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कैथल: विद्यार्थियों को पढ़ाने के समय गुरुजी नहीं मार सकेंगे फरलो
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कैथल। स्कूलों में धूल फांक रही बायोमीट्रिक मशीन की अब विभाग को फिर याद आ गई है। विभाग ने इन मशीनों को ठीक करवाकर चालू हालत में रखने को कहा है ताकि कोई अध्यापक विद्यार्थियों को पढ़ाने के समय में फरलो न मार सके। शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र जारी कर बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शिक्षकों को स्कूलों में आने और जाने के समय बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों को गैरहाजिर माना जाएगा।
गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2017-18 में विभाग ने बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए स्कूलों में मशीनें लगवाई थी। उस समय बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू तो की गई, लेकिन कोरोना काल में यह व्यवस्था बंद हो गई थी। अब विभाग ने एक बार फिर इसे शुरू करवाने का निर्णय लिया है। विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने भी इसे लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में स्टाफ भी नियमों का पालन करे।
फिलहाल ज्यादातर स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने की मशीनें बंद पड़ी हैं। कई जगह तो इन्हें खराब होने के बाद ठीक तक नहीं करवाया गया है। जहां ये मशीनें चालू हालात में हैं, वहां भी इनका पूर्ण रूप से प्रयोग नहीं हो रहा। इनका पूर्ण प्रयोग होने से कोई भी शिक्षक या कर्मचारी तभी हाजिर माना जाएगा, जब बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएगा।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि विभाग की ओर से इस संबंध में पत्र आया है। सभी स्कूलों के स्टाफ के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। अनदेखी करने वाले कर्मचारी किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेवार माने जाएंगे।
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गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2017-18 में विभाग ने बायोमीट्रिक हाजिरी के लिए स्कूलों में मशीनें लगवाई थी। उस समय बायोमीट्रिक हाजिरी शुरू तो की गई, लेकिन कोरोना काल में यह व्यवस्था बंद हो गई थी। अब विभाग ने एक बार फिर इसे शुरू करवाने का निर्णय लिया है। विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने भी इसे लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में स्टाफ भी नियमों का पालन करे।
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फिलहाल ज्यादातर स्कूलों में बायोमीट्रिक हाजिरी लगाने की मशीनें बंद पड़ी हैं। कई जगह तो इन्हें खराब होने के बाद ठीक तक नहीं करवाया गया है। जहां ये मशीनें चालू हालात में हैं, वहां भी इनका पूर्ण रूप से प्रयोग नहीं हो रहा। इनका पूर्ण प्रयोग होने से कोई भी शिक्षक या कर्मचारी तभी हाजिर माना जाएगा, जब बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएगा।
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि विभाग की ओर से इस संबंध में पत्र आया है। सभी स्कूलों के स्टाफ के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। अनदेखी करने वाले कर्मचारी किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई के लिए स्वयं जिम्मेवार माने जाएंगे।