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Kaithal News: अनाज मंडी को समस्याओं ने घेरा, जिम्मेदार बेपरवाह
Sat, 14 Sep 2024 03:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 14 Sep 2024 03:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। धान का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन नई अनाज मंडी में समस्याओं का अंबार लगा है लेकिन यहां के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान न किया गया उनको भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
मंडी के आढ़ती राजेंद्र, विजय, अशोक, मुकेश, राम रतन, रामकुमार आदि ने बताया कि मंडी में कुछ समय पूर्व सीवरेज बिछाने के लिए खोदाई का कार्य शुरू किया था, जो इस समय कछुआ चाल से किया जा रहा है। बारिश होने पर कई बार तो कार्य बंद भी कर दिया जाता है। जगह-जगह कीचड़ से स्थिति नारकीय बन गई है।
मंडी के अंदर सभी जगह से सड़कों पर मिट्टी है और थोड़ी सी बारिश के बाद हालात बहुत खराब हो जाते हैं। सीवर डालने के बाद उखाड़ी गई सड़क को दोबारा नहीं बनाया गया।
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मंडी में इस समय धान का सीजन शुरू हो चुका है। मंडी के अंदर इस समय लगभग पांच से सात हजार बोरी धान की आवक जारी है। यदि बारिश न हुई तो जल्द ही मंडी किसानों की धान से भर जाएगी। मंडी में फीड पर किसानों की धान डालने के लिए ट्रालियों को उखाड़ी हुई जगह से गुजरना पड़ेगा और ऐसी हालत में ट्रालियां मंडी में धंस सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इतना ही नहींलदान के समय ट्रक भी इसमें धंसने की आशंका है। मंडी में जहां पर मिट्टी पड़ी हुई है, वहां जंगली घास भी उग गई है। उन्होंने बताया कि कमेटी सचिव बसाऊ राम को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है, पर नतीजा सिफर है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि विभाग के एक्सईएन व एसडीओ को कहा हुआ है और जल्दी ही यह समस्या दूर हो जाए।
मंडी प्रधान रामकुमार ने बताया कि वे इस बारे में कमेटी सचिव के एक्सईएन व एस डी ओ से कई बार मिल चुके है और इस समस्या से अवगत करवा चुके है।
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कैथल। धान का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन नई अनाज मंडी में समस्याओं का अंबार लगा है लेकिन यहां के अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान न किया गया उनको भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
मंडी के आढ़ती राजेंद्र, विजय, अशोक, मुकेश, राम रतन, रामकुमार आदि ने बताया कि मंडी में कुछ समय पूर्व सीवरेज बिछाने के लिए खोदाई का कार्य शुरू किया था, जो इस समय कछुआ चाल से किया जा रहा है। बारिश होने पर कई बार तो कार्य बंद भी कर दिया जाता है। जगह-जगह कीचड़ से स्थिति नारकीय बन गई है।
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मंडी के अंदर सभी जगह से सड़कों पर मिट्टी है और थोड़ी सी बारिश के बाद हालात बहुत खराब हो जाते हैं। सीवर डालने के बाद उखाड़ी गई सड़क को दोबारा नहीं बनाया गया।
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मंडी में इस समय धान का सीजन शुरू हो चुका है। मंडी के अंदर इस समय लगभग पांच से सात हजार बोरी धान की आवक जारी है। यदि बारिश न हुई तो जल्द ही मंडी किसानों की धान से भर जाएगी। मंडी में फीड पर किसानों की धान डालने के लिए ट्रालियों को उखाड़ी हुई जगह से गुजरना पड़ेगा और ऐसी हालत में ट्रालियां मंडी में धंस सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इतना ही नहींलदान के समय ट्रक भी इसमें धंसने की आशंका है। मंडी में जहां पर मिट्टी पड़ी हुई है, वहां जंगली घास भी उग गई है। उन्होंने बताया कि कमेटी सचिव बसाऊ राम को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है, पर नतीजा सिफर है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि विभाग के एक्सईएन व एसडीओ को कहा हुआ है और जल्दी ही यह समस्या दूर हो जाए।
मंडी प्रधान रामकुमार ने बताया कि वे इस बारे में कमेटी सचिव के एक्सईएन व एस डी ओ से कई बार मिल चुके है और इस समस्या से अवगत करवा चुके है।