फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   God is hungry only for devotion: Shyam Sundar

भगवान केवल श्रद्धा के ही भूखे : श्याम सुंदर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2025 12:40 AM IST
विज्ञापन
God is hungry only for devotion: Shyam Sundar
कैथल। भारतीय परंपरा अनुसार ही पर्व त्योहार को श्रद्धा आस्था और धार्मिक रीति रिवाज अनुसार मनाया जाता है। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि श्रावण मास में आती है। 26 फरवरी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर गंगोत्री गोमुख हरिद्वार से कावड़िये पुण्यदायिनी पाप नाशिनी मां गंगा का जल लाकर शिवालियों में भगवान शंकर पर चढ़ाते हैं व पुण्य के भागी बनते हैं।
विज्ञापन

यह जानकारी शिक्षाविद संगीतज्ञ श्याम सुंदर गौड़ ने दी है। बताया कि महाशिव फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी वाले दिन मंदिरों में शिव आराधना की जाती है। गंगाजल, दूध, दही, बिलाव पत्थर, भांग धतूरा के द्वारा शिव अर्चन किया जाता है। श्रद्धालु स्त्री पुरुष और युवा व्रत रखते हैं। रात्रि के 12:00 बजे व्रत खोला जाता है।
विज्ञापन

इस दौरा अन्न का परित्याग करते हैं। फल दूध चाय फलाहार का प्रयोग करते हैं। कई स्थानों पर भांग धतूरा का भी सेवन किया जाता है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए। गौड़ ने बताया कि भगवान देवी देवता केवल श्रद्धा के ही भूखे हैं। आजकल श्रद्धा नहीं रही है। दिखावा आडंबर ज्यादा रह गया है। धक्का मुक्की से हानि ही उठानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़े-बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं के साथ दक्षिण के लिए अनुचित व्यवहार तथा मारपीट तक की जाती है, जो शोभनीय नहीं है। यह आस्तिक को नास्तिक बनाने का कारण भी बनती है। ईश्वर के लिए सभी समान है। इस दिन ही तपस्या से प्रसन्न होकर पर्वतराज हिमालय की बेटी पार्वती से भगवान शंकर का विवाह संपन्न हुआ था। आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद जिनका वास्तविक नाम मूल शंकर था को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

मूल शंकर से स्वामी दयानंद बने थे। इस दिन तीन बार मंदिरों में आरतियां की जाती हैं। शिव की सत्य है सुंदर एवं कल्याणकारी है। शिव मृत्यु के देवता हैं। 12 ज्योतिलिंर्गों के दर्शन से मन को शांति मिलती है। शिवलोक की प्राप्ति भी होती है। शिव पुराण में शिव के विषय में विशद वर्णन मिलता है। शुद्ध भावना कल्याण सम्मान नितांत परम आवश्यक है। भावना ही देखी जाती है आत्मा शुद्ध भक्ति भी इसी में छिपी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed