्दिक ने बताया कि उनके पिता डॉ. अनिल जिंदल आरकेएसडी कॉलेज में प्रोफेसर एवं कैथल के एक सफल उद्योगपति भी हैं। माता रितु जिंदल गृहिणी है। हार्दिक ने बताया कि उसका बचपन से ही एक सफल डॉक्टर बनने का सपना है। जिसके चलते उसने नौवीं कक्षा से ही नीट की तैयारी शुरू कर दी थी। परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली के एक नामी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहता है। हार्दिक ने कहा कि वह एक सफल कार्डियक सर्जन बनना चाहता है।
हार्दिक के पिता डा. अनिल जिंदल ने बताया कि उन्होंने उनके बेटे हार्दिक जिंदल पर किसी भी काम को लेकर इस पर दबाव नहीं बनाया। अनिल ने बताया कि उनके पिता व माता सावित्री जिंदल उन्हें डाक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन वह उनका सपना पूरा नहीं कर पाए। परंतु हार्दिक ने अच्छा रैंक पाकर एमबीबीएस के लिए अपनी सीट सुनिश्चित करके अपने दादाजी व दादी जी का सपना पूरा किया है। हार्दिक की माता रितु जिंदल ने बताया कि हार्दिक को बचपन से ही पढ़ने का बहुत शौक रहा है। वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करता है। यह उसकी दिनचर्या में शामिल था। वह अपना जो भी काम करता था पूरी मेहनत और लगन के साथ करता था। अब उसकी मेहनत रंग लाई है और उनका सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
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हार्दिक जिंदल ने नीट की में 720 में से 690 अंक हासिल किए। देशभर में 417 रैंक और आल इंडिया जनरल कैटेगरी में 283 रैंक प्राप्त की। 10वीं की सीबीएसई परीक्षा में भी हार्दिक ने कैथल जिले में टॉप किया था। हार्दिक ने बताया कि उनके पिता डॉ. अनिल जिंदल आरकेएसडी कॉलेज में प्रोफेसर एवं कैथल के एक सफल उद्योगपति भी हैं। माता रितु जिंदल गृहिणी है। हार्दिक ने बताया कि उसका बचपन से ही एक सफल डॉक्टर बनने का सपना है। जिसके चलते उसने नौवीं कक्षा से ही नीट की तैयारी शुरू कर दी थी। परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली के एक नामी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहता है। हार्दिक ने कहा कि वह एक सफल कार्डियक सर्जन बनना चाहता है।
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हार्दिक के पिता डा. अनिल जिंदल ने बताया कि उन्होंने उनके बेटे हार्दिक जिंदल पर किसी भी काम को लेकर इस पर दबाव नहीं बनाया। अनिल ने बताया कि उनके पिता व माता सावित्री जिंदल उन्हें डाक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन वह उनका सपना पूरा नहीं कर पाए। परंतु हार्दिक ने अच्छा रैंक पाकर एमबीबीएस के लिए अपनी सीट सुनिश्चित करके अपने दादाजी व दादी जी का सपना पूरा किया है। हार्दिक की माता रितु जिंदल ने बताया कि हार्दिक को बचपन से ही पढ़ने का बहुत शौक रहा है। वह प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करता है। यह उसकी दिनचर्या में शामिल था। वह अपना जो भी काम करता था पूरी मेहनत और लगन के साथ करता था। अब उसकी मेहनत रंग लाई है और उनका सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
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