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Kaithal News: भगत सिंह चौक से रेलवे गेट तक सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
Wed, 18 Feb 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में विकास कार्यों के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। भगत सिंह चौक से लेकर रेलवे गेट तक की मुख्य सड़क इन दिनों गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन तथा बड़ी संख्या में पैदल यात्री गुजरते हैं। लेकिन जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों, उखड़ी हुई सड़क और फैली बजरी ने आवागमन को जोखिम भरा बना दिया है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। कई वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।
स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पिछले लगभग दो महीनों से सड़क की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से वे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
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राहगीर मनीष यादव ने कहा कि सड़क पर बिखरी बजरी और उखड़ी हुई परत के कारण पैदल चलना भी कठिन हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार फिसलने का डर बना रहता है, जिससे लोग इस मार्ग से गुजरने में संकोच करने लगे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सड़क की जर्जर हालत का सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ रहा है। दुकानदार महेश गोयल ने बताया कि धूल और उड़ती बजरी के कारण ग्राहकों को असुविधा होती है। कई ग्राहक यहां आने से कतराने लगे हैं। सड़क की ऊबड़-खाबड़ स्थिति के चलते वाहनों को पार्क करना भी मुश्किल हो गया है, जिससे बाजार की रौनक पर असर पड़ा है। दोपहिया वाहन चालक सोनू ने बताया कि रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। अपर्याप्त रोशनी के बीच गड्ढे दिखाई नहीं देते और अचानक ब्रेक लगाने की नौबत आ जाती है। इससे पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर मरम्मत के नाम पर कई बार केवल औपचारिकता निभाई गई है। पैचवर्क किया जाता है तो वह उखड़ जाता है।
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कैथल। शहर में विकास कार्यों के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। भगत सिंह चौक से लेकर रेलवे गेट तक की मुख्य सड़क इन दिनों गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन तथा बड़ी संख्या में पैदल यात्री गुजरते हैं। लेकिन जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों, उखड़ी हुई सड़क और फैली बजरी ने आवागमन को जोखिम भरा बना दिया है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। कई वाहन चालक असंतुलित होकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं।
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स्थानीय निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पिछले लगभग दो महीनों से सड़क की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से वे दिखाई नहीं देते और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
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राहगीर मनीष यादव ने कहा कि सड़क पर बिखरी बजरी और उखड़ी हुई परत के कारण पैदल चलना भी कठिन हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई बार फिसलने का डर बना रहता है, जिससे लोग इस मार्ग से गुजरने में संकोच करने लगे हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सड़क की जर्जर हालत का सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ रहा है। दुकानदार महेश गोयल ने बताया कि धूल और उड़ती बजरी के कारण ग्राहकों को असुविधा होती है। कई ग्राहक यहां आने से कतराने लगे हैं। सड़क की ऊबड़-खाबड़ स्थिति के चलते वाहनों को पार्क करना भी मुश्किल हो गया है, जिससे बाजार की रौनक पर असर पड़ा है। दोपहिया वाहन चालक सोनू ने बताया कि रात के समय स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। अपर्याप्त रोशनी के बीच गड्ढे दिखाई नहीं देते और अचानक ब्रेक लगाने की नौबत आ जाती है। इससे पीछे से आ रहे वाहनों से टक्कर का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर मरम्मत के नाम पर कई बार केवल औपचारिकता निभाई गई है। पैचवर्क किया जाता है तो वह उखड़ जाता है।