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गुस्साई छात्राओं ने स्कूल गेट पर जड़ा ताला
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Sat, 27 May 2017 12:03 AM IST
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स्कूल गेट को ताला जड़ दिया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड का दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम से नाराज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं व अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई छात्राओं व अभिभावकों ने एकत्रित हो स्कूल गेट को ताला जड़ दिया और हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। परीक्षा में कम अंक आने से गुस्साई छात्रा माफी ने तो अपना हाथ ही जला डाला।
स्कूल गेट पर ताला जड़ने वाली छात्रा पूजा, रिंपी ने कहा की नौवीं परीक्षा में सभी छात्र छात्राएं अच्छे अंको से पास हुई थी लेकिन दसवीं कक्षा में ना जाने उन्हें क्यों फेल कर दिया गया है। छात्राओं ने कहा कि उन्हें पूरे साल पढ़ाई की थी और परीक्षाएं भी अच्छी हुई थी। जिस प्रकार से उनके पेपर हुए थे उसके अनुसार कम से कम सत्तर प्रतिशत अंक आने चाहिए थे, लेकिन उन्हें कई पेपरों में पांच से सात नंबर ही दिए गए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है की उनके पेपरों की दोबारा से जांच करवाकर रिजल्ट बनाया जाये ताकि असलियत सामने आ सके। अभिभावक मदन लाल धीमान, रानी देवी ने बताया वे दिन भर मेहनत मजदूरी कर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाते है। लेकिन शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है।
स्कूल प्रिंसिपल सुखविंदर सिंह ने बच्चों को समझाकर बुझाकर कर गेट का ताला खुलवाया। प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करवाई थी, लेकिन समझ नहीं आया कि वे इस तरह से फेल कैसे हो गई। स्कूल में कुल 217 छात्र छात्राओं ने दसवीं की परीक्षा दी थी जिनमें से मात्र 39 बच्चे ही पास हो पाए हैं बाकी के178 बच्चे फेल हुए हैं। स्कूल का परीक्षा परिणाम 21.91 प्रतिशत रहा है।
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स्कूल गेट पर ताला जड़ने वाली छात्रा पूजा, रिंपी ने कहा की नौवीं परीक्षा में सभी छात्र छात्राएं अच्छे अंको से पास हुई थी लेकिन दसवीं कक्षा में ना जाने उन्हें क्यों फेल कर दिया गया है। छात्राओं ने कहा कि उन्हें पूरे साल पढ़ाई की थी और परीक्षाएं भी अच्छी हुई थी। जिस प्रकार से उनके पेपर हुए थे उसके अनुसार कम से कम सत्तर प्रतिशत अंक आने चाहिए थे, लेकिन उन्हें कई पेपरों में पांच से सात नंबर ही दिए गए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से मांग की है की उनके पेपरों की दोबारा से जांच करवाकर रिजल्ट बनाया जाये ताकि असलियत सामने आ सके। अभिभावक मदन लाल धीमान, रानी देवी ने बताया वे दिन भर मेहनत मजदूरी कर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाते है। लेकिन शिक्षा विभाग में बैठे अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है।
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स्कूल प्रिंसिपल सुखविंदर सिंह ने बच्चों को समझाकर बुझाकर कर गेट का ताला खुलवाया। प्रिंसिपल ने कहा कि स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा ग्रहण करवाई थी, लेकिन समझ नहीं आया कि वे इस तरह से फेल कैसे हो गई। स्कूल में कुल 217 छात्र छात्राओं ने दसवीं की परीक्षा दी थी जिनमें से मात्र 39 बच्चे ही पास हो पाए हैं बाकी के178 बच्चे फेल हुए हैं। स्कूल का परीक्षा परिणाम 21.91 प्रतिशत रहा है।
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