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Kaithal News: गुहला में घग्गर का पानी खतरे के निशान से ऊपर
Tue, 11 Jul 2023 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:28 AM IST
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गुहला-चीका/कैथल। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण व पहाड़ों से बाद गुहला-चीका क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोमवार देर शाम क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। रात 10 बजे तक नदी में 24 फीट तक पानी पहुंच चुका था।
खतरे का निशान 23 फीट पर है। बताया जा रहा है कि यदि पंचकूला, अंबाला और कैथल में बारिश न रुकी तो नदी किनारे बसे 18 से ज्यादा गांवों में बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। उधर, पोलड़ गांव से गुजर रही सरस्वती नदी भी उफान पर है। पिहोवा में अधिक बारिश होने से इस नदी में पानी बढ़ गया है।
रविवार शाम तक घग्गर नदी का पानी महज 10 फीट ही था लेकिन सोमवार को जिले में हुई 600 मिलीमीटर बारिश से घग्गर के जलस्तर में एकाएक वृद्धि हो गई। औसतन 86 एमएम बारिश का असर है कि घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक फीट ऊपर पहुंच चुका है।
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देर रात तक पटियाला की तरफ कई गांवों में पानी घुसने की की खबर थी। लोगों का कहना था कि बारिश न रुकी तो जल्द ही नदी का बढ़ता पानी रिंग बांध को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि ऐसी स्थिति पैदा हुई तो हलका गुहला के बोपुर, कमेहड़ी, गगड़पुर, अरनौली, छन्ना जट्टान, दाबा, चाबा, सरोला, भूंसला, खंबेहड़ा सहित दो दर्जन गांवों के साथ साथ पंजाब के भी आधा दर्जन गांवों के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी में पहाड़ों में बारिश होने के बाद पंचकूला व अंबाला से होकर गुजरता है। देर रात तक यदि पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश होती है तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। इस कारण लोगों में दहशत है। सोमवार को ही करीब आधा दर्जन गांवों के खेतों में घग्गर का पानी पहुंच गया है। वहीं, सिहाली व मोहनपुर गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं, विधायक सहित डीसी व अन्य अधिकारियों ने नदी के पास पहुंचकर निरीक्षण कर इसका जायजा लिया है। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए आगाह किया। डीसी जगदीश शर्मा ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में बाढ़ प्रबंधन विषय पर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी ने कहा कि निरंतर हो रही बरसात के कारण अगर किसी जगह जलभराव की समस्या होती है, तो संबंधित अधिकारी उसे तुरंत दूर करें।
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खतरे का निशान 23 फीट पर है। बताया जा रहा है कि यदि पंचकूला, अंबाला और कैथल में बारिश न रुकी तो नदी किनारे बसे 18 से ज्यादा गांवों में बाढ़ की स्थिति बन जाएगी। उधर, पोलड़ गांव से गुजर रही सरस्वती नदी भी उफान पर है। पिहोवा में अधिक बारिश होने से इस नदी में पानी बढ़ गया है।
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रविवार शाम तक घग्गर नदी का पानी महज 10 फीट ही था लेकिन सोमवार को जिले में हुई 600 मिलीमीटर बारिश से घग्गर के जलस्तर में एकाएक वृद्धि हो गई। औसतन 86 एमएम बारिश का असर है कि घग्गर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक फीट ऊपर पहुंच चुका है।
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देर रात तक पटियाला की तरफ कई गांवों में पानी घुसने की की खबर थी। लोगों का कहना था कि बारिश न रुकी तो जल्द ही नदी का बढ़ता पानी रिंग बांध को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि ऐसी स्थिति पैदा हुई तो हलका गुहला के बोपुर, कमेहड़ी, गगड़पुर, अरनौली, छन्ना जट्टान, दाबा, चाबा, सरोला, भूंसला, खंबेहड़ा सहित दो दर्जन गांवों के साथ साथ पंजाब के भी आधा दर्जन गांवों के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी में पहाड़ों में बारिश होने के बाद पंचकूला व अंबाला से होकर गुजरता है। देर रात तक यदि पहाड़ी क्षेत्रों में और अधिक बारिश होती है तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। इस कारण लोगों में दहशत है। सोमवार को ही करीब आधा दर्जन गांवों के खेतों में घग्गर का पानी पहुंच गया है। वहीं, सिहाली व मोहनपुर गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। वहीं, विधायक सहित डीसी व अन्य अधिकारियों ने नदी के पास पहुंचकर निरीक्षण कर इसका जायजा लिया है। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए आगाह किया। डीसी जगदीश शर्मा ने लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में बाढ़ प्रबंधन विषय पर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी ने कहा कि निरंतर हो रही बरसात के कारण अगर किसी जगह जलभराव की समस्या होती है, तो संबंधित अधिकारी उसे तुरंत दूर करें।