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गन्ना उत्पादन की नई तकनीक अपनाने पर पांच हजार तक का अनुदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 01:42 AM IST
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Grant of up to five thousand for adopting new technology of sugarcane production
03-कैथल। गन्ने के खेत में दौरा करते हुए कृषि अधिकारी। - फोटो : Kaithal
कैथल। टेक्नोलॉजी मिशन ऑन शुगर केन स्कीम के तहत नई तकनीकी का प्रयोग कर गन्ने की फसल लगाने वाले किसानों को 500 से पांच हजार रुपये तक अनुदान राशि दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए 31अक्टूबर तक किसानों को आवेदन करना होगा। विभाग ने यह योजना गन्ने के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए लागू की है।
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जानकारी के अनुसार इस विधि में किसान को अपने खेत में चार फीट लाइन से लाइन की दूरी में गन्ने की बिजाई और गन्ने के बीच में दूसरी फसल गेहूं, सरसों, चना व सब्जियां उगानी होगी। इस विधि से बिजाई करने वाले किसान को प्रति एकड़ 3600 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। दूसरी ओर कोई किसान चार फुट लाइन से लाइन की दूरी में गन्ने की बिजाई करेगा और इसमें अन्य फसलें नहीं उगाएगा तो उसे प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके अलावा गन्ने से उतरने वाली पत्ती को न जलाने वाले किसानों को भी 500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। ट्रैस मलचिंग विधि के तहत किसानों को गन्ने से उतरने वाली पत्ती को जलाना नहीं होगा, उसे खेत में ही बिछाना है। पाती गल जाने के बाद भूमि की उपजाऊ शक्ति और फसल की
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पैदावार भी बढ़ेगी।
बीज नर्सरी लगाने पर 5000 मिलेगा अनुदान
इसी स्कीम के तहत बीज नर्सरी लगाने के लिए विभाग 5000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान सहायता राशि किसानों को देगा। किसानों द्वारा बीज नर्सरी के लिए प्रयोग में लाया गया गन्ने का बीज मोइस्ट होट एयर तथा फफूंदीनाशक से उपचारित किया जाना आवश्यक है। किसानों द्वारा उक्त नर्सरी के लिए गन्ने की बिजाई क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिक या सहायक गन्ना विकास अधिकारी की उपस्थिति में की जाएगी। विभाग की तरफ से 800 एकड़ में गन्ना उगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
किसानों को इस स्कीम का लाभ लेने के लिए सबसे पहले किसी भी अटल सेवा केंद्र पर जाकर एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसमें कृषि सामग्री का बिल, किराये पर ली हुई मशीन का बिल, दवाइयों का बिल, आधार कार्ड व बैंक अकाउंट कॉपी की प्रति अपलोड करनी होगी।

सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने बताया कि टेक्नोलॉजी मिशन ऑन शुगरकैन स्कीम के तहत किसानों को 500 से लेकर 5000 रुपये तक अनुदान राशि दी जाएगी। किसान पहले आओ, पहले पाओ के तहत इसका लाभ उठाएं। नई तकनीक अपना के किसान ज्यादा उपज तो ले ही सकते है। इसके अलावा गन्ने को कीड़े व बीमारियों से भी बचा कर उन पर होने वाले खर्च को कम करके पैसे बचा सकते है।
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